लाहौर में अजरबैजानी महिला से कथित गैंगरेप, पाकिस्तान में 8 महीनों में 1,180 यौन हिंसा के मामले
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में अजरबैजान की एक 20 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर गैंगरेप की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को गहरा धक्का पहुँचाया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह वारदात 26 सितंबर को रावींड के डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (DHA) इलाके में हुई। रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष के पहले आठ महीनों में लाहौर में यौन उत्पीड़न के 1,180 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस शिकायत के मुताबिक, बाकू (अजरबैजान) की रहने वाली यह महिला एक बिजनेस ट्रिप पर पाकिस्तान आई थी। उसे दो स्थानीय महिलाओं ने एक रेस्तरां में डिनर के लिए आमंत्रित किया था, जहाँ बाद में तीन पुरुष भी शामिल हो गए। पीड़िता का आरोप है कि उन पुरुषों ने उसे और दोनों महिलाओं को घर छोड़ने का झाँसा दिया, लेकिन उसे एक अनजान फ्लैट पर ले जाया गया।
पीड़िता के अनुसार, उसे कथित तौर पर नशीली दवा देकर बेहोश किया गया और तीन पुरुषों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद संदिग्धों ने उसका मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान भी छीन लिया। पीड़िता ने दावा किया कि वह संदिग्धों को उनके चेहरों से पहचान सकती है। ब्रिटेन के प्रमुख समाचार पत्र 'द इंडिपेंडेंट' ने इस घटना का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
यह ऐसे समय में आया है जब इसी DHA इलाके में इससे पहले भी विदेशी महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई में नीदरलैंड और वेनेजुएला की महिलाओं को इसी इलाके में अगवा कर उनके साथ दुष्कर्म किया गया था। पुलिस ने लगभग दो घंटे बाद उन्हें बचाया और इस अपराध में कथित संलिप्तता के संदेह में चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
रिपोर्टों के अनुसार, वे महिलाएँ मुख्य संदिग्ध माने जा रहे मुहम्मद रजा डार के बुलावे पर पाकिस्तान आई थीं। गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है — बल्कि यह एक बड़े और चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा प्रतीत होती है।
व्यापक संदर्भ: पाकिस्तान में महिला सुरक्षा की स्थिति
हाल की रिपोर्टों में कहा गया है कि पाकिस्तान में महिलाओं के विरुद्ध यौन हिंसा की बढ़ती घटनाएँ न केवल सामाजिक विफलता को, बल्कि सुरक्षा संस्थाओं की कमज़ोरी को भी उजागर करती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन अपराधों में शिक्षित और अशिक्षित, दोनों वर्गों के पुरुष संलिप्त पाए गए हैं, जो यौन उत्पीड़न, बलात्कार, यातना और हत्या जैसे संगीन अपराध करते हैं।
20 अगस्त को पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक 45 वर्षीय महिला अपने घर पर मृत पाई गई थी, जिसके शरीर पर यातना के निशान थे। ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशन 'पर्ल्स एंड इरिटेशन्स' की रिपोर्ट के अनुसार, उनके पति फैसल असगर इमाम — जो एक विश्वविद्यालय में मेडिकल प्रोफेसर हैं — को घरेलू हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की राह
अजरबैजानी महिला के साथ हुई कथित घटना ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा है और पाकिस्तान में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि जब तक पाकिस्तान में यौन हिंसा के मामलों में त्वरित न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी। पुलिस जाँच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।