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बांग्लादेश: बंगबंधु पुण्यतिथि पर चटगांव में 15 वकील गिरफ्तार, आतंक-रोधी कानून के दुरुपयोग पर मानवाधिकार संगठन का कड़ा विरोध

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बांग्लादेश: बंगबंधु पुण्यतिथि पर चटगांव में 15 वकील गिरफ्तार, आतंक-रोधी कानून के दुरुपयोग पर मानवाधिकार संगठन का कड़ा विरोध

सारांश

बांग्लादेश के चटगांव में बंगबंधु की पुण्यतिथि पर निजी प्रार्थना में शामिल 15 वकीलों को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया गया। मानवाधिकार संगठन जेएमबीएफ ने इसे कानून का बेजा इस्तेमाल बताते हुए संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय यूनियन से हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य बातें

चटगांव के डबल मूरिंग इलाके में 15 अगस्त को बंगबंधु पुण्यतिथि स्मृति सभा में शामिल 15 वकीलों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
गिरफ्तार वकीलों में 5 महिलाएँ शामिल थीं; अदालत ने रविवार दोपहर केवल उन्हें जमानत दी, शेष 10 वकील हिरासत में हैं।
पुलिस ने वकीलों पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया; सभी चटगांव जिला बार एसोसिएशन से जुड़े बताए गए।
मानवाधिकार संगठन जेएमबीएफ ने गिरफ्तारियों को 'मनमाना' बताया और संयुक्त राष्ट्र , यूरोपीय यूनियन व अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन से हस्तक्षेप की अपील की।
ढाका में भी एक व्यक्ति को मुजीबुर रहमान के चित्र पर श्रद्धांजलि देने पर आतंक-रोधी कानून के तहत जेल भेजा गया।

बांग्लादेश के चटगांव में 15 अगस्त को बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पुण्यतिथि पर एक निजी प्रार्थना और स्मृति सभा में शामिल हुए 15 वकीलों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन वकीलों पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की गई, जिसे एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने 'मनमाना और गंभीर रूप से चिंताजनक' करार दिया है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

बांग्लादेशी दैनिक प्रथोम आलो के अनुसार, पुलिस ने शनिवार रात चटगांव के डबल मूरिंग इलाके में एक निजी आवास पर छापा मारकर इन वकीलों को हिरासत में लिया। स्थानीय पुलिस स्टेशन के ओसी शाहीन आलम ने बताया कि गिरफ्तार वकील अवामी लीग के समर्थक और कार्यकर्ता हैं, और उन पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार 15 वकीलों में पाँच महिलाएँ भी शामिल थीं। ये सभी चटगांव जिला बार एसोसिएशन से जुड़े बताए गए। रविवार दोपहर अदालत ने 5 महिला वकीलों को जमानत दे दी, जबकि शेष 10 वकीलों को जमानत नहीं मिली।

मानवाधिकार संगठन की आपत्ति

मानवाधिकार संगठन जेएमबीएफ ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण और निजी स्मृति सभा पर आतंकवाद-रोधी कानून का प्रयोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा के अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के मूल अधिकारों का उल्लंघन है। संगठन ने कहा, 'वकीलों को हिंसा या आतंकवादी गतिविधि से संबंधित सबूत की कमी के बावजूद मनमाने तरीके से गिरफ्तार किया गया, जो सही प्रक्रिया और कानून के बेजा इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा करता है।'

संगठन के संस्थापक अध्यक्ष और मानवाधिकार वकील शाहनूर इस्लाम ने कहा, 'चटगांव में 15 वकीलों की गिरफ्तारी कोई पहला मामला नहीं है। यह बांग्लादेश में राजनीतिक गतिविधियों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के बेजा इस्तेमाल का एक स्थापित पैटर्न है। पिछली अंतरिम सरकार के दौरान यह चरम पर था, लेकिन वर्तमान सत्ता भी इसे रोकने में विफल रही है।'

ढाका में भी हिरासत, व्यापक राजनीतिक तनाव

यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में 15 अगस्त को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर था। ढाका में भी शेख मुजीबुर रहमान के चित्र पर श्रद्धांजलि देने पहुँचे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में उसके विरुद्ध आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। गौरतलब है कि 15 अगस्त 1975 को शेख मुजीबुर रहमान की उनके परिवार के कई सदस्यों सहित हत्या कर दी गई थी, और तब से यह तारीख बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में सबसे संवेदनशील दिनों में से एक बन गई है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील

जेएमबीएफ ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन, बांग्लादेश में स्थित विदेशी मिशनों और अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन सहित तमाम अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इन मामलों में हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन ने बांग्लादेशी अधिकारियों से गिरफ्तार वकीलों के अधिकारों का सम्मान करने और गिरफ्तारी की परिस्थितियों को सार्वजनिक करने की माँग की है।

आलोचकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बना, तो बांग्लादेश में कानूनी पेशेवरों और राजनीतिक असहमति को दबाने का यह सिलसिला जारी रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वही हथकंडे अपना रही है। जब वकीलों जैसे कानूनी संरक्षकों को ही कानून के हथियार से दबाया जाए, तो न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि बांग्लादेश में असहमति की यह कीमत और बढ़ेगी या नहीं।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में 15 वकीलों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
इन वकीलों को चटगांव के डबल मूरिंग इलाके में बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पुण्यतिथि पर आयोजित एक निजी प्रार्थना और स्मृति सभा में शामिल होने के कारण आतंकवाद निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार ये सभी अवामी लीग के समर्थक हैं।
गिरफ्तार वकीलों में से किसे जमानत मिली?
रविवार दोपहर अदालत ने 5 महिला वकीलों को जमानत दे दी, जबकि शेष 10 वकीलों को जमानत नहीं मिली और वे अभी भी हिरासत में हैं।
जेएमबीएफ कौन है और उसने क्या माँग की है?
जेएमबीएफ एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन है जिसके संस्थापक अध्यक्ष मानवाधिकार वकील शाहनूर इस्लाम हैं। संगठन ने इन गिरफ्तारियों को मनमाना बताते हुए संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन, बांग्लादेश में विदेशी मिशनों और अंतरराष्ट्रीय बार एसोसिएशन से हस्तक्षेप की अपील की है।
बांग्लादेश में 15 अगस्त इतना संवेदनशील दिन क्यों है?
15 अगस्त 1975 को बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की उनके परिवार के कई सदस्यों सहित हत्या कर दी गई थी। तब से यह तारीख बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास की सबसे संवेदनशील तिथियों में शामिल है और हर वर्ष इसे लेकर राजनीतिक तनाव देखा जाता है।
क्या बांग्लादेश में इस तरह की गिरफ्तारियाँ पहले भी हुई हैं?
जेएमबीएफ के संस्थापक अध्यक्ष शाहनूर इस्लाम के अनुसार यह कोई पहला मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बांग्लादेश में राजनीतिक गतिविधियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आतंक-रोधी कानून के बेजा इस्तेमाल का एक स्थापित पैटर्न है जो पिछली और वर्तमान दोनों सरकारों के दौर में जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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