क्या बांग्लादेश के बीएनपी की नई कैबिनेट में 70 प्रतिशत मंत्री कारोबारी पृष्ठभूमि के हैं?

Click to start listening
क्या बांग्लादेश के बीएनपी की नई कैबिनेट में 70 प्रतिशत मंत्री कारोबारी पृष्ठभूमि के हैं?

सारांश

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नई कैबिनेट में 70 प्रतिशत मंत्री व्यवसायी हैं। यहां जानें कि कैसे यह स्थिति देश के राजनीतिक एवं आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है। क्या यह देश की राजनीति में नए बदलाव की ओर इशारा करता है? जानें विस्तार से।

Key Takeaways

  • 70 प्रतिशत मंत्री व्यवसायी पृष्ठभूमि के हैं।
  • कैबिनेट में वकीलों की संख्या भी महत्वपूर्ण है।
  • बिजनेस और राजनीति के बीच हितों का टकराव हो सकता है।
  • बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना है।
  • 236 नए सांसद करोड़पति हैं।

ढाका, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जो कि तारिक रहमान की लीडरशिप में 13वें संसदीय चुनाव में विजयी हुई, की नई कैबिनेट में 70 प्रतिशत मंत्री व्यवसायी पृष्ठभूमि से हैं। स्थानीय मीडिया ने निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत हलफनामों की जानकारी देते हुए बताया कि 50 मंत्रियों और राज्य मंत्रियों में से 35 ने व्यवसाय को अपने पेशे के रूप में दर्शाया है। इस प्रकार, 70 प्रतिशत सदस्य व्यापारी पृष्ठभूमि के हैं।

बांग्लादेश के डेली अखबार ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, प्रधानमंत्री, मंत्रियों और राज्य मंत्रियों द्वारा प्रस्तुत हलफनामों के अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि 19 कैबिनेट मंत्रियों और 16 राज्य मंत्रियों ने स्वयं को व्यवसायी बताया है। इसके अतिरिक्त, वकील मंत्रिमंडल में दूसरा सबसे बड़ा पेशेवर समूह हैं, जबकि कुछ सदस्यों ने एक से अधिक पेशों का उल्लेख किया है। केवल दो कैबिनेट सदस्य, प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान तथा शिक्षा मंत्री एएनएम एहसानुल हक मिलन ने राजनीत‍ि को अपना पेशा बताया है। हालांक‍ि सभी अनुभवी राजनेता हैं।

इससे पहले 17 फरवरी को ढाका में नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में टेक्नोक्रेट कोटे के तहत नियुक्त दो मंत्रियों समेत 25 मंत्रियों ने शपथ ली।

इस बीच, भ्रष्टाचार निरोधक निगरानी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (टीआईबी) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इफ्तेखारुज्जमान ने कहा कि कैबिनेट में व्यवसायियों का वर्चस्व समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है।

उन्होंने कहा, 'यदि मंत्री कैबिनेट के निर्णयों और मंत्रालय की गतिविधियों में हितों के टकराव से ऊपर नहीं रहते हैं, तो उनकी स्थिति व्यवसाय के फायदों का जरिया बन सकती है। उन्हें ऐसे निर्णयों में भाग लेने से बचना चाहिए, जो उनके अपने व्यवसाय या क्षेत्र को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचा सकते हैं।'

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मानकों की अनदेखी प्रतिस्पर्धी बाजार व्यवस्था को कमजोर कर सकती है और इसके नकारात्मक परिणाम आम नागरिकों को भुगतने पड़ सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, व्यवसायियों का वर्चस्व केवल मंत्रिमंडल तक सीमित नहीं है। 13वें संसदीय चुनाव में निर्वाचित 300 सांसदों में से 174 (59 प्रतिशत) ने अपने पेशे के रूप में व्यवसाय घोषित किया है, जिनमें कम से कम 15 ऐसे हैं जो परिधान उद्योग से जुड़े हुए हैं।

बीएनपी ने 209 सीटें जीतीं, जिनमें उसके 145 विजयी उम्मीदवारों ने स्वयं को व्यवसायी बताया, जबकि 68 सीटें जीतने वाली जमात-ए-इस्लामी के 20 सांसद व्यवसायिक पृष्ठभूमि से हैं।

पिछले सप्ताह, ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, टीआईबी के शोधकर्ता मोहम्मद तौहीदुल इस्लाम ने 'तेरहवीं नेशनल पार्लियामेंट इलेक्शन प्रोसेस एंड एफिडेविट-बेस्ड ऑब्ज़र्वेशन' नामक एक अध्ययन पेश किया, जिसमें नए चुने गए संसद सदस्यों की सम्पत्ति, देनदारियों और पेशेवर स्थिति का विश्लेषण किया गया है।

बांग्लादेश के जाने-माने बंगाली अखबार बोनिक बार्टा के अनुसार, टीआईबी के निष्कर्षों के मुताबिक, 236 नए चुने गए सांसद करोड़पति हैं, जो कुल सांसदों का 79.46 प्रतिशत हैं, जिनमें से 13 अरबपति हैं।

आंकड़ों के अनुसार, बीएनपी के 189 सांसद करोड़पति हैं, जो पार्टी के नव-निर्वाचित सांसदों का 90.87 प्रतिशत है, जबकि जमात के 38 सांसद करोड़पति हैं, जो उसकी संसदीय ताकत का 55.07 प्रतिशत है।

-- राष्ट्र प्रेस

अर्पित याज्ञन‍िक/डीएससी

Point of View

यह आवश्यक है कि मंत्री अपने व्यवसायिक हितों से ऊपर उठकर निर्णय लें।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश की नई कैबिनेट में कितने मंत्री व्यवसायी हैं?
नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की नई कैबिनेट में 70 प्रतिशत मंत्री व्यवसायी पृष्ठभूमि से हैं।
क्या इससे देश की राजनीति पर असर पड़ेगा?
हां, व्यवसायियों की बढ़ती संख्या मंत्री पदों में हितों के टकराव की संभावनाएँ बढ़ा सकती है।
नेशनल पार्लियामेंट में व्यवसायियों का वर्चस्व क्यों है?
13वें संसदीय चुनाव में निर्वाचित सांसदों में से 59 प्रतिशत ने व्यवसाय को अपने पेशे के रूप में घोषित किया है।
Nation Press