बांग्लादेश: पूर्व मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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बांग्लादेश: पूर्व मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

सारांश

बांग्लादेश के न्यायालय में पूर्व मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया गया है। नए चीफ प्रॉसिक्यूटर अमीनुल इस्लाम ने अपने कार्यभार संभालते ही पुरानी अनियमितताओं की जांच का आश्वासन दिया है।

Key Takeaways

  • ताजुल इस्लाम पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के गंभीर आरोप।
  • अमीनुल इस्लाम ने नए चीफ प्रॉसिक्यूटर के रूप में कार्यभार संभाला।
  • वीडियो सबूत मौजूद होने का दावा।
  • सिस्टम में सुधार की आवश्यकता पर जोर।
  • बांग्लादेश की न्याय प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल।

ढाका, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के प्रॉसिक्यूटर (अभियोजक) बीएम सुल्तान महमूद ने ट्रिब्यूनल के पूर्व मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम और उनके सहयोगी गाजी मोनावर हुसैन तमीम पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ताजुल के नेतृत्व में एक सिंडिकेट ने चीफ प्रॉसिक्यूटर की कुर्सी को पैसे कमाने का माध्यम बना लिया।

बीएम सुल्तान के अनुसार, जुलाई २०२४ में हुई प्रदर्शनों के दौरान छह लोगों की हत्या और शव जलाने से जुड़े मामले में आरोपी अबजल की पत्नी तमीम के कमरे में गई थी। इस जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें ही डांट दिया गया। बाद में तमीम ने कई लोगों के सामने स्वीकार किया कि अबजल की पत्नी उनके कमरे में आई थी।

सुल्तान ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में सरकारी गवाहों के चयन और आरोपी बनाने में अनियमितताएं हुईं। उन्होंने वीडियो सबूत होने का भी दावा किया।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार के हवाले से बीएम सुल्तान महमूद ने कहा, "मुख्य अभियोजक ने केवल यह पूछा कि आरोपी की पत्नी उनके कमरे में क्यों गई थी। मामला वहीं समाप्त हो गया।"

सुल्तान ने आरोप लगाया कि आखिरी फैसले में बरी होने से पहले अबजल को बाद में सरकारी गवाह बना दिया गया था।

उन्होंने चंखरपुल मामले पर भी चिंता व्यक्त की, जहां जुलाई के प्रदर्शनों के दौरान कानून लागू करने वालों ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिससे कम से कम छह लोग मारे गए।

सुल्तान का दावा है कि एक वीडियो क्लिप में सब-इंस्पेक्टर अशरफुल को अन्य लोगों को गोली चलाने का आदेश देते हुए देखा गया, फिर भी उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बना दिया गया। उन्होंने कहा कि मेरे पास वह वीडियो है। जरूरत पड़ने पर कोई भी इसे देख सकता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जुलाई २०२४ के विरोध प्रदर्शनों के दौरान रंगपुर जिले में अबू सईद हत्या मामले से सहायक पुलिस आयुक्त अल इमरान हुसैन को कथित रूप से क्यों हटा दिया गया, जबकि कई गवाहों ने अदालत में इमरान को दोषी ठहराया था।

सुल्तान ने आगे आरोप लगाया कि पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को बिना किसी सही वजह के सरकारी गवाह बना दिया गया।

आरोपों का जवाब देते हुए सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ताजुल ने कहा, "ये निजी आरोप हैं, जिनके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हमने ऐसे दावों की जांच की है और वे पूरी तरह से झूठे हैं। अगर कोई निजी दुश्मनी से ऐसी कहानियां फैलाता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"

सोमवार को, अमीनुल इस्लाम ने आईसीटी के चीफ प्रॉसिक्यूटर का चार्ज औपचारिक रूप से संभाल लिया। उन्होंने ट्रिब्यूनल परिसर में जाने वाले चीफ प्रॉसिक्यूटर ताजुल से चार्ज लिया।

२०२४ में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद ताजुल को मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने आईसीटी का चीफ प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया था।

उनके कार्यकाल के दौरान कई मामलों में कथित प्रक्रियागत चूक और विवादास्पद फैसलों को लेकर न्यायाधिकरण वैश्विक जांच के दायरे में आ गया था।

Point of View

नई प्रॉसिक्यूशन टीम को पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

ताजुल इस्लाम पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
ताजुल इस्लाम पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का आरोप लगा है, जिसमें चीफ प्रॉसिक्यूटर की कुर्सी का दुरुपयोग शामिल है।
अमीनुल इस्लाम का नया कार्यभार क्या है?
अमीनुल इस्लाम ने नए चीफ प्रॉसिक्यूटर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है और उन्होंने पुरानी अनियमितताओं की जांच करने का आश्वासन दिया है।
क्या इस मामले में वीडियो सबूत हैं?
हाँ, सुल्तान ने वीडियो सबूत होने का दावा किया है जो आरोपों को समर्थन देता है।
इस मामले की जांच किस प्रकार की जाएगी?
नई प्रॉसिक्यूटर टीम के द्वारा पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी, जिससे सभी आरोपों का उचित समाधान हो सके।
क्या यह मामला बांग्लादेश की न्याय प्रणाली को प्रभावित करेगा?
जी हाँ, यह मामला बांग्लादेश की न्याय प्रणाली की छवि को प्रभावित कर सकता है और इसके सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है।
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