क्या बांग्लादेश में डेंगू से और मौतें होंगी? मृतकों की संख्या 200 तक पहुंची

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क्या बांग्लादेश में डेंगू से और मौतें होंगी? मृतकों की संख्या 200 तक पहुंची

सारांश

बांग्लादेश में डेंगू से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। क्या सरकार इस महामारी पर नियंत्रण पाने में सफल होगी? जानें इस विषय पर सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में डेंगू से 200 मौतें हो चुकी हैं।
  • अस्पतालों में 2,359 मरीज इलाज करा रहे हैं।
  • विशेष चिकित्सा टीमों का गठन किया गया है।
  • डेंगू और चिकनगुनिया मरीजों के इलाज के लिए बोर्ड बनाए जा रहे हैं।
  • मच्छर निवारण अभियान को प्राथमिकता दी गई है।

ढाका, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में डेंगू के चलते बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे 2025 में डेंगू से होने वाली मौतों की संख्या 200 तक पहुंच गई।

इस दौरान, वायरल बुखार के कारण 490 और मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिससे इस साल अब तक डेंगू के कुल मामलों की संख्या 47,832 हो गई है। यह जानकारी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) ने यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) को दी।

डीजीएचएस ने बताया कि नई मौतें ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन में हुई हैं। डीजीएचएस के अनुसार, सितंबर महीने में 76 लोगों की मौत डेंगू के कारण हुई और इसी दौरान 866 नए मामले दर्ज किए गए।

जानकारी के अनुसार, बारीसाल डिवीज़न में 138, ढाका डिवीज़न में 100, ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन में 78, ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन में 64, चटगांव डिवीज़न में 60, माइमेंसिंग डिवीज़न में 28 और रंगपुर डिवीज़न में 22 नए मामले आए।

वर्तमान में, बांग्लादेश के अस्पतालों में 2,359 मरीज इलाज करा रहे हैं। 2024 में डेंगू से कुल 575 लोगों की मौत हुई थी। डीजीएचएस ने बताया कि 2024 में डेंगू के 101,214 मामले और 100,040 रोगियों के स्वस्थ होने की रिपोर्ट मिली थी।

2023 में डेंगू से 1,705 लोगों की मौत हुई थी, जो अब तक का सबसे घातक वर्ष था।

डीजीएचएस ने 16 सितंबर को सार्वजनिक अस्पतालों में डेंगू मरीजों के इलाज को बेहतर बनाने के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के अनुसार, बांग्लादेश के सभी अस्पतालों में डेंगू के लिए अलग वार्ड और विशेषज्ञ चिकित्सा टीम बनाई जानी चाहिए। डीजीएचएस के निदेशक (अस्पताल और क्लिनिक) अबु हुसैन एमडी माइनुल अहसान ने यह आदेश जारी किया।

डीजीएचएस ने कहा कि अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। अस्पतालों को एनएस-1 टेस्ट, आपातकालीन देखभाल और पर्याप्त दवाइयों की सुविधा सुनिश्चित करनी होगी।

डेंगू के इलाज में लगे मरीजों को विशेष वार्ड या कमरे में रखा जाएगा और आईसीयू सपोर्ट की प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, डॉक्टरों और नर्सों को विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं।

निर्देश में डेंगू और चिकनगुनिया मरीजों के इलाज के लिए मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक बोर्ड बनाने को कहा गया है। इस बोर्ड के तहत प्रशिक्षित डॉक्टर, मेडिकल अधिकारी और रेजिडेंट मरीजों का इलाज करेंगे।

निर्देश में यह भी कहा गया कि वही बोर्ड और डॉक्टर आउट पेशेंट विभाग में आने वाले संदिग्ध मरीजों का इलाज करेंगे। अस्पताल निदेशकों को शहर निगम या नगरपालिका को अस्पताल के आस-पास मच्छर निवारण और सफाई अभियान चलाने के लिए पत्र भेजने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अलावा, हर शनिवार अस्पताल में निदेशक, सुपरिंटेंडेंट और सिविल सर्जन की अध्यक्षता में डेंगू समन्वय बैठक आयोजित करने का आदेश दिया गया है।

Point of View

बांग्लादेश में डेंगू के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए। स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाना और मच्छर नियंत्रण के उपायों को लागू करना आवश्यक है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में डेंगू के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
डेंगू के मामले बढ़ने का मुख्य कारण मच्छरों की बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य सेवाओं में कमी है।
क्या डेंगू का इलाज संभव है?
हालांकि डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं है, लेकिन लक्षणों का प्रबंधन और अस्पताल में देखभाल आवश्यक है।
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