बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप: 4 और बच्चों की मौत, 15 मार्च से कुल 280 मृतक

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बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप: 4 और बच्चों की मौत, 15 मार्च से कुल 280 मृतक

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का संकट गहराता जा रहा है — 15 मार्च से अब तक 280 मौतें और 38,301 संदिग्ध मामले। टीकाकरण कवरेज एक दशक के निचले स्तर 60% पर आ गया है। डब्ल्यूएचओ ने तत्काल कार्रवाई की अपील की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एक संक्रमित व्यक्ति 16-18 को संक्रमित कर सकता है।

Key Takeaways

बांग्लादेश में खसरे से 4 और बच्चों की मौत; 15 मार्च 2026 से कुल मृतक संख्या 280 हुई। कुल 38,301 संदिग्ध मामले और 5,146 पुष्ट संक्रमण दर्ज; 24 घंटों में 170 नए संदिग्ध मामले । 280 मौतों में से 49 पुष्ट और 231 संदिग्ध खसरे से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज 2025 में घटकर 60% — एक दशक का सबसे निचला स्तर; पहले 85-92% था। डब्ल्यूएचओ ने सभी नगर क्षेत्रों में टीके की दोनों खुराकों का कवरेज कम से कम 95% सुनिश्चित करने की सलाह दी। विशेषज्ञों के अनुसार एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है।

बांग्लादेश में खसरे के लक्षण वाले चार और बच्चों की मौत हो गई है, जिससे 15 मार्च 2026 से अब तक मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 280 हो गई है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ढाका से प्राप्त यह जानकारी देश में तेज़ी से फैल रहे खसरे के संकट की गंभीरता को रेखांकित करती है।

ताज़ा आंकड़े और संक्रमण की स्थिति

डीजीएचएस के डेटा का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया ने बताया कि गुरुवार से शुक्रवार के बीच 24 घंटों में खसरे के 170 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 38,301 तक पहुँच गई। इसी अवधि में 115 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए, और अब तक कुल पुष्ट संक्रमणों की संख्या 5,146 हो गई है।

15 मार्च से अब तक कुल 280 मौतों में से 49 की पुष्टि खसरे से हुई है, जबकि 231 मौतें संदिग्ध मामलों में दर्ज की गई हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, नए पहचाने गए मामलों में से 942 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 893 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी

पिछले महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बांग्लादेश में फैल रहे खसरे के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की थी। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और टीकाकरण कवरेज में सुधार नहीं किया गया, तो संक्रमण और तेज़ी से फैल सकता है।

डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है कि सभी नगर क्षेत्रों में खसरे के टीके की दोनों खुराकों का कवरेज कम से कम 95 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में संदिग्ध मामलों की शीघ्र पहचान के लिए एकीकृत निगरानी प्रणाली को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया गया है।

टीकाकरण कवरेज में भारी गिरावट

प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' के अनुसार, 2025 में बांग्लादेश का राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज घटकर लगभग 60 प्रतिशत रह गया, जो पिछले एक दशक का सबसे निचला स्तर है। गौरतलब है कि 2010 से 2022 के बीच यह कवरेज 85 से 92 प्रतिशत के बीच बना हुआ था।

बांग्लादेश का विस्तारित टीकाकरण कार्यक्रम (ईपीआई) लंबे समय तक सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी सफलता माना जाता रहा है, जिसने टीके से रोके जा सकने वाले रोगों को काफी हद तक नियंत्रित किया था। लेकिन वर्तमान संकट इस प्रणाली में आई गंभीर कमज़ोरी की ओर इशारा करता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी और आगे का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो खसरे का व्यापक प्रकोप और विकराल रूप ले सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है, जो इस बीमारी को असाधारण रूप से संक्रामक बनाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश का स्वास्थ्य क्षेत्र, जो दशकों में विकसित हुआ था, कमज़ोर पड़ने के खतरे में बताया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में टीकाकरण अभियान की गति और सरकारी प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता ही यह तय करेगी कि यह संकट और कितना गहरा होगा।

Point of View

बल्कि एक दशक में बनाई गई सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के क्षरण का प्रत्यक्ष परिणाम है। टीकाकरण कवरेज का 92% से 60% तक गिरना यह बताता है कि राजनीतिक अस्थिरता और संसाधन-कटौती किस तरह बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है। डब्ल्यूएचओ की चेतावनियाँ महीनों पहले आ चुकी थीं, फिर भी 280 मौतें हो चुकी हैं — यह सवाल उठाता है कि प्रतिक्रिया इतनी धीमी क्यों रही। खसरे जैसी पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी से इतनी मौतें, वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से अब तक कुल 280 मौतें हुई हैं, जिनमें 49 पुष्ट और 231 संदिग्ध खसरे से जुड़ी हैं। 2 मई को चार और बच्चों की मौत के बाद यह आंकड़ा सामने आया।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले दर्ज हुए हैं?
डीजीएचएस के अनुसार अब तक 38,301 संदिग्ध मामले और 5,146 पुष्ट संक्रमण दर्ज किए गए हैं। केवल 24 घंटों में 170 नए संदिग्ध और 115 नए पुष्ट मामले सामने आए।
डब्ल्यूएचओ ने बांग्लादेश के खसरा प्रकोप पर क्या कहा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तत्काल कार्रवाई की अपील करते हुए कहा है कि सभी नगर क्षेत्रों में टीके की दोनों खुराकों का कवरेज कम से कम 95% सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया है।
बांग्लादेश में टीकाकरण कवरेज इतना क्यों गिरा?
'द डेली स्टार' के अनुसार, 2025 में राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज घटकर लगभग 60% रह गया, जो 2010-2022 के बीच 85-92% था। यह एक दशक का सबसे निचला स्तर है और इसे देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आई कमज़ोरी से जोड़कर देखा जा रहा है।
खसरा इतनी तेज़ी से क्यों फैलता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है, जो इसे असाधारण रूप से संक्रामक बनाता है। पर्याप्त टीकाकरण के बिना यह बीमारी बहुत तेज़ी से फैल सकती है।
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