क्या बांग्लादेश में चुनाव से पहले जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन में दरार आ गई है?

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क्या बांग्लादेश में चुनाव से पहले जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन में दरार आ गई है?

सारांश

बांग्लादेश में चुनावी गठबंधन में तनाव बढ़ता जा रहा है। सीट शेयरिंग पर जमात और उसके सहयोगियों के बीच मतभेद गहराए हैं। क्या यह स्थिति चुनावों पर असर डालेगी? जानिए इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • जमात के नेतृत्व वाला गठबंधन चुनावी तैयारियों में है।
  • सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं।
  • कुछ पार्टियाँ समझौते के लिए तैयार नहीं हैं।

ढाका, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों की तैयारी के बीच जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन में तनाव स्पष्ट रूप से उभर रहा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं, जबकि इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए डेडलाइन तय हो चुकी है।

बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो ने जानकारी दी है कि 11 में से 8 गठबंधन साझेदार जमात के साथ सीट शेयरिंग समझौते पर पहुँच चुके हैं, जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश और बांग्लादेश खिलाफत मजलिस अभी भी सहमति नहीं बना पाए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस्लामी आंदोलन, जो सीट शेयरिंग समझौते पर चर्चा कर रहा है, पहले सौ से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखता था।

बातचीत के बाद, पार्टी ने धीरे-धीरे अपनी सीटों की मांग घटा दी है, और अब उनकी स्थिति 50 से अधिक सीटों पर है। हालांकि, जमात के 40 सीटों के प्रस्ताव ने इस्लामी आंदोलन में नाराजगी पैदा कर दी है। कुछ नेता 40 से 45 सीटों पर समझौता करने को तैयार हैं, जबकि अन्य का मानना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो डील पर पुनर्विचार होना चाहिए।

इस बीच, बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के कई नेताओं ने कहा कि उन्होंने जमात के साथ बातचीत की, लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर असहमति बनी हुई है। जमात उनकी मांगें पूरी करने के लिए तैयार नहीं है।

एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर प्रोथोम अलो से कहा कि उनकी पार्टी 25 से 30 सीटें मांग रही है, जबकि जमात अधिकतम 20 सीटें दे रही है।

उन्होंने आगे बताया कि यदि उन्हें मनचाही सीटें नहीं मिलती हैं, तो उनकी पार्टी उन सीटों पर उम्मीदवार रखने का इरादा रखती है जहाँ कोई समझौता नहीं हो पाता है।

द डेली स्टार के अनुसार, लंबी बातचीत के बावजूद, 29 दिसंबर, 2025 की नॉमिनेशन डेडलाइन से ठीक पहले बातचीत विफल हो गई। इसके परिणामस्वरूप दोनों पार्टियों को सैकड़ों सीटों पर नॉमिनेशन दाखिल करने पड़े, जिससे गठबंधन में हलचल मच गई।

इलेक्शन कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, जमात ने अंतिम दिन 276 सीटों पर नॉमिनेशन फाइल किया, जबकि इस्लामी आंदोलन ने 268 सीटों पर नॉमिनेशन पेपर जमा किए। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव राजनीतिक तनाव के बीच हो रहे हैं, जिसमें पार्टी लाइन के आधार पर मतभेद बढ़ रहे हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। हमें इस स्थिति पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यह लोकतंत्र और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में चुनाव कब हो रहे हैं?
बांग्लादेश में आम चुनाव 12 फरवरी को होने जा रहे हैं।
गठबंधन में कौन-कौन सी पार्टियाँ शामिल हैं?
गठबंधन में जमात-ए-इस्लामी, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश और बांग्लादेश खिलाफत मजलिस शामिल हैं।
सीट शेयरिंग में क्या समस्या है?
सीट शेयरिंग को लेकर पार्टियों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं, जिससे असहमति बनी हुई है।
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