बांग्लादेश में खसरे से 712 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 4 और बच्चों ने तोड़ा दम
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 28 जून 2026 को सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 4 और बच्चों की मौत हो गई, जिससे खसरे जैसे लक्षणों से मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 712 तक पहुँच गई है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने इन चारों नई मौतों को संदिग्ध खसरा मौतों की श्रेणी में रखा है और स्पष्ट किया है कि इनमें से एक भी मामला प्रयोगशाला से पुष्टि किया हुआ नहीं था।
मृत्यु और संक्रमण के ताज़ा आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 712 मौतों में से 619 संदिग्ध संक्रमण से जुड़ी हैं, जबकि प्रयोगशाला से पुष्टि किए गए खसरे से मौत की संख्या 93 पर स्थिर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में 941 नए संदिग्ध मामले सामने आए और 116 नए कन्फर्म मामले दर्ज किए गए।
इसी अवधि में 889 संक्रमित बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 865 बच्चों को उपचार के बाद छुट्टी दी गई। देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या अब 99,207 हो गई है और प्रयोगशाला से पुष्टि किए गए कुल मामले 11,710 तक पहुँच चुके हैं।
अस्पतालों में भर्ती और ठीक होने की स्थिति
डीजीएचएस के अनुसार, 10 अप्रैल से अब तक 82,844 संदिग्ध खसरा मरीजों को देशभर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 79,152 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं, जो कुल भर्तियों का एक बड़ा हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव लगातार बना हुआ है।
विशेषज्ञों की राय: टीकाकरण और संक्रमण नियंत्रण की विफलता
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र 'द डेली स्टार' ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि खसरे के मामलों में कमी न आने के दो प्रमुख कारण हैं। पहला, देश के सभी क्षेत्रों में 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य अभी तक हासिल नहीं हो पाया है। दूसरा, अस्पतालों और समुदायों में संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण संबंधी उपायों का पर्याप्त पालन नहीं हो रहा।
गौरतलब है कि खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है और इसे नियंत्रित करने के लिए 95% से अधिक टीकाकरण दर अनिवार्य मानी जाती है। इससे कम कवरेज पर 'हर्ड इम्युनिटी' टूट जाती है और प्रकोप तेज़ी से फैलता है।
राजनीतिक विवाद: शेख हसीना का अंतरिम सरकार पर आरोप
इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोप लगाया था कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने नई वैक्सीन खरीद प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया में देश के टीकाकरण कार्यक्रम को बाधित किया, जिससे खसरे का प्रकोप और गंभीर हो गया। अंतरिम सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
बांग्लादेश में खसरे का यह प्रकोप तब तक थमने की संभावना नहीं जब तक टीकाकरण कवरेज में उल्लेखनीय सुधार नहीं होता और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू नहीं किया जाता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में संदिग्ध मामलों का आंकड़ा 1 लाख का आँकड़ा पार कर सकता है, यदि त्वरित हस्तक्षेप नहीं हुआ।