पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक पर भारत की कड़ी निंदा, MEA प्रवक्ता जायसवाल बोले — 'अफगानिस्तान के साथ हैं हम'
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। भारत ने स्पष्ट किया कि वह अफगानिस्तान के साथ खड़ा है और यह आक्रामकता क्षेत्रीय अखंडता एवं शांति के विरुद्ध है।
भारत का आधिकारिक बयान
जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'पाकिस्तान के हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उस हिंसा में कई आम लोगों की जान गई, हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं, जो घायल हैं उनके जल्द ठीक होने की कामना है।' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसी आक्रामकता क्षेत्र की अखंडता और शांति व्यवस्था के खिलाफ है। पाकिस्तान को अपनी कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए — इससे पहले कि दुनिया उससे इसे लेकर सवाल पूछे।'
हमले का घटनाक्रम
सोमवार, 21 सितंबर को पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों पर हवाई हमले किए। तालिबान सरकार के अनुसार इन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई — एक महिला और दो पुरुष — जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हो गए। कुनार में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जबकि पक्तिका में एक स्थानीय दुकान और एक घर तबाह हुआ।
तालिबान की चेतावनी और जवाबी रुख
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'हम इस हमले की निंदा करते हैं और इसे पहले किए गए अपराधों की एक और कड़ी मानते हैं। पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व अपने देश की अंदरूनी सुरक्षा नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर इस तरह की कार्रवाई कर रहा है। अफगान इस हमले का उचित जवाब देगा।' यह चेतावनी दोनों देशों के बीच पहले से बढ़े तनाव को और गहरा करती है।
पाक-अफगान तनाव की पृष्ठभूमि
यह ताजा हमला ऐसे समय हुआ है जब पिछले कई महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों के बीच कई बार सीमा पर गोलीबारी हो चुकी है। पाकिस्तान बार-बार तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को अफगान जमीन से गतिविधियाँ चलाने से रोकने में नाकाम है — हालाँकि अफगान अधिकारी इस आरोप को खारिज करते रहे हैं।
गौरतलब है कि 'संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान' (UNAMA) ने 28 जुलाई को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 1 अप्रैल से 30 जून के बीच सीमा पार हिंसा में 57 लोगों की मौत हुई और 342 अन्य घायल हुए। UNAMA ने इन सभी नागरिक हताहतों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया था।
आगे क्या होगा
भारत का यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण संकेत है — नई दिल्ली ने स्पष्ट तौर पर अफगानिस्तान के साथ अपनी सहानुभूति जताई और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की चेतावनी दी। तालिबान द्वारा 'उचित जवाब' की घोषणा से इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।