क्या भारत-पाकिस्तान ने कैदियों की सूची का आदान-प्रदान किया?

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क्या भारत-पाकिस्तान ने कैदियों की सूची का आदान-प्रदान किया?

सारांश

भारत और पाकिस्तान ने अपने नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया। यह कदम द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत देता है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और इसके पीछे की वजहों को।

Key Takeaways

  • भारत और पाकिस्तान के बीच कैदियों की सूची का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है।
  • यह द्विपक्षीय कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत होता है।
  • भारत ने 391 सिविल कैदियों की सूची दी।
  • पाकिस्तान ने 58 सिविल कैदियों की जानकारी साझा की।
  • भारत सरकार ने रिहाई प्रक्रिया में तेजी लाने की अपील की।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया। यह प्रक्रिया नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक माध्यमों से एक साथ संपन्न हुई। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि यह प्रक्रिया साल 2008 के द्विपक्षीय कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत होती है। आज भारत और पाकिस्तान ने राजनयिक चैनलों के जरिए अपने-अपने हिरासत में बंद सिविल कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया। इस समझौते के अनुसार, हर साल एक जनवरी और एक जुलाई को ऐसी सूचियों का आदान-प्रदान किया जाता है।

भारत ने पाकिस्तान के हिरासत में बंद 391 सिविल कैदियों और 33 मछुआरों की सूची प्रदान की। इसी तरह, पाकिस्तान ने भारत के हिरासत में बंद 58 सिविल कैदियों और 199 मछुआरों की जानकारी साझा की।

भारत सरकार ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह सिविल कैदियों, मछुआरों और उनकी नावों के साथ-साथ लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करे। साथ ही, पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और सिविल कैदियों की रिहाई में तेजी लाने की अपील की गई है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है।

इसके अलावा, पाकिस्तान को यह भी कहा गया है कि वह अपनी कस्टडी में बंद 35 सिविल कैदियों और मछुआरों को तुरंत कांसुलर एक्सेस प्रदान करे, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं और जिन्हें अब तक कांसुलर एक्सेस नहीं दिया गया है।

भारत ने यह भी कहा है कि कैदियों और मछुआरों की रिहाई तक पाकिस्तान को उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना चाहिए।

भारत सरकार की लगातार कोशिशों के परिणामस्वरूप, 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय सिविल कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है। इसमें 500 मछुआरे और 13 सिविल कैदी शामिल हैं, जिन्हें 2023 में अब तक वापस लाया गया है।

Point of View

यह आदान-प्रदान भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत और पाकिस्तान ने कैदियों की सूची का आदान-प्रदान कब किया?
भारत और पाकिस्तान ने 1 जनवरी को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया।
कितने भारतीय कैदी पाकिस्तान में हैं?
भारत ने पाकिस्तान के हिरासत में 391 सिविल कैदियों और 33 मछुआरों की सूची प्रदान की।
क्या पाकिस्तान ने भी अपनी कैदियों की सूची दी?
हां, पाकिस्तान ने भारत के हिरासत में 58 सिविल कैदियों और 199 मछुआरों की जानकारी साझा की।
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