12 अक्टूबर 2026
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नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी नेपाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष निर्वाचित, 1,745 वोट से जीत

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नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी नेपाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष निर्वाचित, 1,745 वोट से जीत

सारांश

व्यापार जगत से राजनीति के गलियारों तक — नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी ने 15वें महाधिवेशन में नेपाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। संसदीय चुनाव में हार के बावजूद 1,745 वोटों की जीत दर्शाती है कि पार्टी में उनका कद कम नहीं हुआ।

मुख्य बातें

बिनोद चौधरी नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में 12 अक्टूबर 2026 को उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।
समावेशी कोटे में उन्हें 1,745 वोट मिले; निकटतम प्रतिद्वंद्वी जीवन परियार को 1,658 वोट ।
फोर्ब्स के अनुसार चौधरी की 2026 में कुल संपत्ति 2.1 अरब डॉलर ; वे नेपाल के एकमात्र अरबपति हैं।
इससे पहले 5 मार्च 2026 के संसदीय चुनाव में वे आरएसपी उम्मीदवार बिक्रम खनाल से हार गए थे।
चौधरी का राजनीतिक सफर 2008 में सीपीएन-यूएमएल से शुरू हुआ; 2017 में नेपाली कांग्रेस से जुड़े।
2021 के 14वें महाधिवेशन में मधेशी कोटे से 2,206 वोट पाकर केंद्रीय समिति सदस्य बने थे।

नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी ने 12 अक्टूबर 2026 को राजनीतिक क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में वे पार्टी के उपाध्यक्षों में से एक चुने गए, जिससे देश के सबसे धनी व्यक्ति का राजनीतिक कद और ऊँचा हो गया है। नेपाली कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, चौधरी को समावेशी कोटे के अंतर्गत 1,745 वोट प्राप्त हुए।

चुनाव परिणाम और प्रतिस्पर्धा

इस पद के लिए हुए चुनाव में चौधरी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी जीवन परियार को 1,658 वोट मिले। 87 मतों के अंतर से हासिल यह जीत दर्शाती है कि पार्टी प्रतिनिधियों के बीच मतदान तीखा रहा। उपाध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद चौधरी ने महाधिवेशन के उन सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन पर भरोसा जताया।

बिनोद चौधरी: व्यापार से राजनीति तक का सफर

फोर्ब्स पत्रिका की अरबपतियों की सूची में शामिल एकमात्र नेपाली नागरिक बिनोद चौधरी की 2026 में कुल संपत्ति 2.1 अरब डॉलर आँकी गई है। 2017 में यह आँकड़ा 1.3 अरब डॉलर था। हालाँकि 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी सम्पत्ति में कुछ गिरावट आई थी, परंतु उसके बाद उनके कारोबार ने उल्लेखनीय वापसी की।

फोर्ब्स के अनुसार, चौधरी के व्यावसायिक साम्राज्य में एक लोकप्रिय नूडल्स ब्रांड कंपनी, दुनियाभर में हॉस्पिटैलिटी कारोबार, नेपाल में एक बैंक और भारत की ताज होटल शृंखला से जुड़े कई लक्जरी होटल शामिल हैं। 70 वर्षीय चौधरी इससे पहले नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन और नेपाल उद्योग परिसंघ जैसी दो प्रमुख निजी क्षेत्र की संस्थाओं का नेतृत्व भी कर चुके हैं।

राजनीतिक करियर का घटनाक्रम

चौधरी का राजनीतिक सफर 2008 में शुरू हुआ था, जब वे नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल की आनुपातिक-प्रतिनिधित्व सूची के माध्यम से संविधान सभा के सदस्य बने। 2017 में वे औपचारिक रूप से नेपाली कांग्रेस में शामिल हो गए और आनुपातिक कोटे के अंतर्गत सांसद बने।

2021 में नेपाली कांग्रेस के 14वें महाधिवेशन में वे मधेशी कोटे के तहत 2,206 वोट प्राप्त कर केंद्रीय समिति के सदस्य चुने गए। 2022 के संसदीय चुनाव में वे नवलपरासी पश्चिम जिले के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 1 से नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए।

हार के बाद भी पार्टी में मजबूत स्थिति

गौरतलब है कि इस वर्ष 5 मार्च को हुए संसदीय चुनाव में चौधरी उसी निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उम्मीदवार बिक्रम खनाल से हार गए। आरएसपी ने इस चुनाव में संसद के निचले सदन में लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। यह जेन-जी आंदोलन के बाद आई राजनीतिक लहर का हिस्सा रही, जिसने नेपाल की पारंपरिक पार्टियों को कड़ी चुनौती दी।

संसदीय चुनाव में हार के बावजूद चौधरी ने पार्टी संगठन में सक्रिय भागीदारी जारी रखी और 15वें महाधिवेशन में उपाध्यक्ष पद जीतकर यह संदेश दिया कि कारोबारी जगत की हस्तियाँ पार्टी की आंतरिक राजनीति में भी प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि वे नेपाली कांग्रेस को देश के आर्थिक परिवर्तन का नेतृत्व करने में सक्षम पार्टी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से यह पद ग्रहण करना चाहते हैं।

आगे की राह

नेपाली कांग्रेस, जिसे नेपाल के लोकतांत्रिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का व्यापक श्रेय दिया जाता है, अब एक प्रमुख कारोबारी व्यक्तित्व के उपाध्यक्ष बनने के साथ पार्टी की आर्थिक नीति-निर्माण में नई दिशा की ओर बढ़ सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र इस बात पर होगी कि चौधरी पार्टी की आर्थिक नीतियों को किस रूप में प्रभावित करते हैं और क्या वे भविष्य के किसी चुनाव में पुनः मैदान में उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह नेपाली राजनीति में कारोबारी अभिजात वर्ग के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। दिलचस्प बात यह है कि जो व्यक्ति संसदीय चुनाव में जनता की सीधी कसौटी पर खरा नहीं उतरा, वह पार्टी के आंतरिक ढाँचे में शीर्ष पद पाने में सफल रहा — यह सवाल उठाता है कि क्या आंतरिक लोकतंत्र और जन-प्रतिनिधित्व एक ही दिशा में चल रहे हैं। जेन-जी आंदोलन के बाद नेपाल की पारंपरिक पार्टियाँ पहले से दबाव में हैं; ऐसे में एक अरबपति कारोबारी का नेतृत्व में आना पार्टी की छवि को आम मतदाताओं के बीच और जटिल बना सकता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिनोद चौधरी नेपाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष कैसे बने?
बिनोद चौधरी नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में समावेशी कोटे के अंतर्गत 1,745 वोट हासिल करके उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जीवन परियार को 1,658 वोट मिले।
बिनोद चौधरी की कुल संपत्ति कितनी है?
फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार 2026 में बिनोद चौधरी की कुल संपत्ति 2.1 अरब डॉलर है। वे फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची में शामिल एकमात्र नेपाली नागरिक हैं।
बिनोद चौधरी का राजनीतिक सफर कब से शुरू हुआ?
चौधरी का राजनीतिक करियर 2008 में शुरू हुआ जब वे सीपीएन-यूएमएल की आनुपातिक-प्रतिनिधित्व सूची के जरिये संविधान सभा के सदस्य बने। 2017 में वे औपचारिक रूप से नेपाली कांग्रेस में शामिल हुए।
क्या बिनोद चौधरी 2026 के संसदीय चुनाव में हार गए थे?
हाँ, 5 मार्च 2026 को हुए संसदीय चुनाव में चौधरी नवलपरासी पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र नंबर 1 से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उम्मीदवार बिक्रम खनाल से हार गए थे। इस हार के बावजूद उन्होंने पार्टी में सक्रियता बनाए रखी और उपाध्यक्ष पद जीत लिया।
बिनोद चौधरी के व्यावसायिक हित क्या हैं?
फोर्ब्स के अनुसार, चौधरी के कारोबार में एक लोकप्रिय नूडल्स ब्रांड कंपनी, दुनियाभर में हॉस्पिटैलिटी कारोबार, नेपाल में एक बैंक और भारत की ताज होटल शृंखला से जुड़े कई लक्जरी होटल शामिल हैं। वे नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन और नेपाल उद्योग परिसंघ का भी नेतृत्व कर चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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