ब्राजील में अमेरिकी दूतावास पर कथित हमले की साजिश, फेडरल पुलिस ने साओ पाउलो और ब्रासीलिया में छापेमारी की
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील की फेडरल पुलिस ने 3 अक्टूबर 2026 को देश में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को कथित तौर पर निशाना बनाने की साजिश की जांच के तहत साओ पाउलो और ब्रासीलिया के समीप दो स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई फेडरल डिस्ट्रिक्ट की एक निचली अदालत के जज की अनुमति के बाद की गई और दो संदिग्धों से जुड़ी बताई जा रही है।
छापेमारी में क्या मिला
अधिकारियों ने जांच के सिलसिले में संदिग्धों के कंप्यूटर और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है जो कथित सुरक्षा खतरे की पुष्टि करता हो। इसके अलावा, जांच में संदिग्धों और किसी आपराधिक संगठन के बीच भी कोई संबंध सामने नहीं आया है।
पुलिस ने इस छापेमारी को एक एहतियाती कदम बताया है। जांच गोपनीय तरीके से चल रही है और इसमें विदेशी खुफिया एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा रहा है।
राजनयिक सेवाएं निलंबित
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब ब्राजील में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के राजनयिक मिशनों ने शुक्रवार को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, ब्राजील भर में अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं ने अगले आदेश तक व्यक्तिगत कांसुलर सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
इनमें ब्रासीलिया स्थित दूतावास और साओ पाउलो, रियो डी जनेरियो, पोर्टो एलेग्रे तथा रेसिफ में स्थित वाणिज्य दूतावास शामिल हैं। वीज़ा प्रोसेसिंग और वीज़ा जारी करने का काम भी रोक दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
स्थानीय मिलिट्री पुलिस ने ब्रासीलिया में अमेरिकी दूतावास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए हैं। साओ पाउलो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आसपास के कुछ इलाकों की घेराबंदी भी की गई है।
ब्रासीलिया स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपना कार्यालय बंद रखने की घोषणा की। दूतावास ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सलाह दी कि वे ब्राजील में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों और उनके आसपास के इलाकों में जाने से फिलहाल बचें।
चुनाव से ठीक पहले का संदर्भ
गौरतलब है कि यह पूरी घटना ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर की वोटिंग से महज दो दिन पहले सामने आई है। रविवार को होने वाले आम और राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनज़र यह सुरक्षा कार्रवाई और भी संवेदनशील हो जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में अमेरिकी राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ी हुई है।
आगे की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण के नतीजे तय करेंगे कि यह कथित साजिश कितनी ठोस थी और संदिग्धों की भूमिका क्या रही।