21 अगस्त 2026
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झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने पर BDDS टीम ने रांची में चलाया सर्च अभियान

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झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने पर BDDS टीम ने रांची में चलाया सर्च अभियान

सारांश

झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद रांची में सुरक्षा एजेंसियाँ हरकत में आईं। BDDS टीम ने परिसर की गहन तलाशी ली, कुछ नहीं मिला। FIR दर्ज; पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही है। यह पिछले छह महीनों में रांची के सरकारी संस्थानों को मिली ऐसी कई धमकियों में से एक है।

मुख्य बातें

झारखंड विधानसभा के एक अधिकारी को 21 अगस्त 2026 को बम धमकी वाला ई-मेल प्राप्त हुआ।
झारखंड जगुआर की BDDS टीम ने विधानसभा परिसर की गहन तलाशी ली; कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
रांची विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज; पुलिस ई-मेल के डिजिटल फुटप्रिंट की जाँच कर रही है।
पिछले छह महीनों में रांची कलेक्ट्रेट , सिविल कोर्ट और पासपोर्ट कार्यालय को भी इसी तरह की धमकियाँ मिल चुकी हैं।
सुरक्षा एजेंसियाँ सभी धमकियों के बीच संभावित कड़ी की जाँच कर रही हैं।

झारखंड विधानसभा को 21 अगस्त 2026 को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला ई-मेल मिलने के बाद रांची में सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल हरकत में आ गईं। विधानसभा के एक अधिकारी को यह धमकी भरा संदेश प्राप्त होते ही पुलिस और सुरक्षा बलों को सूचित किया गया, जिसके बाद झारखंड जगुआर के बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड (BDDS) को परिसर में भेजा गया।

सर्च अभियान और तलाशी का ब्यौरा

सूचना मिलते ही BDDS टीम ने विधानसभा परिसर के सभी भवनों, आसपास के क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों की गहन तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विधानसभा की समग्र सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की।

प्रवेश-निकास और सुरक्षा मानकों की जाँच

विधानसभा परिसर में प्रवेश और निकास की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य सुरक्षा मानकों का भी मूल्यांकन किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। धमकी भरे ई-मेल के संबंध में विधानसभा के संबंधित अधिकारी की ओर से रांची के विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

डिजिटल जाँच और साइबर ट्रेसिंग

पुलिस ने मामला दर्ज कर ई-मेल की तकनीकी जाँच शुरू कर दी है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी वाला ई-मेल किस स्थान और किस डिजिटल माध्यम से भेजा गया। ई-मेल के तकनीकी विवरण, भेजने वाले के डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। पुलिस यह भी निर्धारित करने का प्रयास कर रही है कि धमकी के पीछे किसी व्यक्ति या संगठित समूह का हाथ है अथवा यह केवल दहशत फैलाने की कोशिश है।

रांची में बम धमकियों का बढ़ता सिलसिला

गौरतलब है कि पिछले करीब छह महीनों में रांची के कई महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को इसी प्रकार की बम धमकियाँ मिल चुकी हैं। रांची कलेक्ट्रेट, सिविल कोर्ट और पासपोर्ट कार्यालय को भी पहले ऐसी धमकियाँ दी जा चुकी हैं, जिनके बाद संबंधित परिसरों में सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाए थे। सुरक्षा एजेंसियाँ अब इन सभी घटनाओं के बीच किसी संभावित कड़ी की जाँच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन धमकियों के पीछे एक ही व्यक्ति या समूह है अथवा अलग-अलग स्रोतों से ये ई-मेल भेजे जा रहे हैं।

साइबर जाँच के नतीजे और संभावित गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होगा कि रांची के सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने का यह सिलसिला कहाँ से संचालित हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या साइबर अपराधियों की बढ़ती निर्भीकता का संकेत। हर बार तलाशी, हर बार 'कुछ नहीं मिला' — यह चक्र सुरक्षा तंत्र पर बोझ डालता है और संस्थानों की कार्यप्रणाली को बाधित करता है। असली सवाल यह है कि साइबर जाँच एजेंसियाँ इन ई-मेल के स्रोत तक अब तक क्यों नहीं पहुँच पाई हैं, जबकि यह सिलसिला महीनों से जारी है। जब तक कोई गिरफ्तारी नहीं होती, ये धमकियाँ बंद होने के बजाय बढ़ती रहेंगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड विधानसभा को बम धमकी कैसे मिली?
विधानसभा के एक अधिकारी को 21 अगस्त 2026 को धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। अधिकारी ने तत्काल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया।
BDDS टीम की तलाशी में क्या मिला?
झारखंड जगुआर की BDDS टीम ने विधानसभा परिसर के सभी भवनों और संवेदनशील स्थानों की गहन तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
रांची के विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ई-मेल के तकनीकी विवरण व डिजिटल फुटप्रिंट की जाँच कर रही है। जाँच एजेंसियाँ यह निर्धारित करने में जुटी हैं कि धमकी किस स्थान और माध्यम से भेजी गई।
क्या रांची में पहले भी ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
हाँ, पिछले करीब छह महीनों में रांची कलेक्ट्रेट, सिविल कोर्ट और पासपोर्ट कार्यालय को भी बम धमकियाँ मिल चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ इन सभी घटनाओं के बीच किसी संभावित कड़ी की जाँच कर रही हैं।
क्या इन सभी धमकियों के पीछे एक ही व्यक्ति या समूह है?
पुलिस अभी यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि सभी धमकियाँ एक ही स्रोत से आई हैं या अलग-अलग लोगों द्वारा भेजी गई हैं। जाँच जारी है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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