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क्या ब्रिटेन ने खालिस्तानियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है?

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क्या ब्रिटेन ने खालिस्तानियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है?

सारांश

ब्रिटेन ने खालिस्तानी समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति को फ्रीज किया है। यह कदम ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म नीति के तहत उठाया गया है, जिससे खालिस्तानी गतिविधियों पर नकेल कसी जा सके।

मुख्य बातें

ब्रिटेन ने खालिस्तानी समूहों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति फ्रीज की गई है।
प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर गंभीर सजा दी जाएगी।
यह पहली बार है जब ब्रिटेन ने खालिस्तानी फंडिंग पर रोक लगाने के लिए काउंटर टेररिज्म का इस्तेमाल किया है।
बब्बर खालसा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है।

नई दिल्ली, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिटेन ने भारत विरोधी गतिविधियों में संलग्न खालिस्तानी समूहों के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति को फ्रीज करने और निदेशक अयोग्यता (डायरेक्टर डिसक्वालिफिकेशन) की घोषणा की है।

गुरप्रीत सिंह रेहल पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है। ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय, एचएम ट्रेजरी ने खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने और समर्थन करने के लिए रेहल या बब्बर अकाली लहर नामक समूह के खिलाफ उनकी संपत्ति को फ्रीज करने की घोषणा की है।

ये प्रतिबंध ब्रिटेन में सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को बब्बर अकाली लहर से जुड़े व्यक्तियों द्वारा स्वामित्व, नियंत्रण या उनके लिए रखे गए किसी भी फंड या आर्थिक संसाधन के साथ लेन-देन करने से रोकते हैं। ब्रिटेन ने यह निर्णय काउंटर टेररिज्म (सैंक्शंस) (ईयू एग्जिट) रेगुलेशंस 2019 के तहत लिया है।

एचएम ट्रेजरी द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद किसी भी तरह की वित्तीय सेवा, फंड या आर्थिक संसाधन उन्हें उपलब्ध कराना प्रतिबंधित है। यह रोक उन सभी संस्थाओं पर भी लागू होगी, जिन पर वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मालिकाना हक या नियंत्रण रखते हैं। ये तब तक लागू रहेगा, जब तक एचएम ट्रेजरी अपना आदेश बदल न दे।

रेहल की कंपनियों सेविंग पंजाब सीआईसी, वाइटहॉक कंसल्टेशंस लिमिटेड और अनइनकॉर्पोरेटेड संगठन लोहा डिजाइन्स पर भी ये प्रतिबंध लागू होगा। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर सात साल की कैद या 10 लाख पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह पहली बार है जब ब्रिटेन ने खालिस्तानी समूह की फंडिंग को रोकने के लिए काउंटर टेररिज्म रिजीम का इस्तेमाल किया है।

एचएम ट्रेजरी का कहना है कि रेहल आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। खालसा और अकाली लहर पर आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देने, संगठन में भर्ती गतिविधियां करने, उन्हें आर्थिक सेवा देने और हथियार खरीदने का आरोप है।

बब्बर खालसा, जिसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। एचएम ट्रेजरी ने बब्बर अकाली लहर को नियमों के तहत इसमें शामिल व्यक्ति माना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कदम एक मजबूत संदेश है कि हमारा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि भारत के प्रति ब्रिटेन की सहानुभूति और सुरक्षा की चिंता कितनी गहरी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिटेन ने खालिस्तानियों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
ब्रिटेन ने गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति को फ्रीज किया है और निदेशक अयोग्यता की घोषणा की है।
रेहल पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
रेहल पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने का आरोप है।
ये प्रतिबंध कब तक लागू रहेंगे?
ये प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे जब तक एचएम ट्रेजरी अपना आदेश नहीं बदलती।
इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर क्या सजा होगी?
उल्लंघन करने पर सात साल की कैद या 10 लाख पाउंड तक का जुर्माना हो सकता है।
बब्बर खालसा क्या है?
बब्बर खालसा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है।
राष्ट्र प्रेस
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