अमेरिकी टैरिफ पर कनाडा का कड़ा जवाब: कार्नी बोले — 'रवैया बदलो, तभी होगी बात'; 8 सितंबर से जवाबी टैक्स
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 25 अगस्त 2026 को क्यूबेक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका यदि अपना रवैया नहीं बदलता, तो कनाडा किसी भी व्यापार वार्ता के लिए तैयार नहीं है। यह बयान तब आया जब अमेरिका ने कनाडा से आयात होने वाले $20 अरब मूल्य के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया। कार्नी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि कनाडा के जवाबी टैरिफ 8 सितंबर से प्रभावी होंगे।
कार्नी की शर्त: सम्मान पहले, बातचीत बाद में
प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि जब अमेरिकी 'सही सोच के साथ और हमारे उद्योगों को साझेदार की तरह सम्मान देते हुए बातचीत की मेज पर आएंगे, तब हम भी निश्चित रूप से बातचीत के लिए तैयार होंगे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस धारणा को कभी स्वीकार नहीं करेंगे कि कनाडा अमेरिका की 'कोई शाखा या अधीन इकाई है।' यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय तक चली व्यापार वार्ताओं के विफल होने के बाद आया है।
वित्त मंत्री शैम्पेन का सख्त संदेश
वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन ने मॉन्ट्रियल में हुई चर्चाओं के दौरान कहा कि 'एक समय ऐसा आता है जब आपको कहना पड़ता है कि अब बहुत हो गया।' उन्होंने संकेत दिया कि 50 प्रतिशत टैरिफ से प्रभावित व्यवसायों को संघीय सरकार की ओर से सहायता प्रदान की जाएगी। शैम्पेन के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता एक मज़बूत और टिकाऊ कनाडाई अर्थव्यवस्था बनाना, प्रांतों के बीच व्यापारिक बाधाएँ हटाना और अर्थव्यवस्था में विविधता लाना है।
पूर्व PM क्रेतियन की सलाह: ऊर्जा निर्यात पर कर लगाओ
कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जीन क्रेतियन ने सरकार से आग्रह किया कि ऊर्जा, तेल, प्राकृतिक गैस और पोटाश जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों के निर्यात पर कर लगाया जाए। उन्होंने कहा, 'अगर हमें मज़बूती से खड़े रहना है, तो हमें वहीं चोट करनी होगी जहाँ सबसे ज़्यादा असर पड़े।' क्रेतियन ने यह भी तर्क दिया कि निर्यात कर की कीमत कनाडा नहीं, बल्कि अमेरिकी उपभोक्ता चुकाते हैं।
ओंटारियो के प्रीमियर फोर्ड की चेतावनी
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कनाडा को सभी उपलब्ध जवाबी उपायों के लिए तैयार रहना चाहिए। फोर्ड ने चेतावनी दी कि यदि व्यापारिक संबंध और बिगड़ते हैं, तो कनाडा अमेरिका को बिजली और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति रोक सकता है। यह बयान इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका के कई उत्तरी राज्य कनाडाई ऊर्जा पर निर्भर हैं।
आगे क्या होगा
कनाडा के जवाबी टैरिफ 8 सितंबर 2026 से लागू होने की घोषणा हो चुकी है। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताएँ विफल होने के बाद अब यह टकराव एक नई और गंभीर दिशा में बढ़ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि दोनों पक्ष जल्द समझौते की राह नहीं ढूँढते, तो उत्तरी अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।