कनाडाई PM कार्नी का ऐलान: अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ हर कदम उठाएगा कनाडा, 19 अगस्त से 50% शुल्क लागू
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार अमेरिकी टैरिफ दबाव के सामने झुकने के बजाय देश के मज़दूरों, किसानों, व्यापारियों और परिवारों की रक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगी। 24 जुलाई को प्रिंस एडवर्ड आइलैंड के शार्लेटटाउन में प्रांतीय और क्षेत्रीय नेताओं की एक बैठक में कार्नी ने यह बात दृढ़ता से कही। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ कनाडाई वस्तुओं पर 50 फीसदी अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 का उपयोग करते हुए तीन अलग-अलग उद्घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए। इनके तहत कुछ खास कनाडाई डेयरी उत्पादों, मादक पेय, मोटर वाहनों और संबंधित सामानों पर 19 अगस्त 2026 से 50 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर प्रकाशित दस्तावेज़ों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी निर्यात — खासकर कारों, शराब और डेयरी उत्पादों — के लिए समान व्यापारिक अवसर सुनिश्चित करना है।
कार्नी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री कार्नी ने इन नए टैरिफ को कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको समझौते (CUSMA) का सीधा उल्लंघन बताया और इसे एकतरफा अमेरिकी व्यापार कार्रवाइयों की एक लंबी श्रृंखला में सबसे नया कदम करार दिया। उन्होंने शार्लेटटाउन की बैठक में कहा, "18 महीने पहले जब यह ट्रेड वॉर शुरू हुआ था, तब की तुलना में हम अब ज़्यादा मज़बूत स्थिति में हैं। हम खुद कनाडाई लोगों के पक्के इरादे और इस टेबल पर मौजूद प्रीमियर्स के फोकस की वजह से ज़्यादा मज़बूत स्थिति में हैं।"
बातचीत की संभावना
मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्नी ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से सीधी बातचीत की है और दोनों पक्ष व्यापार वार्ता को तेज़ करने पर सहमत हुए हैं। गौरतलब है कि व्हाइट हाउस के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में केवल चीन और कनाडा ने वाशिंगटन के साथ समझौते पर बातचीत करने के बजाय जवाबी टैरिफ का रास्ता चुना — जबकि अमेरिका ने इस दौरान 18 व्यापार समझौते पक्के किए।
अमेरिका का पक्ष
व्हाइट हाउस का कहना है कि कनाडा ने अपनी व्यापार बाधाओं को दूर करने के बजाय अमेरिकी वाणिज्य के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया। नए टैरिफ को ट्रंप प्रशासन के 'अमेरिका फर्स्ट' आर्थिक एजेंडे की दिशा में एक और बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
व्यापार वार्ता तेज़ होने के संकेत हैं, लेकिन 19 अगस्त 2026 की समयसीमा नज़दीक है। यदि इससे पहले कोई समझौता नहीं होता, तो कनाडाई डेयरी, वाहन और शराब उद्योग पर इन शुल्कों का सीधा असर पड़ेगा। कार्नी सरकार के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।