कनाडा PM मार्क कार्नी ने ट्रंप और ज़ेलेंस्की से की बात, एनर्जी सीजफायर से युद्ध का तनाव घटने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की दोनों के साथ अलग-अलग बातचीत की। इस वार्ता में ऊर्जा क्षेत्र के हालात और यूक्रेन में तेज़ी से बदलती युद्ध की स्थिति केंद्र में रही। कार्नी ने रूस से अमेरिकी मध्यस्थता में प्रस्तावित एनर्जी सीजफायर समझौते का पालन करने की अपील की है।
कार्नी का एक्स पर बयान
कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सुबह मेरी बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से हुई। दोनों नेताओं के साथ हुई बातचीत में हमने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हालात और यूक्रेन में चल रहे युद्ध की तेज़ी से बदलती स्थिति पर चर्चा की।' उन्होंने आगे लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच जिस नए ऊर्जा संघर्षविराम की कोशिश की जा रही है, उससे युद्ध का तनाव काफ़ी हद तक कम हो सकता है और हज़ारों नागरिकों को नुकसान व मुश्किलों से बचाया जा सकता है।
कनाडा के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया, 'कनाडा रूस से इस समझौते का पालन करने की अपील करता है। साथ ही, हम अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर यूक्रेन और यूरोप के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करते रहेंगे।'
ट्रंप का एनर्जी सीजफायर का दावा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एनर्जी सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने लिखा, 'दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे न तोड़ें।' व्हाइट हाउस ने भी ट्रंप की इस पोस्ट को रीपोस्ट कर पुष्टि की कि यह युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
ज़ेलेंस्की की शर्त
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा अवसंरचना (एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर हमलों पर रोक लगाता है, तो यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही थीं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में भी अस्थिरता देखी जा रही थी।
पृष्ठभूमि: ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच तनाव
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दिन पहले शनिवार को यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को अमेरिका में डीज़ल के बढ़ते दाम के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था और ज़ेलेंस्की से हमले रोकने की अपील की थी। उन्होंने यहाँ तक कहा था कि यूक्रेन को अपना नेता बदल लेना चाहिए और ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ समझौते के कई अवसर गँवा दिए हैं। ट्रंप के इन बयानों ने पश्चिमी देशों में गहरी चर्चा छेड़ दी थी।
आगे क्या होगा
कनाडा का यह कूटनीतिक संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब पश्चिमी देश यूक्रेन को लेकर एकजुट रुख बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, रूस द्वारा इस एनर्जी सीजफायर का व्यावहारिक पालन किस हद तक होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह समझौता टिकाऊ साबित हुआ, तो यह व्यापक युद्धविराम वार्ताओं के लिए एक पहला ठोस आधार बन सकता है।