19 अक्टूबर 2026
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चौथा लियांगच्वू फोरम हांगच्यो में उद्घाटित, 60 देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक विरासत पर करेंगे चर्चा

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चौथा लियांगच्वू फोरम हांगच्यो में उद्घाटित, 60 देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक विरासत पर करेंगे चर्चा

सारांश

चच्यांग प्रांत के हांगच्यो में चौथे लियांगच्वू फोरम का उद्घाटन हुआ, जहाँ लगभग 60 देशों के प्रतिनिधि जुटे। CPPCC उपाध्यक्ष जांग शिनज्यी ने इसे शी चिनफिंग की वैश्विक सभ्यता पहल का अहम मंच बताया।

मुख्य बातें

चौथे लियांगच्वू फोरम का उद्घाटन 19 अक्टूबर 2026 को हांगच्यो, चच्यांग प्रांत में हुआ।
CPPCC उपाध्यक्ष जांग शिनज्यी ने उद्घाटन भाषण दिया और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की वैश्विक सभ्यता पहल को लागू करने पर जोर दिया।
फोरम में लगभग 60 देशों और क्षेत्रों के संस्कृति मंत्री, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और सांस्कृतिक विरासत विशेषज्ञ शामिल हुए।
इस वर्ष की चर्चा का विषय: 'सभ्यता का उत्तराधिकार: सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और समय के प्रकाश को रोशन करना' ।
फोरम पुरातत्व और सांस्कृतिक विरासत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

चीन के चच्यांग प्रांत के हांगच्यो शहर में 19 अक्टूबर 2026 को चौथे लियांगच्वू फोरम का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (CPPCC) की राष्ट्रीय कमेटी के उपाध्यक्ष जांग शिनज्यी ने भाग लिया और उद्घाटन भाषण दिया।

मंच का महत्त्व और उद्देश्य

उपाध्यक्ष जांग शिनज्यी ने अपने संबोधन में कहा कि लियांगच्वू फोरम, राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सभ्यता पहल को व्यवहार में उतारने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने जोर दिया कि चीन पुरातत्व और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।

जांग शिनज्यी के अनुसार, चीन हमेशा से ही खुला दृष्टिकोण अपनाता आया है — उत्पत्ति की खोज में सहयोग के माध्यम से सत्य की तलाश, साझा उपलब्धियों के ज़रिये आम जनता को लाभ, और मानवता की साझा सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा — ये इस फोरम के मूल स्तंभ हैं।

फोरम में किसने लिया भाग

इस वर्ष के फोरम में लगभग 60 देशों और क्षेत्रों के संस्कृति व विरासत मंत्री, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और सांस्कृतिक विरासत विशेषज्ञ शामिल हुए। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद के लिहाज़ से उल्लेखनीय माना जा रहा है।

चर्चा का विषय

फोरम में इस बार की चर्चा का केंद्रीय विषय रहा — 'सभ्यता का उत्तराधिकार: सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और समय के प्रकाश को रोशन करना'। यह विषय वैश्विक स्तर पर धरोहर संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित करता है।

वैश्विक सभ्यता पहल का संदर्भ

गौरतलब है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वैश्विक सभ्यता पहल के तहत विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। लियांगच्वू फोरम इसी दिशा में एक ठोस कदम माना जाता है, जो पुरातत्व और विरासत संरक्षण को बहुपक्षीय सहयोग के दायरे में लाता है।

यह फोरम आगे चलकर वैश्विक सांस्कृतिक नीति निर्माण पर किस प्रकार का प्रभाव डालता है, यह देखने वाली बात होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें सांस्कृतिक कूटनीति को भू-राजनीतिक प्रभाव विस्तार के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। वैश्विक सभ्यता पहल को बार-बार केंद्र में रखना यह संकेत देता है कि बीजिंग इस मंच को महज़ विद्वत्तापूर्ण आदान-प्रदान से कहीं अधिक, एक नरम-शक्ति परियोजना के रूप में देखता है। 60 देशों की भागीदारी प्रभावशाली है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या इन चर्चाओं के ठोस नीतिगत परिणाम निकलते हैं या यह मुख्यतः प्रतीकात्मक जुड़ाव तक सीमित रहता है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लियांगच्वू फोरम क्या है?
लियांगच्वू फोरम चीन के चच्यांग प्रांत में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत सम्मेलन है, जो पुरातत्व और सांस्कृतिक धरोहर के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इसका नाम लियांगच्वू पुरातत्व स्थल के नाम पर रखा गया है।
चौथे लियांगच्वू फोरम में कौन-कौन से देश शामिल हुए?
चौथे फोरम में लगभग 60 देशों और क्षेत्रों के संस्कृति व विरासत मंत्री, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और सांस्कृतिक विरासत विशेषज्ञों ने भाग लिया।
वैश्विक सभ्यता पहल क्या है और इस फोरम से इसका क्या संबंध है?
वैश्विक सभ्यता पहल राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित एक कूटनीतिक अवधारणा है, जो विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक विविधता के सम्मान और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देती है। लियांगच्वू फोरम को इसी पहल के क्रियान्वयन का एक प्रमुख मंच बताया जाता है।
इस वर्ष फोरम का मुख्य विषय क्या था?
इस वर्ष फोरम का केंद्रीय विषय 'सभ्यता का उत्तराधिकार: सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और समय के प्रकाश को रोशन करना' रखा गया, जो वैश्विक स्तर पर धरोहर संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
CPPCC उपाध्यक्ष जांग शिनज्यी ने फोरम में क्या कहा?
जांग शिनज्यी ने कहा कि चीन पुरातत्व और सांस्कृतिक विरासत में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को खुले दृष्टिकोण से प्रोत्साहित करता है और वैश्विक सभ्यता पहल को सक्रिय रूप से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने साझा उपलब्धियों के माध्यम से जनता को लाभ पहुँचाने और मानवता की साझा धरोहर की रक्षा पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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