पेइचिंग सांस्कृतिक मंच 2026 का उद्घाटन, 44 देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल
सारांश
मुख्य बातें
पेइचिंग सांस्कृतिक मंच 2026 का 23 सितंबर 2026 को बीजिंग में औपचारिक उद्घाटन हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन में 44 देशों और क्षेत्रों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इस वर्ष के मंच का केंद्रीय विषय 'सांस्कृतिक विरासत और सभ्यताओं के बीच पारस्परिक शिक्षा' रखा गया है।
मुख्य भागीदारी और भाषण
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं पार्टी की केंद्रीय कमेटी के प्रचार-प्रसार विभाग के मंत्री ली शुलेई ने इस मंच में भाग लिया और मुख्य भाषण दिया। CCP की पेइचिंग समिति के सचिव एवं पोलित ब्यूरो सदस्य यिन ली ने भी आयोजन में उपस्थिति दर्ज कराई और संबोधन दिया।
वैश्विक सभ्यता पहल पर सहमति
इस अवसर पर चीनी और विदेशी अतिथियों ने संयुक्त रूप से माना कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत वैश्विक सभ्यता पहल (Global Civilization Initiative) सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रतिभागियों के अनुसार यह पहल मानव जाति के लिए साझा भविष्य समुदाय के निर्माण को भी प्रोत्साहित करती है।
सांस्कृतिक विरासत का महत्व
मंच पर यह विचार केंद्र में रहा कि सांस्कृतिक विरासत समस्त मानव जाति की साझा संपत्ति है। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि इस विरासत का संरक्षण, संवर्धन और प्रभावी उपयोग मानव सभ्यता की निरंतरता और विश्व के सतत विकास के लिए आवश्यक है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सभ्यतागत संवाद को लेकर नई रुचि उभर रही है।
आयोजन की व्यापकता
इस मंच में भाग लेने वाले 44 देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति इसे एक उल्लेखनीय बहुपक्षीय सांस्कृतिक कार्यक्रम बनाती है। यह मंच बीजिंग में सांस्कृतिक कूटनीति के एक प्रमुख वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित हो रहा है, जिसके माध्यम से चीन वैश्विक सभ्यतागत विमर्श में अपनी सक्रिय भूमिका को रेखांकित करना चाहता है।