यांगत्सी नदी पर त्रिघाटी नया जलमार्ग: ₹7,720 करोड़ युआन की परियोजना का निर्माण शुरू
सारांश
मुख्य बातें
चीन की सबसे लंबी नदी यांगत्सी पर स्थित त्रिघाटी (Three Gorges) के नए जलमार्ग के निर्माण की औपचारिक शुरुआत 8 जून 2026 को मध्य चीन के हुपेइ प्रांत के ईछांग शहर में एक विशेष समारोह के साथ हुई। चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएशांग ने इस अवसर पर उपस्थित रहकर परियोजना के शुभारंभ की घोषणा की।
परियोजना का महत्व और पैमाना
यह परियोजना त्रिघाटी जल संरक्षण परियोजना के बाद यांगत्सी नदी पर अब तक की सबसे बड़ी अवसंरचना पहल मानी जा रही है। अनुमान है कि इसमें कुल 7,720 करोड़ युआन से अधिक का निवेश होगा। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने आंतरिक जलमार्गों को वैश्विक व्यापार की बढ़ती माँग के अनुरूप आधुनिक बनाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है।
जल परिवहन पर असर
परियोजना के पूरा होने के बाद यांगत्सी नदी पर जल परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बड़े मालवाहक जहाज़ों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे माल ढुलाई की लागत घटेगी और पारगमन समय में कमी आएगी। गौरतलब है कि त्रिघाटी बाँध के मौजूदा शिपलिफ्ट और लॉक की क्षमता वर्षों से संतृप्ति के करीब रही है, जो इस नए जलमार्ग की ज़रूरत को और स्पष्ट करती है।
यांगत्सी आर्थिक पट्टी को बढ़ावा
यह परियोजना यांगत्सी नदी आर्थिक पट्टी के गुणवत्तापूर्ण विकास को नई गति देने में सहायक होगी। यह आर्थिक पट्टी चीन के पूर्वी तटीय क्षेत्रों को मध्य और पश्चिमी प्रांतों से जोड़ती है, और देश के कुल GDP में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत बताई जाती है। नया जलमार्ग इस पूरे गलियारे में औद्योगिक और कृषि माल की निर्बाध आवाजाही को सुनिश्चित करेगा।
आगे की राह
निर्माण कार्य की समयसीमा और चरणबद्ध योजना के विवरण अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पैमाने की परियोजनाओं को पूरा होने में आमतौर पर कई वर्ष लगते हैं। परियोजना के संचालन में आने के बाद यह क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।