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चीन की दक्षिण-उत्तर जल परियोजना ने 80 अरब घन मीटर पानी पहुंचाया, 11.8 करोड़ लोग लाभान्वित

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चीन की दक्षिण-उत्तर जल परियोजना ने 80 अरब घन मीटर पानी पहुंचाया, 11.8 करोड़ लोग लाभान्वित

सारांश

चीन की दक्षिण-उत्तर जल अंतरण परियोजना ने 12 वर्षों में 80 अरब घन मीटर पानी उत्तर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया। पेइचिंग का 80% और हपेई की 70% आबादी अब इसी पर निर्भर — यह परियोजना चीन की जल सुरक्षा का सबसे बड़ा स्तंभ बन चुकी है।

मुख्य बातें

7 अगस्त 2026 तक मध्य मार्ग के जरिए उत्तरी चीन में 80 अरब घन मीटर पानी पहुंचाया गया।
हनान, हपेई, थ्येनचिन और पेइचिंग के करीब 11 करोड़ 80 लाख लोग लाभान्वित।
27 शहरों की 243 काउंटियों को जल संसाधन उपलब्ध कराए गए।
पेइचिंग के केंद्रीय शहरी क्षेत्र का 80% और हपेई प्रांत की 70% आबादी इस परियोजना पर निर्भर।
परियोजना के 12 वर्षों के संचालन में पारिस्थितिकी बहाली, कृषि सिंचाई और खाद्य सुरक्षा में भी योगदान।

चीन की दक्षिण से उत्तर जल अंतरण परियोजना के मध्य मार्ग ने 7 अगस्त 2026 तक उत्तरी क्षेत्रों में कुल 80 अरब घन मीटर पानी का स्थानांतरण पूरा कर लिया है। चीन दक्षिण से उत्तर जल अंतरण निगम लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, इस उपलब्धि से हनान, हपेई, थ्येनचिन और पेइचिंग के करीब 11 करोड़ 80 लाख नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

परियोजना की व्यापक पहुंच

मध्य मार्ग के जलमार्ग के आसपास स्थित 27 मध्यम और बड़े शहरों की 243 काउंटियों को इस परियोजना से जल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिली है। गौरतलब है कि परियोजना के लगभग 12 वर्षों के संचालन में जल आपूर्ति की क्षमता लगातार बढ़ती रही है और लाभान्वित क्षेत्रों का दायरा भी विस्तृत हुआ है।

प्रमुख शहरों पर असर

पेइचिंग के केंद्रीय शहरी क्षेत्र में अब लगभग 80 प्रतिशत पानी की आपूर्ति इसी दक्षिणी जल स्रोत से होती है। थ्येनचिन का मुख्य शहरी क्षेत्र लगभग पूरी तरह इस परियोजना पर निर्भर है, जबकि हपेई प्रांत की कुल आबादी का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा इस परियोजना से लाभान्वित हो रहा है। यह आंकड़े बताते हैं कि चीन के उत्तरी क्षेत्रों की जल सुरक्षा अब इस एकल बुनियादी ढांचे पर किस हद तक टिकी है।

पारिस्थितिक और कृषि लाभ

आंकड़ों के अनुसार, मध्य मार्ग परियोजना ने नदियों और झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में भी अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, सूखे से निपटने, कृषि सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में यह परियोजना सहायक रही है। शहरी और ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था के एकीकरण से ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार आया है।

राष्ट्रीय जल सुरक्षा का आधार

यह परियोजना चीन के उत्तर-दक्षिण जल असंतुलन को दूर करने की दीर्घकालिक रणनीति का केंद्रीय स्तंभ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसने न केवल पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और उत्तर-दक्षिण क्षेत्रों के बीच आर्थिक विकास को संतुलित करने में भी योगदान दिया है। आगे इस परियोजना की क्षमता और विस्तार पर नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ एक गहरी निर्भरता भी उभरती है — पेइचिंग का 80% पानी और थ्येनचिन का लगभग संपूर्ण शहरी जल एक ही बुनियादी ढांचे पर टिका है। यह एकाग्रता जल सुरक्षा के लिए जोखिम भी पैदा करती है, क्योंकि किसी भी तकनीकी या जलवायु संबंधी व्यवधान का असर करोड़ों लोगों पर एक साथ पड़ सकता है। साथ ही, दक्षिण के जल स्रोतों पर बढ़ता दबाव और पारिस्थितिकी संतुलन पर दीर्घकालिक प्रभाव — ये सवाल अभी भी खुले हैं जिन पर स्वतंत्र विशेषज्ञ मूल्यांकन की जरूरत है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की दक्षिण-उत्तर जल अंतरण परियोजना क्या है?
यह चीन की एक विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना है जो दक्षिणी चीन के जल-समृद्ध क्षेत्रों से पानी को उत्तर के जल-अभाव वाले क्षेत्रों तक पहुंचाती है। इसके मध्य मार्ग ने 12 वर्षों के संचालन में 80 अरब घन मीटर पानी का स्थानांतरण पूरा किया है।
इस परियोजना से कितने लोगों को फायदा हुआ है?
आंकड़ों के अनुसार, मध्य मार्ग से हनान, हपेई, थ्येनचिन और पेइचिंग के करीब 11 करोड़ 80 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा 27 शहरों की 243 काउंटियों को भी जल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
पेइचिंग और थ्येनचिन इस परियोजना पर कितना निर्भर हैं?
पेइचिंग के केंद्रीय शहरी क्षेत्र का लगभग 80 प्रतिशत पानी इस परियोजना से आता है, जबकि थ्येनचिन का मुख्य शहरी क्षेत्र लगभग पूरी तरह इस पर निर्भर है। हपेई प्रांत की कुल आबादी का करीब 70 प्रतिशत भी इससे लाभान्वित होता है।
इस परियोजना से पर्यावरण पर क्या असर पड़ा है?
परियोजना ने संबंधित क्षेत्रों में नदियों और झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद की है। साथ ही कृषि सिंचाई, सूखे से निपटने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी इसका योगदान रहा है।
यह परियोजना चीन की जल सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
चीन का उत्तरी क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से जल-अभाव से ग्रस्त रहा है, जबकि दक्षिण में पर्याप्त वर्षा होती है। यह परियोजना इस असंतुलन को दूर कर राष्ट्रीय जल सुरक्षा को मजबूत करती है और उत्तर-दक्षिण आर्थिक विकास को संतुलित करने में सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
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