चीन में पुरातात्विक स्थल संरक्षण: 65 राष्ट्रीय उद्यान, 30 करोड़ से अधिक पर्यटक
सारांश
मुख्य बातें
मध्य चीन के हनान प्रांत की राजधानी चंगचो में 13 अक्टूबर 2026 को चीनी राष्ट्रीय वृहद पुरातात्विक स्थल कार्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) के दौरान पुरातात्विक संरक्षण के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों की व्यापक समीक्षा की गई और 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के अंतर्गत आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा निर्धारित की गई।
14वीं पंचवर्षीय योजना की प्रमुख उपलब्धियाँ
चीनी राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत प्रशासन के आँकड़ों के अनुसार, बीती योजना अवधि में बड़े पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण और उनके सुव्यवस्थित उपयोग को राष्ट्रीय भू-स्थानिक योजना में सम्मिलित किया गया। देशभर में मौजूद 3 लाख 30 हज़ार से अधिक प्राचीन स्थलों और मकबरों में से 150 प्रतिनिधि स्थलों को चिन्हित किया गया।
इस अवधि में राष्ट्रीय पुरातात्विक स्थल उद्यानों की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। संशोधित सांस्कृतिक अवशेष संरक्षण कानून में इन उद्यानों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया और 29 नए राष्ट्रीय पुरातात्विक स्थल उद्यान स्थापित किए गए, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 65 हो गई।
इन उद्यानों में 161 पुरातात्विक उत्खनन परियोजनाएँ और 336 संरक्षण परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हुईं। उद्यानों में आने वाले पर्यटकों की संख्या 30 करोड़ 3 लाख से अधिक रही, जो 13वीं पंचवर्षीय योजना (2016-2020) के मुकाबले लगभग दोगुनी है।
15वीं पंचवर्षीय योजना की चार प्रमुख दिशाएँ
सम्मेलन में भविष्य की कार्यदिशा के रूप में चार लक्ष्य निर्धारित किए गए। पहला — उच्च स्तरीय पुरातात्विक शोध के माध्यम से प्राचीन सभ्यताओं की गहरी समझ विकसित करना। दूसरा — वैज्ञानिक पद्धतियों और विधिक ढाँचे के सहारे स्थलों का निरंतर संरक्षण सुनिश्चित करना। तीसरा — उन्नत प्रदर्शनियों के ज़रिए सांस्कृतिक सेवाओं को सशक्त बनाना। चौथा — प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था से इन स्थलों के समग्र विकास को गति देना।
तकनीकी नवाचार और स्मार्ट निगरानी
इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिट्टी, ईंट-पत्थर और नम वातावरण वाले स्थलों के संरक्षण की विशेष तकनीकों पर शोध किया जाएगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि क्षति होने से पहले ही स्थलों की रक्षा के लिए निवारक संरक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी। उपग्रह आधारित रिमोट सेंसिंग, ड्रोन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से निगरानी तंत्र को और अधिक स्मार्ट बनाया जाएगा।
खराब प्रदर्शन पर कड़े प्रावधान
सम्मेलन में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन राष्ट्रीय पुरातात्विक स्थल उद्यानों में संचालन, संरक्षण या शोध कार्य अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं होगा, उन्हें पहले चेतावनी दी जाएगी। सुधार न होने पर ऐसे उद्यानों को राष्ट्रीय सूची से हटाने का प्रावधान भी लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि वृहद पुरातात्विक स्थल महज़ विशाल भू-भाग पर फैले ऐतिहासिक स्थान नहीं हैं — ये चीन के दस लाख वर्ष के मानव इतिहास, दस हज़ार वर्ष पुरानी सांस्कृतिक परंपरा और पाँच हज़ार वर्ष से अधिक पुरानी सभ्यता के अमूल्य प्रमाण हैं। इनमें प्राचीन बस्तियाँ, पुराने नगर, महल और मकबरे जैसे स्थल शामिल हैं। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना की नई कार्यदिशाएँ इन अमूल्य धरोहरों की वास्तविक सुरक्षा में कितनी प्रभावी सिद्ध होती हैं।