20 अक्टूबर 2026
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चीन की पहली सांस्कृतिक विरासत पंचवर्षीय योजना: 2030 तक व्यापक संरक्षण ढाँचे का लक्ष्य

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चीन की पहली सांस्कृतिक विरासत पंचवर्षीय योजना: 2030 तक व्यापक संरक्षण ढाँचे का लक्ष्य

सारांश

चीन ने पहली बार सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए एक स्वतंत्र पंचवर्षीय योजना बनाई है — 12 खंड, 12 विशेष स्तंभ और 2030 तक एक समग्र संरक्षण ढाँचे का लक्ष्य। निवासी-केंद्रित दृष्टिकोण और क्रमिक मरम्मत की नीति इसे पारंपरिक सरकारी पुनर्निर्माण मॉडल से अलग करती है।

मुख्य बातें

चीन ने पहली बार सांस्कृतिक विरासत संरक्षण हेतु एक स्वतंत्र पंचवर्षीय योजना — '15वीं पंचवर्षीय योजना' — तैयार की।
योजना में 12 मुख्य खंड और 12 विशेष स्तंभ शामिल हैं; अचल, चल, अमूर्त विरासत और ऐतिहासिक शहरों को कवर किया गया।
मुख्य लक्ष्य 2030 तक व्यापक विरासत सूची, सुदृढ़ कानूनी ढाँचा और समग्र संरक्षण प्रणाली का गठन।
ऐतिहासिक शहरों व गाँवों के संरक्षण में स्थानीय निवासियों को मुख्य निकाय बनाया जाएगा।
चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय ने 20 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता में योजना का परिचय दिया।

चीन ने 20 अक्टूबर 2026 को पहली बार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक समर्पित पंचवर्षीय योजना तैयार की है। चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने 'सांस्कृतिक विरासत संरक्षण एवं संवर्धन हेतु 15वीं पंचवर्षीय योजना' का विस्तृत परिचय दिया। यह चीन के इतिहास में इस क्षेत्र में बनाई गई पहली ऐसी व्यापक राष्ट्रीय योजना है।

योजना की संरचना और मुख्य स्तंभ

केंद्रीय सांस्कृतिक विरासत संरक्षण समिति के कार्यालय के प्रमुख के अनुसार, इस योजना में 12 मुख्य खंड और 12 विशेष स्तंभ शामिल हैं। यह योजना चार प्रमुख श्रेणियों — अचल सांस्कृतिक धरोहरों, चल सांस्कृतिक धरोहरों, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक शहरों, ब्लॉकों, कस्बों और गाँवों — के संरक्षण को एकीकृत रूप से बढ़ावा देती है।

2030 तक के लक्ष्य

योजना का मुख्य उद्देश्य 2030 तक कई महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त करना है। इनमें सांस्कृतिक विरासत संसाधनों की एक व्यापक सूची तैयार करना, एक सुव्यवस्थित नियामक प्रणाली स्थापित करना, और एक सुदृढ़ कानूनी ढाँचा बनाना शामिल है। इसके अलावा, प्रतिभा विकास को निरंतर विस्तार देना और एक समग्र सांस्कृतिक विरासत संरक्षण ढाँचे का बुनियादी गठन करना भी इस योजना के केंद्रीय लक्ष्यों में है।

ऐतिहासिक शहरों और गाँवों का संरक्षण

15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान चीन में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहरों, ब्लॉकों, गाँवों एवं कस्बों के संरक्षण व संवर्धन के लिए एक विशेष परियोजना लागू की जाएगी। इस परियोजना की विशेषता यह है कि स्थानीय निवासियों को इसका मुख्य निकाय बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत छोटे पैमाने पर क्रमिक मरम्मत कार्य किए जाएंगे, जो बड़े पैमाने के पुनर्निर्माण की बजाय जैविक संरक्षण पर जोर देते हैं।

योजना का महत्व और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में सांस्कृतिक विरासत को शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन से खतरा बढ़ रहा है। चीन में यह पहली बार है कि विरासत संरक्षण को एक स्वतंत्र पंचवर्षीय योजना के रूप में मान्यता मिली है — अब तक यह क्षेत्र बड़ी सांस्कृतिक नीतियों के अंग के रूप में ही शामिल होता था। यह कदम चीन की उस वैश्विक छवि को भी मज़बूत करता है, जिसमें वह अपनी सभ्यता की निरंतरता को राष्ट्रीय पहचान से जोड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवासी-केंद्रित संरक्षण दृष्टिकोण पारंपरिक सरकारी नियंत्रण से एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में इस योजना के क्रियान्वयन की प्रगति और इसके परिणाम दोनों ही अंतरराष्ट्रीय विरासत संरक्षण समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण केस स्टडी बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — क्योंकि '12 खंड और 12 स्तंभ' जैसी संरचनाएँ अक्सर कागज़ पर प्रभावशाली दिखती हैं, ज़मीन पर नहीं उतरतीं। निवासी-केंद्रित संरक्षण का विचार सराहनीय है, लेकिन चीन में जहाँ स्थानीय सरकारें विकास-राजस्व पर निर्भर हैं, वहाँ यह नीति व्यावहारिक रूप से कितनी स्वायत्तता देगी, यह देखना होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह योजना चीन की 'सभ्यता-राज्य' छवि को मज़बूत करने की रणनीति का भी हिस्सा प्रतीत होती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पंचवर्षीय योजना क्या है?
यह चीन की पहली स्वतंत्र सांस्कृतिक विरासत पंचवर्षीय योजना है, जिसे '15वीं पंचवर्षीय योजना' के रूप में जारी किया गया है। इसमें 12 मुख्य खंड और 12 विशेष स्तंभ शामिल हैं, जो अचल, चल, अमूर्त विरासत और ऐतिहासिक शहरों के संरक्षण को एकीकृत रूप से संबोधित करते हैं।
इस योजना के तहत 2030 तक क्या लक्ष्य हासिल किए जाने हैं?
2030 तक विरासत संसाधनों की व्यापक सूची तैयार करना, एक सुव्यवस्थित नियामक प्रणाली और सुदृढ़ कानूनी ढाँचा स्थापित करना, प्रतिभा टीम का विस्तार करना और एक समग्र सांस्कृतिक विरासत संरक्षण ढाँचे का बुनियादी गठन करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
ऐतिहासिक शहरों और गाँवों के संरक्षण में निवासियों की क्या भूमिका होगी?
इस योजना के अंतर्गत स्थानीय निवासियों को संरक्षण का मुख्य निकाय बनाया जाएगा। इनके नेतृत्व में छोटे पैमाने पर क्रमिक मरम्मत कार्य किए जाएंगे, जो बड़े पुनर्निर्माण की बजाय जैविक और टिकाऊ संरक्षण को प्राथमिकता देते हैं।
यह योजना पहले की सांस्कृतिक नीतियों से कैसे अलग है?
यह पहली बार है जब चीन ने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण को एक स्वतंत्र पंचवर्षीय योजना का दर्जा दिया है। इससे पहले, विरासत संरक्षण बड़ी सांस्कृतिक नीतियों के उप-भाग के रूप में ही शामिल होता था, न कि एकीकृत राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में।
इस योजना की घोषणा कब और किसने की?
20 अक्टूबर 2026 को चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में इस योजना का परिचय दिया गया। केंद्रीय सांस्कृतिक विरासत संरक्षण समिति के कार्यालय के प्रमुख ने योजना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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