कर्नाटक: चामराजनगर में दो जंगली हाथियों के शव बरामद, FSL जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के चामराजनगर जिले में वन विभाग के गश्ती दल को 20 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग स्थानों पर जंगली हाथियों के शव मिले — पहला हनूर वन प्रभाग की कराडिगुड्डा झील के पास और दूसरा बांदीपुर वन क्षेत्र के बेरामबाडी बीट में मारिकट्टे झील के निकट। दोनों मामलों में मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
घटनाक्रम: कहाँ-कहाँ मिले शव
हनूर वन प्रभाग में नियमित गश्त के दौरान पेट्रोलिंग स्टाफ को कराडिगुड्डा झील के पास एक जंगली हाथी का बुरी तरह सड़-गल चुका शव मिला। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि मौत का तात्कालिक कारण मौके पर ही निर्धारित करना संभव नहीं हो सका। यह स्थान उस क्षेत्र के करीब है जहाँ कथित तौर पर अगस्त 2026 में गोलीबारी की एक गंभीर घटना घटी थी।
दूसरी घटना गुंडलुपेट तालुक स्थित बांदीपुर वन क्षेत्र से सामने आई, जहाँ मारिकट्टे झील के निकट एक मादा हाथी का शव पाया गया। वन उप-संरक्षक नंदीश तथा पशु चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुँचकर शव का निरीक्षण किया।
जांच की स्थिति और प्रारंभिक संदेह
वन विभाग ने हनूर वन प्रभाग में मिले हाथी के शव से नमूने लेकर उन्हें फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया है। जांच के नतीजे आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
बांदीपुर में मिली मादा हाथी के मामले में वन अधिकारियों को संदेह है कि मौत प्राकृतिक कारणों — संभवतः उम्र से जुड़ी बीमारियों — के चलते हुई होगी। हालांकि यह भी अभी आधिकारिक पुष्टि से परे, एक प्रारंभिक आकलन मात्र है।
पृष्ठभूमि: अगस्त 2026 की गोलीबारी और उसका संदर्भ
गौरतलब है कि अगस्त 2026 में हनूर वन क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने छह संदिग्धों को आत्मसमर्पण के लिए कहा था। संदिग्धों ने जवाब में गोलीबारी की, जिसमें वन विभाग का एक कर्मचारी घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में एंथोनीस्वामी, पीटर और कुमार नामक तीन कथित शिकारी मारे गए थे। इस घटना के बाद हनूर में स्थानीय स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हुए और पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। हनूर में मिले हाथी के शव का यह क्षेत्र उसी गोलीबारी की घटना के स्थान के करीब बताया जा रहा है।
वन्यजीव प्रेमियों की चिंता और बड़ा आँकड़ा
वन्यजीव प्रेमियों ने वन क्षेत्रों में गश्त और निगरानी में कथित कमियों को लेकर वन विभाग की आलोचना की है। उन्होंने हाथियों की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था की माँग की है।
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) के एक अध्ययन के अनुसार, कर्नाटक में पिछले तीन वर्षों में 280 से अधिक हाथियों की मौत दर्ज की गई है। राज्य में 6,000 से अधिक जंगली हाथी निवास करते हैं, जो भारत में सबसे बड़ी जंगली हाथियों की आबादी है। इतना ही नहीं, पिछले 25 वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में 216 हाथियों और 522 लोगों की जान जा चुकी है।
आगे क्या होगा
FSL की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हनूर वाले हाथी की मौत शिकार, जहर, चोट या किसी अन्य कारण से हुई। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध शिकारियों से जुड़ी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। बांदीपुर मामले में भी पशु चिकित्सा रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।