13 अक्टूबर 2026
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शहडोल में 15 वर्षीय नर हाथी की संदिग्ध करंट से मौत, वन विभाग की जांच शुरू

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शहडोल में 15 वर्षीय नर हाथी की संदिग्ध करंट से मौत, वन विभाग की जांच शुरू

सारांश

मध्य प्रदेश के शहडोल में 15 वर्षीय नर हाथी की संदिग्ध करंट से मौत ने वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने जवाबदेही की माँग उठाई है और कहा है कि पिछली ऐसी घटनाओं में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मुख्य बातें

13 अक्टूबर 2026 को शहडोल जिले के चंदोली गाँव में 15 वर्षीय नर हाथी मृत पाया गया।
कथित तौर पर बोरवेल के पास बिजली करंट लगने से मौत हुई; पुष्टि जाँच के बाद होगी।
वन विभाग और पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच शुरू की।
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने उच्चस्तरीय जाँच और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की।
इलाके में एक दर्जन से अधिक हाथी विचरण कर रहे हैं; मौत से एक दिन पहले झुंड ने सेझारी गाँव में फसलों को नुकसान पहुँचाया था।

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को एक खेत में 15 वर्षीय नर हाथी का शव मिला, जिसकी मौत कथित तौर पर बोरवेल के निकट बिजली का करंट लगने से हुई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं और जाँच शुरू कर दी।

घटनास्थल और प्रारंभिक जानकारी

हाथी का शव देवलोंद पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बाणसागर इलाके के चंदोली गाँव के वार्ड नंबर 7 में पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती संकेत यही बताते हैं कि खेत में फैली बिजली के कारण हाथी की जान गई, हालाँकि मौत की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 'हाथी की मौत के हालात की जाँच की जा रही है। ज़रूरी जाँच के बाद मौत की वजह और दूसरी जानकारी साफ हो जाएगी।' अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि खेत में बिजली किस कारण फैली — बिजली प्रणाली में तकनीकी खराबी या कोई और वजह।

वन्यजीव कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

इस घटना पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने आरोप लगाया कि पिछली घटनाओं में — जिनमें एक हाथी और एक बाघ की करंट से मौत हुई थी — किसी की भी जवाबदेही तय नहीं की गई।

दुबे ने कहा, 'वन विभाग के ज़िम्मेदारी तय करने से पहले और कितने जंगली जानवरों की मौत होनी चाहिए? हम तुरंत उच्चस्तरीय जाँच और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।' इस बयान ने राज्य में वन्यजीव सुरक्षा के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी

गौरतलब है कि हाथी के मृत पाए जाने से एक दिन पहले ही बाणसागर इलाके में जगमल पंचायत के अंतर्गत सेझारी गाँव के ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड से फसलों और मिट्टी के घरों को नुकसान पहुँचने की शिकायत की थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक हाथी विचरण कर रहे हैं, हालाँकि अभी यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि चंदोली में मिला हाथी इसी झुंड का हिस्सा था।

हाथियों के झुंड कई वर्षों से देवलोंद और बाणसागर के आसपास के वनीय और पहाड़ी इलाकों में विचरण करते रहे हैं, जिससे मानव-हाथी टकराव की घटनाएँ यहाँ नई नहीं हैं।

आम जनता और वन्यजीव संरक्षण पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में बिजली करंट से वन्यजीवों की मौत की घटनाएँ चिंता का विषय बनती जा रही हैं। खेतों में अवैध या असुरक्षित बिजली कनेक्शन वन्यजीव विशेषज्ञों के निशाने पर लंबे समय से है। मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए।

वन विभाग फिलहाल सभी पहलुओं की जाँच कर रहा है और आगे की जानकारी प्रतीक्षित है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खेतों में बिजली प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना कठिन होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस बात की ओर इशारा करता है कि जाँच के बाद भी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ जाती है। असल समस्या निगरानी तंत्र की कमी है — न तो खेतों में बिजली कनेक्शन की नियमित जाँच होती है, न ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई। जब तक सिस्टम में जवाबदेही नहीं जुड़ती, हर नई मौत सिर्फ एक और जाँच का आदेश बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहडोल में हाथी की मौत कैसे हुई?
13 अक्टूबर 2026 को शहडोल के चंदोली गाँव में एक खेत में 15 वर्षीय नर हाथी मृत पाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बोरवेल के पास बिजली करंट लगने से उसकी मौत हुई, हालाँकि जाँच अभी जारी है।
मध्य प्रदेश वन विभाग इस मामले में क्या कर रहा है?
वन विभाग और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच में जुट गई हैं। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि खेत में बिजली कैसे फैली और क्या कोई तकनीकी खामी या लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार है।
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने क्या माँग की है?
अजय दुबे ने एक्स पर पोस्ट कर उच्चस्तरीय जाँच और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली ऐसी घटनाओं में किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई।
क्या इस क्षेत्र में पहले भी मानव-हाथी टकराव हुए हैं?
हाँ, देवलोंद और बाणसागर के आसपास के वनीय और पहाड़ी इलाकों में हाथियों के झुंड कई वर्षों से विचरण कर रहे हैं। मौत से एक दिन पहले सेझारी गाँव में हाथियों ने फसलों और मिट्टी के घरों को नुकसान पहुँचाया था।
क्या मृत हाथी स्थानीय झुंड का हिस्सा था?
इस बारे में अभी पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक हाथी हैं, लेकिन चंदोली में मिला हाथी इसी झुंड का था या नहीं, यह जाँच का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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