क्या चीन और भारत को सीमांत क्षेत्र की शांति की सुरक्षा के लिए एक साथ आना चाहिए?

सारांश
Key Takeaways
- चीन और भारत के बीच सकारात्मक वार्ता हुई।
- 75वीं वर्षगांठ पर द्विपक्षीय संबंधों में सुधार का प्रयास।
- अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने का महत्व।
बीजिंग, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता चांग श्याओ कांग ने 28 अगस्त को आयोजित प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में बताया कि हाल में आयोजित सीमा मुद्दे पर चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं वार्ता में दोनों पक्षों ने सीमा संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण से गहन विचार-विमर्श किया और कई समानताएं खोजी।
वर्तमान वर्ष में चीन-भारत के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। दोनों देशों को अपने नेताओं के विचारों का सम्मान करते हुए द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही, सीमांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखते हुए, बड़े देशों के बीच पारस्परिक सम्मान और विश्वास को बढ़ावा देना चाहिए।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि 17 से 19 सितंबर तक 12वें पेइचिंग शांगशान मंच का आयोजन होगा, जिसका मुख्य विषय अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की सुरक्षा और शांतिपूर्ण विकास को बढ़ावा देना है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)