चीन में शिशु मृत्यु दर घटकर 3.5 प्रति हजार, बाल स्वास्थ्य में ऐतिहासिक सुधार
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने 1 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021–2025) के दौरान बीजिंग ने बाल स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। आयोग के आँकड़ों के अनुसार, 2025 तक देश में शिशु मृत्यु दर घटकर 3.5 प्रति हजार और पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर 5.4 प्रति हजार पर आ गई है।
मुख्य स्वास्थ्य संकेतक
आयोग के अनुसार, इन उपलब्धियों के साथ चीन अब बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्व के मध्यम और उच्च आय वाले देशों की अग्रणी श्रेणी में शामिल हो गया है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक स्तर पर कई विकासशील देश शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों की टीकाकरण दर 90 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इसके साथ ही, तंत्रिका नलिका दोष और डाउन सिंड्रोम जैसे गंभीर जन्मजात विकारों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है और माँ से बच्चे में रोग संचरण की दर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क का विस्तार
आयोग ने बताया कि चीन ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को कवर करने वाले बहु-स्तरीय बाल स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क के निर्माण में तेज़ी लाई है। 2025 के अंत तक देश भर में 4,845 माध्यमिक और तृतीयक सार्वजनिक सामान्य अस्पताल तथा 40,000 प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थान बाल चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम हो चुके हैं।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच पारंपरिक रूप से एक बड़ी चुनौती रही है। इस नेटवर्क विस्तार को विशेषज्ञ एक संरचनात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
गंभीर बीमारियों में सुधार
बचपन में होने वाले ल्यूकेमिया और ठोस ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के निदान और उपचार के स्तर में भी लगातार सुधार दर्ज किया गया है। आयोग के अनुसार, इन प्रयासों ने मिलकर बच्चों के समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा ढाँचे को और मज़बूत किया है।
15वीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026–2030) के लिए बाल स्वास्थ्य की व्यापक रणनीति भी साझा की। इस अवधि में रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान, उपचार, पुनर्वास और प्रबंधन को एकीकृत करते हुए एक समग्र बाल स्वास्थ्य प्रणाली विकसित की जाएगी।
विशेष रूप से 'सुरक्षित जन्म, सुपोषण और स्वस्थ विकास' पर ज़ोर दिया जाएगा। जन्म से लेकर किशोरावस्था तक बच्चों के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और सुदृढ़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि आने वाले वर्षों में भी बाल स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार जारी रहे।