चीन में बाढ़ और भारी बारिश का कहर: चोंगकिंग में 10+ लापता, हुनान में 7 की मौत, लेवल-3 इमरजेंसी लागू
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिम चीन की चोंगकिंग नगर पालिका के योंगचुआन जिले में 24 मई 2026 को भारी बारिश के बाद दस से अधिक लोग लापता हो गए हैं। चोंगकिंग प्रशासन ने रविवार सुबह 7 बजे योंगचुआन में भू-आपदा के लिए लेवल-तीन इमरजेंसी घोषित कर दी है, जबकि मध्य चीन के हुनान प्रांत के शिमेन काउंटी में भारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 14 लोग अभी भी लापता हैं।
चोंगकिंग में बारिश का रिकॉर्ड और लापता लोग
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार देर रात पश्चिमी चोंगकिंग के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। गुआनकोवान गाँव में 296.7 मिमी और हानजियागोउ गाँव में 256.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई — दोनों असाधारण रूप से ऊँचे आँकड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार लगातार हो रही तेज बारिश से भूस्खलन, जमीन धंसने और मलबा बहने जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय विभाग राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
हुनान प्रांत में मौतें और राहत कार्य
हुनान प्रांत के शिमेन काउंटी में 17 मई 2026 की सुबह 7 बजे तेज बारिश शुरू हुई थी — यह इस वर्ष शिमेन काउंटी में आई पहली बड़ी बारिश है। चांगदे शहर के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 23 कस्बे और इलाके इससे प्रभावित हो चुके हैं। आगे की जाँच में पाँच और लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है और खोज-बचाव अभियान जारी है। टूटी हुई सड़कों तथा अन्य ज़रूरी सुविधाओं की मरम्मत का काम भी साथ-साथ चल रहा है।
केंद्र सरकार की आपात सहायता
चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग ने बुधवार को घोषणा की कि हुनान प्रांत में बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 5 करोड़ युआन (लगभग 73.1 लाख अमेरिकी डॉलर) की आपात सहायता जारी की गई है। यह राशि प्रभावित लोगों तक रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें पहुँचाने और बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के लिए उपयोग की जाएगी।
व्यापक संदर्भ और आगे का खतरा
यह ऐसे समय में आया है जब चीन के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मानसून-पूर्व बारिश का मौसम अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना रहेगा। गौरतलब है कि चीन में हर वर्ष मई-जुलाई के बीच दक्षिणी प्रांतों में बड़े पैमाने पर बाढ़ की घटनाएँ होती हैं, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान होता है। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने और खतरनाक इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।