चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में 30% सदस्य 61+ आयु के, सदस्यता वृद्धि दर पाँच साल के निचले स्तर पर
सारांश
मुख्य बातें
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) तेज़ी से वृद्ध होती जा रही है — आंकड़ों के अनुसार पार्टी की सदस्यता वृद्धि दर 2025 में पिछले कम से कम पाँच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है, जबकि 61 वर्ष या उससे अधिक आयु के सदस्यों का अनुपात अब तक के उच्चतम स्तर पर है। पार्टी के संगठन विभाग द्वारा जारी आँकड़े बताते हैं कि यह बदलाव केवल पार्टी की आंतरिक संरचना तक सीमित नहीं, बल्कि यह चीन की व्यापक जनसांख्यिकीय संकट की सीधी परछाईं है।
सदस्यता के ताज़ा आँकड़े
कम्युनिस्ट पार्टी के संगठन विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक पार्टी की कुल सदस्य संख्या 10.1 करोड़ (101 मिलियन) रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में मात्र 1 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसे पिछले कम से कम पाँच वर्षों की सबसे धीमी वृद्धि दर बताया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, 2021 के बाद से पार्टी की सदस्यता विस्तार की गति लगातार कम होती आई है। इसी अवधि में पार्टी सदस्यों की औसत आयु भी बढ़ी है।
उम्र का असंतुलन: बुज़ुर्ग बढ़े, युवा घटे
आँकड़ों के अनुसार, पार्टी के लगभग 30 प्रतिशत सदस्य अब 61 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं — यह पिछले कम से कम पाँच वर्षों में सर्वाधिक अनुपात है। इसके विपरीत, 35 वर्ष या उससे कम आयु के सदस्यों की हिस्सेदारी घटकर 22 प्रतिशत रह गई है, जबकि 2021 में यह लगभग एक-चौथाई थी।
गौरतलब है कि 2025 में पार्टी में शामिल हुए 80 प्रतिशत से अधिक नए सदस्य 35 वर्ष से कम आयु के थे। इसके बावजूद पार्टी की समग्र आयु संरचना में युवाओं की हिस्सेदारी नहीं बढ़ सकी, क्योंकि नई भर्ती की गति बुज़ुर्ग होते सदस्य आधार, बढ़ती जीवन प्रत्याशा और देश में युवाओं की घटती संख्या की भरपाई करने में नाकाफ़ी साबित हो रही है।
चीन की जनसंख्या संकट से सीधा जुड़ाव
चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जुलाई में जारी आँकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की संख्या 32.338 करोड़ (323.38 मिलियन) हो गई, जो देश की कुल आबादी का 23 प्रतिशत है। 65 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की संख्या 22.365 करोड़ (223.65 मिलियन) रही, यानी कुल आबादी का 15.9 प्रतिशत।
65 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग का वृद्धावस्था निर्भरता अनुपात 23.1 प्रतिशत है और चीन में औसत जीवन प्रत्याशा 79.25 वर्ष दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि चीन में लगातार चार वर्षों से कुल जनसंख्या में गिरावट आ रही है।
इसी संदर्भ में, चीन की कुल आबादी में कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों की हिस्सेदारी 2021 के 6.85 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 7.21 प्रतिशत हो गई है — हालाँकि यह वृद्धि पार्टी के विस्तार के कारण नहीं, बल्कि देश की कुल आबादी में आई गिरावट के कारण हुई है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि दशकों से जारी घटती जन्म दर, पुरानी बड़ी पीढ़ियों का वृद्धावस्था में पहुँचना और बढ़ती जीवन प्रत्याशा के संयुक्त प्रभाव से चीन तेज़ी से एक वृद्ध समाज में बदल चुका है। उनके अनुसार, इसके परिणाम अर्थव्यवस्था और श्रम बाज़ार तक सीमित नहीं हैं — देश की सबसे बड़ी राजनीतिक संस्था की सदस्य संरचना पर भी इसका असर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब बीजिंग युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए सक्रिय अभियान चला रहा है, फिर भी संरचनात्मक जनसांख्यिकीय बाधाएँ इन प्रयासों की सीमाएँ तय कर रही हैं। जब तक चीन की समग्र जनसंख्या में युवाओं का अनुपात नहीं बढ़ता, पार्टी की आयु संरचना में सुधार की संभावनाएँ भी सीमित बनी रहेंगी।