सीपीसी की 105वीं वर्षगांठ: 10 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी सत्तारूढ़ पार्टी बनी
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने इस वर्ष अपनी स्थापना की 105वीं वर्षगांठ पूरी की। 1 जुलाई 2025 को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में आयोजित समारोह में पार्टी की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। आंकड़ों के अनुसार, सीपीसी के सदस्यों की संख्या अब 10 करोड़ से अधिक हो चुकी है और जमीनी स्तर पर पार्टी संगठनों की संख्या 54 लाख से ज्यादा है।
समारोह और पुरस्कार वितरण
15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले वर्ष में आयोजित इस समारोह में महासचिव शी चिनफिंग ने विशिष्ट पार्टी सदस्यों को प्रतिष्ठित '1 जुलाई पदक' प्रदान किया। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट पार्टी सदस्यों, उत्कृष्ट पार्टी कार्यकर्ताओं और उत्कृष्ट पार्टी संगठनों को भी विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
समारोह में इस बात पर जोर दिया गया कि पीढ़ी दर पीढ़ी पार्टी सदस्य जनता से जुड़े रहते हैं, जनता पर भरोसा करते हैं और जनता की सेवा में समर्पित रहते हैं। पार्टी के अनुसार, इन सदस्यों ने कड़ी मेहनत से वफादारी और समर्पण की मिसाल कायम की है।
पार्टी की बढ़ती ताकत
105 वर्षों के निरंतर संघर्ष और विस्तार के बाद सीपीसी आज विश्व की सबसे बड़ी सत्तारूढ़ पार्टी बन चुकी है। शी चिनफिंग से केंद्रित सीपीसी की केंद्रीय समिति के नेतृत्व में नए युग में पार्टी-निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
पार्टी के आधिकारिक बयानों के अनुसार, 54 लाख से अधिक जमीनी स्तर के संगठन चीन के हर कोने में सक्रिय हैं, जो पार्टी की गहरी जड़ों और व्यापक प्रशासनिक पहुँच को दर्शाते हैं।
शासन का दर्शन
समारोह में दोहराया गया कि किसी देश पर प्रभावी शासन के लिए पहले पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व को सुदृढ़ करना आवश्यक है। यह विचार सीपीसी की दीर्घकालिक शासन-नीति का केंद्रबिंदु रहा है।
गौरतलब है कि यह वर्षगांठ ऐसे समय में मनाई जा रही है जब चीन अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले वर्ष में है, जो आर्थिक और सामाजिक विकास के नए लक्ष्य निर्धारित करती है।
आगे की राह
सीपीसी के नेतृत्व ने संकेत दिया है कि पार्टी-निर्माण और जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करना प्राथमिकता बनी रहेगी। 10 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ पार्टी का लक्ष्य चीनी जनता और राष्ट्र की 'सबसे विश्वसनीय रीढ़' बने रहना है — यह दावा पार्टी के आधिकारिक बयानों में किया गया है।