चीन में एकीकृत परिपथ लेआउट डिजाइन संरक्षण नियमावली संशोधित, 15 अक्टूबर से लागू
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने राज्य परिषद के आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए संशोधित एकीकृत परिपथ लेआउट डिजाइन संरक्षण नियमावली को अधिसूचित किया है, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी होगी। यह नियमावली चीन में अर्धचालक और चिप डिजाइन क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण नीतिगत कदम है।
नियमावली की संरचना और उद्देश्य
संशोधित नियमावली में कुल 6 अध्याय और 54 धाराएँ हैं। इसका मूल उद्देश्य एकीकृत परिपथ के लेआउट डिजाइन पर स्वामित्व अधिकारों की मज़बूत सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन मिले और विज्ञान व प्रौद्योगिकी के विकास की गति तेज़ हो सके। नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि यह संरक्षण व्यवस्था देश की व्यापक बौद्धिक संपदा रणनीति के अनुरूप लागू की जाएगी।
मुख्य बदलाव और प्रावधान
नई नियमावली में आवेदन और समीक्षा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। स्वामित्व अधिकारों के दायरे को पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। उल्लंघन की स्थिति में देय मुआवजे की राशि में वृद्धि की गई है, जिससे कानूनी निवारण अधिक प्रभावी होगा। इसके अतिरिक्त, लेआउट डिजाइन के व्यावसायिक प्रयोग से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है।
संरक्षण दायरे का विस्तार
नियमावली के अनुसार, संरक्षण के दायरे का विस्तार किया जाएगा और ईमानदारी व विश्वसनीयता के सिद्धांतों पर विशेष बल दिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अर्धचालक उद्योग में तकनीकी प्रतिस्पर्धा तीव्र हो रही है और चीन अपने चिप क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। गौरतलब है कि बौद्धिक संपदा संरक्षण को मज़बूत करना चीन की दीर्घकालिक तकनीकी नीति का अहम हिस्सा रहा है।
आगे क्या होगा
नियमावली के 15 अक्टूबर से लागू होने के बाद चिप डिजाइन कंपनियों और शोध संस्थानों को नए प्रावधानों के अनुरूप अपनी पंजीकरण और अनुपालन प्रक्रियाएँ अद्यतन करनी होंगी। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम विदेशी निवेशकों को चीन के अर्धचालक क्षेत्र में अधिक आत्मविश्वास के साथ भाग लेने का अवसर दे सकता है।