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क्या चीन ने सरकारी निवेश निधियों के लेआउट और निवेश दिशा को व्यवस्थित रूप से विनियमित किया?

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क्या चीन ने सरकारी निवेश निधियों के लेआउट और निवेश दिशा को व्यवस्थित रूप से विनियमित किया?

सारांश

चीन ने सरकारी निवेश निधियों के लेआउट और दिशा को संस्थागत रूप से विनियमित करने के लिए नए कार्य उपाय पेश किए हैं। ये उपाय महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं। जानें कैसे ये बदलाव चीन के औद्योगिक विकास को प्रभावित करेंगे।

मुख्य बातें

चीन ने सरकारी निवेश निधियों के विन्यास को संस्थागत रूप से विनियमित किया है।
निवेश का ध्यान प्रमुख राष्ट्रीय रणनीतियों पर केंद्रित होगा।
नवाचार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने के लिए उपाय किए जाएंगे।
स्थानीय निधियों को एकीकृत राष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं का पालन करना होगा।
सामाजिक पूंजी की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।

बीजिंग, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 12 दिसंबर को चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (एनडीआरसी), वित्त मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मिलकर 'सरकारी निवेश निधियों के लेआउट और निवेश दिशा को व्यवस्थित करने के लिए कार्य उपाय' जारी किए।

एनडीआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार है जब चीन ने सरकारी निवेश निधियों के विन्यास और निवेश दिशा को संविधानिक एवं संस्थागत रूप से विनियमित किया है।

नए 'कार्य उपायों' में तीन प्रमुख बिंदुओं- 'कहाँ निवेश करें, कैसे निवेश करें और प्रबंधन कौन करे' पर आधारित कुल 14 नीतिगत प्रावधान शामिल किए गए हैं। निधियों के लेआउट को अनुकूलित करने के लिए उपायों में यह निर्देशित किया गया है कि निवेश को प्रमुख राष्ट्रीय रणनीतियों, महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों और उन कमजोर कड़ियों पर केंद्रित किया जाना चाहिए, जहां बाजार संसाधनों का प्रभावी आवंटन करने में सक्षम नहीं है। इन उपायों का उद्देश्य तकनीकी और औद्योगिक नवाचार के गहन एकीकरण को बढ़ावा देना, नवोन्मेषी और उभरते प्रमुख उद्योगों को विकसित करना तथा 'प्रारंभिक, लघु-स्तरीय, दीर्घकालिक और तकनीकी निवेश' के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करना है।

निवेश दिशा-निर्देश के संबंध में, 'कार्य उपायों' में यह अनिवार्य किया गया है कि सरकारी निधियों का निवेश प्रमुख राष्ट्रीय योजनाओं और राष्ट्रीय औद्योगिक कैटलॉग में प्रोत्साहित उद्योगों के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही, निधियों को किसी भी प्रतिबंधित या नीति-निषिद्ध उद्योग में निवेश करने से सख्ती से रोका गया है।

दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर की निधियाँ व्यापक दृष्टिकोण अपनाएंगी, अपनी विशिष्ट भूमिकाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी और आधुनिक औद्योगिक प्रणाली के निर्माण, प्रमुख कोर प्रौद्योगिकियों में नवप्रवर्तन को गति देने तथा औद्योगिक दुर्बलता को दूर करने में प्राथमिक भूमिका निभाएंगी। इसके साथ ही, ये निधियां औद्योगिक विकास की बाधाओं को समाप्त करने और दीर्घकालिक नवोन्मेषी क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए भी कार्य करेंगी।

स्थानीय स्तर पर, इन निधियों का निवेश संबंधित क्षेत्रों के औद्योगिक आधार और विकास की वास्तविकताओं के अनुसार किया जाएगा। 'कार्य उपाय' यह भी रेखांकित करते हैं कि स्थानीय निधियों को निवेश निर्णय करते समय एकीकृत राष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं का पालन करना चाहिए तथा औद्योगिक उन्नयन, नवाचार क्षमता वृद्धि, लघु एवं सूक्ष्म निजी उद्यमों और प्रौद्योगिकी-आधारित कंपनियों को समर्थन देने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा, सामाजिक पूंजी की प्रभावी भागीदारी को प्रोत्साहन देने और सार्वजनिक-निजी साझेदारी की क्षमता को सशक्त बनाने पर भी बल दिया गया है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नवाचार और तकनीकी प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के नए कार्य उपायों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
चीन के नए कार्य उपायों का मुख्य उद्देश्य सरकारी निवेश निधियों के लेआउट और दिशा को व्यवस्थित करना और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
क्या ये उपाय स्थानीय स्तर पर भी लागू होंगे?
हाँ, ये उपाय स्थानीय स्तर पर संबंधित क्षेत्रों के औद्योगिक आधार और विकास की वास्तविकताओं के अनुसार लागू होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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