6 अक्टूबर 2026
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UN महासभा में चीन की उप प्रतिनिधि सुन लेई ने वैश्विक विकास पुनर्जीवित करने के लिए पेश किए चार सूत्रीय सुझाव

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UN महासभा में चीन की उप प्रतिनिधि सुन लेई ने वैश्विक विकास पुनर्जीवित करने के लिए पेश किए चार सूत्रीय सुझाव

सारांश

संयुक्त राष्ट्र में चीन की उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने UNGA की दूसरी समिति में 2030 एजेंडे की पिछड़ती प्रगति पर चिंता जताई और वैश्विक विकास को पुनर्जीवित करने के लिए चार सूत्रीय एजेंडा पेश किया — जिसके केंद्र में है विकसित देशों से वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं की पूर्ति की माँग।

मुख्य बातें

चीन की उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने 5 अक्टूबर 2026 को UNGA की दूसरी समिति को संबोधित किया।
2030 सतत विकास एजेंडे का कार्यान्वयन गंभीर रूप से पिछड़ रहा है और उत्तर-दक्षिण विकास अंतर बढ़ रहा है।
चीन ने चार सूत्रीय सुझाव पेश किए: रणनीतिक दिशा, जन-कल्याण निवेश, व्यावहारिक सहयोग और वैश्विक एकजुटता।
विकसित देशों से विकास वित्तपोषण और जलवायु वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं को लागू करने का आग्रह किया गया।
2026 में वैश्विक विकास पहल की पाँचवीं वर्षगांठ के अवसर पर चीन ने सभी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छाशक्ति दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र में चीन की उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने 5 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की दूसरी समिति की आम बहस को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वैश्विक विकास को नई गति देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2030 सतत विकास एजेंडे का क्रियान्वयन गंभीर रूप से पिछड़ रहा है और इसे पटरी पर लाने के लिए ठोस सामूहिक प्रयास की ज़रूरत है।

वैश्विक विकास की मौजूदा स्थिति

सुन लेई के अनुसार, उत्तर-दक्षिण विकास असमानता लगातार गहरी होती जा रही है, विकास संसाधन अपर्याप्त हैं और वैश्विक विकास की रफ़्तार धीमी पड़ रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा और इस प्रक्रिया में नई ऊर्जा का संचार करना होगा।

चीन के चार सूत्रीय सुझाव

पहला, रणनीतिक दिशा पर ध्यान केंद्रित रखते हुए विकास को अंतरराष्ट्रीय एजेंडा के केंद्र में बनाए रखा जाए। 2030 एजेंडे के लक्ष्यों को प्रत्येक देश की वास्तविकताओं से जोड़ते हुए मध्यम और दीर्घकालिक नीतिगत निरंतरता सुनिश्चित की जाए।

दूसरा, गरीबी उन्मूलन, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे जन-कल्याण के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर लोगों की अपेक्षाओं का जवाब दिया जाए।

तीसरा, व्यावहारिक सहयोग और कार्रवाई-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से विकसित देशों से आग्रह किया कि वे विकास वित्तपोषण और जलवायु वित्तपोषण पर की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को गंभीरता से लागू करें।

चौथा, एकजुटता की भावना के साथ एक समतापूर्ण, संतुलित और समावेशी वैश्विक विकास साझेदारी का निर्माण किया जाए।

वैश्विक विकास पहल की पाँचवीं वर्षगांठ

सुन लेई ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि 2026 में वैश्विक विकास पहल (Global Development Initiative) की पाँचवीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि चीन इस पहल के अंतर्गत सहयोग को और आगे बढ़ाने, 2030 एजेंडे को समर्थन देने तथा एक समृद्ध विश्व के निर्माण में सभी देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

व्यापक संदर्भ

यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, ऋण संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि 2030 की समयसीमा अब केवल चार वर्ष दूर है, और संयुक्त राष्ट्र की अपनी रिपोर्टें भी स्वीकार कर चुकी हैं कि अधिकांश SDG लक्ष्य निर्धारित गति से पीछे चल रहे हैं। चीन का यह बयान उत्तर-दक्षिण सहयोग के उस व्यापक विमर्श का हिस्सा है जिसमें वह खुद को वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बाध्यकारी तंत्र के अभाव में ये महज़ भाषणबाज़ी बनकर रह जाने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UNGA की दूसरी समिति में चीन ने क्या कहा?
चीन की उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने 5 अक्टूबर 2026 को UNGA की दूसरी समिति में वैश्विक विकास को पुनर्जीवित करने के लिए चार सूत्रीय सुझाव पेश किए। उन्होंने 2030 एजेंडे की पिछड़ती प्रगति और उत्तर-दक्षिण विकास असमानता पर गंभीर चिंता जताई।
चीन के चार सूत्रीय सुझाव क्या हैं?
चीन ने सुझाया: (1) विकास को अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के केंद्र में रखें, (2) गरीबी उन्मूलन और खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा में निवेश बढ़ाएँ, (3) विकसित देश वित्तपोषण प्रतिबद्धताएँ पूरी करें, और (4) समावेशी वैश्विक विकास साझेदारी बनाएँ।
2030 सतत विकास एजेंडा क्यों पिछड़ रहा है?
सुन लेई के अनुसार, विकास संसाधनों की कमी, विकास वित्तपोषण पर प्रतिबद्धताओं की अपूर्ण पूर्ति और उत्तर-दक्षिण असमानता इसके प्रमुख कारण हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टें भी स्वीकार कर चुकी हैं कि अधिकांश SDG लक्ष्य निर्धारित गति से पीछे हैं।
वैश्विक विकास पहल (Global Development Initiative) क्या है?
वैश्विक विकास पहल चीन की एक बहुपक्षीय प्रस्तावना है जिसे 2021 में लॉन्च किया गया था। 2026 में इसकी पाँचवीं वर्षगांठ है और चीन इसके तहत 2030 एजेंडे के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताता रहा है।
भारत पर इस वक्तव्य का क्या असर हो सकता है?
भारत भी वैश्विक दक्षिण का प्रमुख प्रतिनिधि है और SDG लक्ष्यों की प्राप्ति में विकास वित्तपोषण बढ़ाने की माँग उठाता रहा है। हालाँकि, भारत-चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, नई दिल्ली इस एजेंडे को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने को प्राथमिकता देती है।
राष्ट्र प्रेस
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