क्या चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक आयोजित हुई?

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क्या चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक आयोजित हुई?

सारांश

बीजिंग में हुई चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में दोनों देशों के नेताओं के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। जानें इस बैठक से जुड़े प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक का आयोजन हुआ।
बैठक में चीन-रूस सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
द्विपक्षीय और बहुपक्षीय विधायी सहयोग में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

बीजिंग, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी कमेटी के अध्यक्ष चाओ लची ने रूसी संसद-डूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव विक्टरोविच वोलोडिन के साथ चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।

चाओ लची ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रणनीतिक मार्गदर्शन में, नए युग के लिए चीन-रूस सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंध ने समन्वय की दिशा में निरंतर स्वस्थ, स्थिर और उच्च-स्तरीय विकास बनाए रखा है। दोनों पक्षों के बीच आपसी राजनीतिक विश्वास लगातार गहरा होता जा रहा है, रणनीतिक समन्वय और प्रगाढ़ होता जा रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है।

तथ्यों ने यह साबित कर दिया है कि चीन-रूस सहयोग में पूरक लाभ और विशाल क्षमता है और यह दोनों पक्षों द्वारा अपने-अपने विकास और पुनरुद्धार के आधार पर किया गया रणनीतिक विकल्प है।

चाओ लची ने कहा कि इस वर्ष चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ है। चीनी और रूसी विधायी निकायों के बीच संस्थागत आदान-प्रदान और सहयोग ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय विधायी सहयोग के लिए एक आदर्श स्थापित किया है और बहुमूल्य अनुभव अर्जित किया है। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा रूस की संघीय सभा के साथ आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करना जारी रखने को तैयार है, ताकि नए युग में चीन और रूस के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंध को गहरा करने में मदद की जा सके।

वोलोडिन ने कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में, नए युग में चीन और रूस के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंध और भी गहरा हो रहा है। रूसी राज्य डूमा चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के साथ मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को मजबूत करने, दोनों राष्ट्राध्यक्षों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण आम सहमति को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करने, रूस-चीन संसदीय सहयोग समिति तंत्र मंच की भूमिका को पूरी तरह से निभाने, और रूस और चीन के बीच सर्वांगीण सहयोग को बढ़ावा देने, व्यापारिक वातावरण को अनुकूलित करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गहरा करने और बहुपक्षवाद की रक्षा करने के लिए विधायी योगदान देने को तैयार है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चीन और रूस के बीच यह बैठक केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिति में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में एक कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने, राजनीतिक विश्वास को गहरा करने और विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
इस बैठक में कौन-कौन शामिल थे?
इस बैठक में चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष चाओ लची और रूसी संसद-डूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव विक्टरोविच वोलोडिन शामिल थे।
चीन-रूस संबंधों का भविष्य क्या है?
चीन और रूस के बीच संबंधों का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, दोनों देश एक-दूसरे के साथ सामरिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस