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चीन का थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन: 2030 से पहले चंद्रयान, पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री ट्रेनिंग में

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चीन का थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन: 2030 से पहले चंद्रयान, पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री ट्रेनिंग में

सारांश

चीन का थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन अब सिर्फ राष्ट्रीय परियोजना नहीं रहा — दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री ट्रेनिंग में हैं और 2030 से पहले चाँद पर मानव भेजने की घोषणा हुई है। अंताल्या में 77वीं IAC के मंच से चीन ने स्पष्ट किया: वैश्विक अंतरिक्ष नेतृत्व उसका अगला लक्ष्य है।

मुख्य बातें

चीन के पहले अंतरिक्ष यात्री यांग लीवेई ने 5 अक्टूबर 2026 को अंताल्या, तुर्किये में 77वीं IAC के दौरान ये खुलासे किए।
दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री चीन में थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन मिशन के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उनमें से एक को पेलोड विशेषज्ञ के रूप में शॉर्ट-टर्म फ्लाइट मिशन पर भेजने की योजना है।
चीन 2030 से पहले मानवयुक्त चंद्रयान उतारने और चंद्र अनुसंधान स्टेशन बनाने की योजना बना रहा है।
चीन ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और आदान-प्रदान के अवसर तलाशने की प्रतिबद्धता जताई।

चीन के पहले अंतरिक्ष यात्री यांग लीवेई ने 5 अक्टूबर 2026 को अंताल्या, तुर्किये में आयोजित 77वीं अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रा कांग्रेस के दौरान एक ग्लोबल ऑनलाइन फोरम में खुलासा किया कि दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री फिलहाल चीन में प्रशिक्षण ले रहे हैं और उनमें से एक को थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन पर शॉर्ट-टर्म मिशन में पेलोड विशेषज्ञ की भूमिका सौंपी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि चीन 2030 से पहले मानवयुक्त चंद्रयान उतारने और चाँद पर एक स्थायी अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है।

पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग

यांग लीवेई ने फोरम में बताया कि दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री इस समय चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों का प्रदर्शन 'बहुत अच्छा' रहा है। योजना के अनुसार, इन दोनों में से एक अंतरिक्ष यात्री पेलोड विशेषज्ञ के तौर पर थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन पर एक शॉर्ट-टर्म फ्लाइट मिशन पर जाएंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी की दिशा में सक्रिय रूप से खोल रहा है, जिसे विशेषज्ञ अमेरिकी नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के विकल्प के रूप में देखते हैं।

2030 से पहले मानवयुक्त चंद्र अभियान की योजना

यांग लीवेई ने स्पष्ट किया कि चीन 2030 से पहले चाँद पर मानव उतारने की तैयारी में है। इस अभियान के बाद चाँद पर वैज्ञानिक अनुसंधान जारी रखा जाएगा और एक चंद्र अनुसंधान स्टेशन की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में चीन अन्य देशों के साथ आदान-प्रदान और सहयोग के अवसर तलाशता रहेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका का NASA भी अपने आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत 2020 के दशक के मध्य तक मानव को चाँद पर भेजने की योजना बना रहा है, ऐसे में यह वैश्विक अंतरिक्ष दौड़ में एक नई स्पर्धात्मक परत जोड़ता है।

77वीं IAC में चीन की सक्रिय उपस्थिति

77वीं अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रा कांग्रेस (IAC) 5 अक्टूबर 2026 से तुर्किये के अंताल्या में शुरू हुई है। इस वैश्विक मंच पर चीन ने अपने मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम पर एक समर्पित ग्लोबल ऑनलाइन फोरम आयोजित किया, जिसमें थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन पर अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी के सवालों पर विस्तार से चर्चा की गई।

यह पहल इस बात का संकेत देती है कि चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को सिर्फ राष्ट्रीय गर्व तक सीमित न रखकर एक बहुपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग का नेतृत्व करने की महत्वाकांक्षा रखता है।

आगे क्या होगा

पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों का थ्येनगोंग मिशन भविष्य में अन्य देशों के लिए भी इसी तरह की साझेदारी का रास्ता खोल सकता है। चीन का चंद्र अनुसंधान स्टेशन परियोजना में रूस पहले से एक भागीदार है और अन्य देशों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में थ्येनगोंग स्टेशन के अंतर्राष्ट्रीय उपयोग का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक भू-राजनीतिक संकेत है — चीन उन देशों को अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा बना रहा है जो ISS से बाहर हैं या बाहर किए गए हैं। 2030 से पहले चंद्र अभियान की घोषणा अमेरिका के आर्टेमिस कार्यक्रम के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में है, जो अंतरिक्ष में एक नई शीत-युद्धनुमा होड़ की तस्वीर खींचती है। भारत के लिए यह सवाल उठता है कि क्या गगनयान के बाद भारत भी किसी बहुपक्षीय अंतरिक्ष ढाँचे में अपनी स्वतंत्र भूमिका तय कर पाएगा, या पड़ोसी देश पहले यह कूटनीतिक बढ़त हासिल कर लेंगे।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन पर पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री कब जाएंगे?
अभी तक कोई सटीक तिथि घोषित नहीं की गई है, लेकिन यांग लीवेई के अनुसार दोनों पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री फिलहाल चीन में प्रशिक्षण ले रहे हैं और उनमें से एक को शॉर्ट-टर्म फ्लाइट मिशन पर पेलोड विशेषज्ञ के तौर पर भेजने की योजना है।
चीन 2030 से पहले चाँद पर क्या करने की योजना बना रहा है?
चीन 2030 से पहले एक मानवयुक्त चंद्रयान उतारने की योजना बना रहा है। इसके बाद चाँद पर वैज्ञानिक अनुसंधान और एक स्थायी चंद्र अनुसंधान स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है, जिसमें अन्य देशों के सहयोग की भी संभावना जताई गई है।
77वीं अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रा कांग्रेस कहाँ हुई?
77वीं अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रा कांग्रेस (IAC) 5 अक्टूबर 2026 को तुर्किये के अंताल्या में शुरू हुई। इसी आयोजन के दौरान चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम पर एक ग्लोबल ऑनलाइन फोरम आयोजित किया गया।
थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कैसे बढ़ रहा है?
चीन ने थ्येनगोंग स्पेस स्टेशन को कई देशों के लिए खोलने की प्रतिबद्धता जताई है। पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग इसका पहला ठोस उदाहरण है। यांग लीवेई के अनुसार, भविष्य में और देशों के साथ भी इसी तरह के सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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