चीन-अमेरिका कृषि व्यापार: बीजिंग ने अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने पर दिया ज़ोर, EU पर दोहरे मापदंड का आरोप

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चीन-अमेरिका कृषि व्यापार: बीजिंग ने अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने पर दिया ज़ोर, EU पर दोहरे मापदंड का आरोप

सारांश

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कृषि व्यापार को चीन-अमेरिका संबंधों की धुरी बताया और दोनों देशों से अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने का आह्वान किया। साथ ही EU पर 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे याडोंग ने 21 मई को कहा कि कृषि व्यापार, चीन-अमेरिका सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हाल की चीन-अमेरिका व्यापार वार्ताओं में कृषि उत्पादों पर गैर-टैरिफ बाधाओं के समाधान और पारस्परिक टैरिफ कटौती पर सैद्धांतिक सहमति बनी।
दोनों देशों ने कृषि उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक लक्ष्य निर्धारित किए।
चीन ने यूरोपीय संघ (EU) पर 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
चीनी मंत्रालय ने EU से संवाद और परामर्श के रास्ते पर वापस लौटने का आग्रह किया।

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे याडोंग ने 21 मई को एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि कृषि व्यापार, चीन-अमेरिका आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग का एक अहम स्तंभ है और दोनों देशों को इस क्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियाँ निर्मित करनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल की द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के बाद दोनों देशों के बीच कृषि उत्पादों पर टैरिफ कटौती को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।

व्यापार वार्ताओं में क्या हुआ

हाल ही में संपन्न चीन-अमेरिका व्यापार वार्ताओं में दोनों पक्षों ने कुछ कृषि उत्पादों पर गैर-टैरिफ बाधाओं और बाज़ार पहुँच संबंधी मुद्दों के समाधान को बढ़ावा देने पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही पारस्परिक टैरिफ कटौती के ढाँचे में संबंधित कृषि उत्पादों को शामिल करने पर भी सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई गई।

प्रवक्ता हे याडोंग के अनुसार, दोनों पक्षों ने कृषि उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यापार सहयोग की बहाली और निरंतर विस्तार दोनों देशों के हित में है।

EU पर दोहरे मापदंड का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूरोपीय आयोग द्वारा चीन की कथित 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' से निपटने के लिए एक नए व्यापार उपकरण बनाने की मीडिया रिपोर्टों पर भी सवाल उठाए गए। हे याडोंग ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि व्यापार अधिशेष के आधार पर किसी उत्पाद को 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' से ग्रस्त माना जाए, तो EU से निर्यात होने वाली कारें, फार्मास्यूटिकल्स, वाइन और सौंदर्य प्रसाधन भी उसी श्रेणी में आएंगे।

उन्होंने कहा कि कुछ देश पहले से ही EU की 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' के मुद्दे की जाँच कर रहे हैं, ऐसे में यूरोपीय संघ को दोहरे मापदंड नहीं अपनाने चाहिए। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने EU से आग्रह किया कि वह 'वास्तविकता का सामना करे' और संवाद व परामर्श के रास्ते पर वापस लौटे।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि चीन-अमेरिका व्यापार तनाव पिछले कई वर्षों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। कृषि क्षेत्र इस तनाव का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ अमेरिकी सोयाबीन, मक्का और अन्य उत्पादों की चीन को आपूर्ति कई बार बाधित हुई है। हाल की वार्ताओं में बनी सहमति को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर संरक्षणवाद का दबाव बढ़ रहा है और बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे की राह

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के बयान से संकेत मिलता है कि बीजिंग कृषि व्यापार को द्विपक्षीय संबंधों के स्थिरीकरण के एक साधन के रूप में देख रहा है। आलोचकों का कहना है कि ठोस क्रियान्वयन तंत्र के अभाव में ये सहमतियाँ महज़ कूटनीतिक संकेत बनकर रह सकती हैं। दोनों देशों के बीच अगले दौर की वार्ताओं में इन लक्ष्यों को व्यावहारिक रूप देने की चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ EU पर दबाव बनाए रखना। हालाँकि, 'सैद्धांतिक सहमति' और 'मार्गदर्शक लक्ष्य' जैसे अस्पष्ट शब्द बताते हैं कि ठोस प्रतिबद्धताएँ अभी दूर हैं। EU पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप रणनीतिक है — यह बीजिंग की उस परंपरागत कूटनीति का हिस्सा है जिसमें पश्चिमी एकजुटता में दरार डालने की कोशिश होती है। असली सवाल यह है कि क्या ये वार्ताएँ वास्तविक बाज़ार पहुँच में बदलेंगी, या महज़ सुर्खियों तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन-अमेरिका कृषि व्यापार वार्ताओं में क्या सहमति बनी?
हाल की वार्ताओं में दोनों देशों ने कुछ कृषि उत्पादों पर गैर-टैरिफ बाधाओं के समाधान और पारस्परिक टैरिफ कटौती के ढाँचे में संबंधित उत्पादों को शामिल करने पर सैद्धांतिक सहमति जताई। साथ ही द्विपक्षीय कृषि व्यापार बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक लक्ष्य भी निर्धारित किए गए।
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने EU पर क्या आरोप लगाया?
चीनी प्रवक्ता हे याडोंग ने कहा कि यूरोपीय आयोग चीन की 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' से निपटने के लिए नया व्यापार उपकरण बना रहा है, जो दोहरे मापदंड की नीति है। उन्होंने तर्क दिया कि EU से निर्यात होने वाली कारें, दवाइयाँ और वाइन भी इसी तर्क से 'अतिरिक्त उत्पादन क्षमता' की श्रेणी में आएंगी।
कृषि व्यापार, चीन-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
कृषि व्यापार दोनों देशों के आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ है। अमेरिकी सोयाबीन, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की चीन को आपूर्ति वर्षों से द्विपक्षीय व्यापार का बड़ा हिस्सा रही है, और व्यापार तनाव के दौरान यह सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
चीन ने EU से क्या माँग की है?
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने EU से आग्रह किया है कि वह वास्तविकता का सामना करे और संवाद व परामर्श के रास्ते पर वापस लौटे। बीजिंग का कहना है कि EU को ऐसे कदम उठाने चाहिए जो वास्तव में चीन-यूरोप आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के विकास के लिए लाभकारी हों।
चीन-अमेरिका व्यापार वार्ताओं का भारत पर क्या असर हो सकता है?
यदि चीन और अमेरिका के बीच कृषि व्यापार बढ़ता है, तो वैश्विक कृषि जिंस बाज़ारों में कीमतों पर असर पड़ सकता है, जो भारतीय किसानों और आयातकों दोनों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सहमति के ठोस परिणाम आने पर ही इसके व्यापक प्रभाव का आकलन संभव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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