'चाइनीज ब्रिज' प्रतियोगिता: श्रीलंका में रिकॉर्ड 157 प्रतिभागी, 6 देशों में चीनी भाषा उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
19वीं 'चाइनीज ब्रिज' विश्व माध्यमिक विद्यालय चीनी भाषा दक्षता प्रतियोगिता के तहत हाल ही में श्रीलंका, वियतनाम, फिलीपींस, रवांडा, सूडान सहित कई देशों में क्षेत्रीय फाइनल आयोजित किए गए, जहाँ चीनी भाषा को अंतरराष्ट्रीय संचार और द्विपक्षीय मित्रता के सेतु के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष श्रीलंका में प्रतियोगिता की शुरुआत से अब तक की सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई।
श्रीलंका में रिकॉर्ड भागीदारी
24 मई को कोलंबो में श्रीलंका प्रतियोगिता क्षेत्र का फाइनल आयोजित हुआ। इस बार देश भर से 157 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो प्रतियोगिता के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। गैले सदर्न सेकेंडरी स्कूल की छात्रा डैफ्ने रुवन्या कलानसुरिया ने चैंपियनशिप जीती और अब वे चीन में होने वाले अंतरराष्ट्रीय फाइनल में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने की पात्र हो गई हैं।
सरकार और दूतावास की प्रतिक्रिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री के सचिव प्रदीप सपुतंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकाधिक युवा श्रीलंकाई छात्रों को चीनी भाषा सीखते और चीनी संस्कृति को समझते हुए देखना उत्साहजनक है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे श्रीलंका और चीन के बीच मित्रता के राजदूत बनें तथा दोनों देशों के बीच आपसी समझ और लाभकारी सहयोग को बढ़ावा दें।
श्रीलंका में चीनी दूतावास की काउंसलर ची लिली ने कहा कि चीनी भाषा की शिक्षा छात्रों को केवल एक नई भाषा में दक्षता नहीं देती, बल्कि उनमें अंतर-सांस्कृतिक संचार कौशल भी विकसित होता है, जो उनके भविष्य के लिए व्यापक अवसर खोलता है।
बहु-देशीय विस्तार
श्रीलंका के अतिरिक्त वियतनाम, फिलीपींस, रवांडा और सूडान में भी इस प्रतियोगिता के क्षेत्रीय चरण संपन्न हुए। यह आयोजन चीनी भाषा को एशिया और अफ्रीका दोनों महाद्वीपों में एक साथ प्रसारित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। गौरतलब है कि 'चाइनीज ब्रिज' प्रतियोगिता विश्व के दर्जनों देशों में आयोजित होती है और इसे चीनी भाषा प्रसार की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहलों में से एक माना जाता है।
आम जनता और छात्रों पर असर
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेताओं को चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिलता है, जिससे उनके शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभव में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। श्रीलंका में बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि चीनी भाषा सीखने में युवाओं की रुचि तेज़ी से बढ़ रही है, जिसे रोज़गार और व्यापार के नए अवसरों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे क्या
श्रीलंका की चैंपियन डैफ्ने रुवन्या कलानसुरिया समेत विभिन्न देशों के विजेता अब चीन में होने वाले अंतरराष्ट्रीय फाइनल में प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह प्रतियोगिता आने वाले वर्षों में और अधिक देशों तक विस्तारित होने की संभावना है, जो वैश्विक स्तर पर चीनी भाषा शिक्षा की बढ़ती माँग को दर्शाता है।