28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

श्रीलंका के व्यवसायी जिनलांगा का चीन में चाय व्यापारी बनने का प्रेरणादायक सफर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
श्रीलंका के व्यवसायी जिनलांगा का चीन में चाय व्यापारी बनने का प्रेरणादायक सफर

सारांश

श्रीलंका के व्यवसायी जिनलांगा की कहानी चीन में व्यापार के उच्च स्तर के खुलापन की झलक प्रस्तुत करती है। उनकी यात्रा ने चीन और श्रीलंका के बीच आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा दी है। जानिए कैसे वे आधुनिक व्यापार के माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।

मुख्य बातें

जिनलांगा की यात्रा ने व्यापार के नए आयाम खोले हैं।
चीन में उच्च-स्तरीय खुलापन का व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
सीमा-पार ई-कॉमर्स से व्यापार का दायरा बढ़ा है।

बीजिंग, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन में आयोजित एनपीसी और सीपीपीसीसी के वार्षिक सत्रों के दौरान “उच्च-स्तरीय खुलापन” एक ऐसा विषय बन जाता है, जो न केवल सम्मेलन कक्षों में, बल्कि बाहर भी गर्मागर्म चर्चा का विषय है। यह विषय वैश्विक व्यापार समुदाय के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है। इसी संदर्भ में श्रीलंका के व्यवसायी जिनलांगा की कहानी चीन और श्रीलंका के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का एक दिलचस्प उदाहरण प्रस्तुत करती है।

जिनलांगा पिछले दो दशकों से अधिक समय से चीन में आयात-निर्यात व्यापार में सक्रिय हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2026 चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला वर्ष है, और इस दौरान “उच्च-स्तरीय खुलेपन” की चर्चाएँ उनके लिए विशेष महत्व रखती हैं। उनके अनुसार, यह नीति श्रीलंका के कृषि उत्पादों के लिए चीन के विशाल बाजार में नई संभावनाएँ प्रदान कर सकती है, जिससे श्रीलंकाई उत्पादों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।

जिनलांगा का सफर भी असाधारण है। एक अंतरराष्ट्रीय छात्र के रूप में चीन में कदम रखते हुए, सफल व्यापारी बनने तक की उनकी यात्रा ने उन्हें व्यापार की नई दिशाएँ दिखाई। पारंपरिक ऑफ़लाइन व्यापार के पार, उन्होंने लाइव-स्ट्रीमिंग ई-कॉमर्स जैसे आधुनिक तरीकों को भी अपनाया।

उनके अनुसार, हाल के वर्षों में सीमा शुल्क निकासी की प्रक्रिया अधिक तेज और सुविधाजनक बन गई है। इसके साथ ही व्यापार के नए चैनल भी उपलब्ध हुए हैं। उदाहरण के लिए, श्रीलंका की प्रसिद्ध सीलोन चाय, काजू और नारियल से बने उत्पाद अब सीमा-पार ई-कॉमर्स और लाइव-स्ट्रीमिंग के माध्यम से सीधे श्रीलंका की फैक्ट्रियों से चीनी उपभोक्ताओं तक पहुँच रहे हैं। इससे न केवल व्यापार का दायरा विस्तारित हुआ है, बल्कि डिलीवरी का समय भी लगभग आधा रह गया है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह चीन और श्रीलंका के बीच व्यापारिक संबंधों की भी एक नई परिभाषा प्रस्तुत करती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिनलांगा का व्यापार में अनुभव कितना है?
जिनलांगा पिछले दो दशकों से अधिक समय से चीन में आयात-निर्यात व्यापार से जुड़े हुए हैं।
क्या नए व्यापार चैनल उपलब्ध हैं?
हाँ, हाल के वर्षों में सीमा शुल्क निकासी की प्रक्रिया और व्यापार के नए चैनल उपलब्ध हुए हैं।
सीलोन चाय का चीन में क्या महत्व है?
सीलोन चाय, काजू और नारियल से बने उत्पाद अब चीन में सीधे श्रीलंका के कारखानों से पहुँच रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले