ढाका में इस्लामिक बैंक विरोध प्रदर्शन: पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, 100 से अधिक घायल
सारांश
मुख्य बातें
ढाका में 1 जून 2026 को सोमवार सुबह इस्लामिक बैंक मुख्यालय के बाहर हुई हिंसक झड़प में 100 से अधिक लोग घायल हो गए, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। यह प्रदर्शन बैंक के नवनियुक्त चेयरमैन मोहम्मद खुर्शीद आलम की नियुक्ति के विरोध में आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
यह विरोध-प्रदर्शन इस्लामिक बैंक के असंतुष्ट ग्राहकों की समन्वय परिषद और इस्लामिक बैंक ग्राहक फोरम के बैनर तले आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग थी कि पूर्व केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर मोहम्मद खुर्शीद आलम को बैंक के नए चेयरमैन के रूप में नियुक्त करने का निर्णय रद्द किया जाए। उनका कहना था कि यह नियुक्ति 'विवादास्पद' है और उन्हें किसी भी स्थिति में बैंक में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में अवकाश पर भेजे गए प्रबंध निदेशक उमर फारूक खान की बहाली की भी माँग की। आयोजकों ने बैंक में कथित वित्तीय संकट का आरोप लगाते हुए बांग्लादेश केंद्रीय बैंक से हस्तक्षेप की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक बैंक मुख्यालय के समीप प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात पर गंभीर असर पड़ा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस ने भारी बल के साथ भीड़ को हटाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आंसू गैस और वाटर कैनन के प्रयोग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने बताया कि इस झड़प में 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जिन पर पत्थरबाजी की गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों की रैली के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर ही बल प्रयोग किया गया।
घायलों की संख्या पर विवाद
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के उस आरोप को खारिज कर दिया कि गोली चलाई गई थी।
प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के आयोजकों ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'अकारण और अत्यधिक बल प्रयोग' बताया। उनका कहना था कि वे अपने जमा धन की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और उन पर की गई कार्रवाई अनुचित थी।
आगे की स्थिति
फिलहाल घायल लोगों का इलाज ढाका के विभिन्न अस्पतालों में जारी है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में बैंकिंग क्षेत्र को लेकर जन-असंतोष बढ़ रहा है और वित्तीय संस्थाओं में पारदर्शिता की माँग तेज़ हो रही है।