इटली में इबोला का संदिग्ध मामला: कांगो से लौटे मरीज को कैग्लियारी में आइसोलेशन में रखा गया
सारांश
मुख्य बातें
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 जून 2026 को पुष्टि की कि सार्डिनिया की राजधानी कैग्लियारी में इबोला के एक संदिग्ध मामले की जाँच की जा रही है। यह मरीज हाल ही में कांगो से लौटा था और फिलहाल शहर के सैंटिसिमा ट्रिनिटा अस्पताल के संक्रामक रोग विभाग में आइसोलेशन में भर्ती है।
मरीज की स्थिति और जाँच प्रक्रिया
मरीज में इबोला के लक्षण दिखने के बाद उसका परीक्षण किया गया है। नमूनों की पुष्टि के लिए उन्हें एयर एम्बुलेंस के ज़रिए रोम स्थित प्रतिष्ठित स्पालांजानी संक्रामक रोग संस्थान भेजा गया है, जहाँ अंतिम परिणाम आने बाकी हैं। अस्पताल में ऐसे संक्रामक मामलों के लिए निर्धारित सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के कार्यालय ने बताया कि सरकार ने यूरोप से यह अपील की है कि प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए सीमाओं पर समन्वय और मज़बूत किया जाए। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मेलोनी ने यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष निकोस क्रिस्टोडुलिडेस, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को पत्र लिखा है।
इटली ने यह भी कहा है कि वह रोम के स्पालांजानी अस्पताल से विशेषज्ञों की एक टीम सीधे कांगो भेज रहा है, जो वहाँ इबोला के प्रकोप से निपटने और वायरस की निगरानी में सहायता करेगी।
बंडिबुग्यो इबोला वायरस की पृष्ठभूमि
इटली सरकार के बयान में स्पष्ट किया गया है कि मध्य अफ्रीका में, विशेषकर कांगो और पड़ोसी देश युगांडा में, बंडिबुग्यो इबोला वायरस (BVD स्ट्रेन) का प्रकोप देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस महामारी की स्थिति पर सर्वाधिक ध्यान देने की ज़रूरत है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियाँ पश्चिम अफ्रीका के बाहर इबोला के फैलाव को लेकर पहले से सतर्क हैं।
यूरोप-स्तरीय समन्वय की माँग
इटली ने यूरोपीय नेताओं से आग्रह किया है कि प्रभावित इलाकों से — प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से — आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए साझा नियम बनाए जाएँ, और यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारों का सम्मान करते हुए किया जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि वह सार्डिनिया की स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों और स्पालांजानी संस्थान के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।
आगे क्या होगा
परीक्षण के परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह वास्तव में इबोला का मामला है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, स्पालांजानी संस्थान की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियाँ भी इस स्थिति पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं।