अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर चार पूर्व राष्ट्रपतियों की एकजुट अपील: लोकतंत्र की रक्षा करें
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर 5 जुलाई 2026 को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक — दोनों दलों से जुड़े चार पूर्व राष्ट्रपतियों ने एकजुट होकर अमेरिकी नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और नागरिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। हालांकि, देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को लेकर चारों नेताओं के आकलन अलग-अलग रहे।
किसने क्या कहा
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, 'अमेरिका लगातार आगे बढ़ रहा है। हर पीढ़ी को पिछली पीढ़ी के अधूरे काम को आगे बढ़ाना चाहिए, जो सही है उसकी रक्षा करनी चाहिए, जो गलत है उसे ठीक करना चाहिए और हमारे यूनियन को थोड़ा और बेहतर बनाना चाहिए। 250 साल बाद, यह पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है।'
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, 'हमारी डेमोक्रेसी के बारे में कुछ भी सुनिश्चित नहीं है। हमें इसके लिए लड़ना होगा, इसे बचाना होगा और इसे बार-बार, साल दर साल अर्जित करना होगा। यह कोई बोझ नहीं है — एक अमेरिकी होने का यही अर्थ है।' बाइडेन ने यह भी कहा कि अमेरिका ने स्वतंत्रता की घोषणा (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) में निहित आदर्शों को अभी तक पूरी तरह हासिल नहीं किया है, लेकिन उन आदर्शों को कभी नहीं छोड़ा।
पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'अगले 250 सालों में अमेरिकियों को दर्शक नहीं, बल्कि नागरिक बनना होगा।' उन्होंने मतदान को एक शक्तिशाली स्वतंत्रता बताया और प्रार्थना, प्रेस तथा सामुदायिक सेवा की आज़ादी को ऐसे स्थायी मूल्य करार दिया जो अमेरिकियों को एकजुट रखते हैं।
क्लिंटन का तीखा राजनीतिक संदेश
चारों में सबसे मुखर राजनीतिक बयान पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का रहा। उन्होंने आगाह किया कि अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगाँठ ऐसे समय मना रहा है जब देश गहरे विभाजन के एक और दौर से गुज़र रहा है और देश के संस्थानों तथा लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे मौजूद हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना, क्लिंटन ने मौजूदा प्रशासन पर व्यक्तिगत बदला लेने, विरोधियों पर मुकदमे चलाने और बोलने की आज़ादी को कुचलने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'हमारे संस्थापकों ने समझदारी दिखाई जब उन्होंने हमें एक बेहतर यूनियन बनाने का मिशन दिया। वे जानते थे कि अमेरिका कभी परफेक्ट नहीं होगा, लेकिन हमेशा बेहतर हो सकता है।'
साझा संदेश का महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राजनीति में दलीय ध्रुवीकरण अपने चरम पर है। गौरतलब है कि रिपब्लिकन बुश और डेमोक्रेट ओबामा, क्लिंटन व बाइडेन का एक साझा मंच पर आना अपने आप में असाधारण है — यह चारों पूर्व राष्ट्रपतियों की ओर से लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संकेत है।
चारों नेताओं ने एकमत होकर कहा कि लोकतंत्र को केवल देखते रहने से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही बचाया जा सकता है। उन्होंने उन नागरिकों की सराहना की जो मतदान करते हैं, अपने समुदायों की सेवा करते हैं और देश के भविष्य में योगदान देते हैं।
आगे क्या
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर इन चार पूर्व राष्ट्रपतियों का यह संयुक्त संदेश एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बन गया है — एक ऐसे दौर में जब देश की दिशा को लेकर तीखी बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी नागरिक समाज की सक्रियता यह तय करेगी कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ किस हद तक अपनी स्वायत्तता बनाए रख पाती हैं।