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क्या फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन ने दिया इस्तीफा? केवल एक महीने में?

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क्या फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन ने दिया इस्तीफा? केवल एक महीने में?

सारांश

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने केवल 27 दिनों के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा नियुक्त किए गए लेकोर्नू के इस्तीफे ने राजनीतिक संकट को और बढ़ा दिया है। अब चुनावों की मांग तेज हो गई है। जानिए इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे की वजहें।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू का इस्तीफा राजनीतिक संकट का संकेत है।
उनका 27 दिनों का कार्यकाल सबसे कम है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बढ़ गए हैं।
जल्द चुनावों की मांग की जा रही है।
फ्रांसीसी राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यालय ने यह जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार सुबह, सरकार के गठन के कुछ घंटों बाद, अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके 27 दिनों के कार्यकाल ने उन्हें हाल के फ्रांसीसी इतिहास में सबसे कम समय तक पद पर रहने वाला प्रधानमंत्री बना दिया है।

मैक्रों ने उन्हें चार हफ्ते पहले ही नियुक्त किया था और रविवार की शाम को, लेकोर्नू ने अपने मंत्रिमंडल का गठन किया था, जो लगभग उनके पूर्ववर्ती, फ्रांस्वा बायरू के मंत्रिमंडल जैसा था। लेकिन जल्दी ही मतभेद उभरने लगे, सत्तारूढ़ गठबंधन के कई दलों के सदस्यों ने बदलाव की कमी पर सवाल उठाए।

लेकोर्नू को सुबह 10:45 बजे (पेरिस समय) एक सार्वजनिक बयान देना था।

इसी बीच, दक्षिणपंथी रैसम्बलमेंट नेशनल (आरएन) के अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला ने तुरंत ही शीघ्र चुनावों का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "चुनावों और असेंबली नेशनले को भंग किए बिना स्थिरता नहीं आ सकती।"

स्थानीय मीडिया के अनुसार, वामपंथी ला फ्रांस इनसोमिसे (एलएफआई) पार्टी के नेता जीन-ल्यूक मेलेंचन ने मैक्रों को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश करने की मांग की है। एलएफआई की प्रमुख सदस्य मथिल्डे पैनोट ने लेकोर्नू के इस्तीफे के बाद मैक्रों के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, "उलटी गिनती शुरू हो गई है। मैक्रों को जाना होगा।"

सितंबर की शुरुआत में, मैक्रों ने गहराते राजनीतिक संकट को कम करने के लिए 39 वर्षीय लेकोर्नू को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल का सातवां प्रधानमंत्री नियुक्त किया। फ्रांसीसी राजनीति तब से उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।

फ्रांसीसी दैनिक 'ली मोन्डे' के अनुसार, लेकोर्नू के दो पूर्ववर्ती, बायरू और मिशेल बार्नियर बजट को लेकर कई सवालों में घिरे रहे हैं।

पिछले एक महीने में, लेकोर्नू ने मध्यमार्गी सहयोगियों और विपक्षी नेताओं, वामपंथी और दक्षिणपंथी, दोनों के साथ संवाद किया। किसी भी पार्टी के पास अपने दम पर शासन करने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। अधिकांश वामपंथी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की घोषणा की है, और मरीन ले पेन की दक्षिणपंथी पार्टी ने भी समर्थन देने की धमकी दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम देख सकते हैं कि फ्रांस की राजनीति में अस्थिरता ने एक गंभीर मोड़ लिया है। प्रधानमंत्री का इस्तीफा यह संकेत करता है कि राजनीतिक गठबंधन में गहरी समस्याएं हैं। यह स्थिति केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संकट की ओर इशारा कर रही है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबेस्टियन लेकोर्नू का इस्तीफा क्यों हुआ?
सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सरकार गठन के कुछ घंटों बाद ही इस्तीफा दिया, क्योंकि उनके मंत्रिमंडल में बदलाव की कमी पर मतभेद उभर आए थे।
मैक्रों ने लेकोर्नू को क्यों नियुक्त किया?
मैक्रों ने लेकोर्नू को राजनीतिक संकट को कम करने के लिए नियुक्त किया था।
फ्रांस में राजनीतिक स्थिति क्या है?
फ्रांस की राजनीति इस समय उथल-पुथल में है, जिसमें चुनावों की मांग तेज हो गई है।
क्या जल्दी चुनाव होंगे?
दक्षिणपंथी पार्टी ने जल्दी चुनावों की मांग की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लेकोर्नू के इस्तीफे का क्या प्रभाव होगा?
लेकोर्नू के इस्तीफे से राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी और नए नेतृत्व की आवश्यकता होगी।
राष्ट्र प्रेस
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