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जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी-जेलेंस्की मुलाकात, युद्ध-पूर्व स्तर पर व्यापार बहाली और शांति पर बनी सहमति

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जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी-जेलेंस्की मुलाकात, युद्ध-पूर्व स्तर पर व्यापार बहाली और शांति पर बनी सहमति

सारांश

फ्रांस के एवियन में जी-7 मंच पर मोदी और जेलेंस्की की मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं थी — यह युद्ध-पूर्व व्यापार बहाली और नई औद्योगिक साझेदारी का खाका था। भारत ने एक बार फिर शांति-दूत की भूमिका दोहराई, जबकि दोनों देशों की टीमें ठोस परियोजनाओं पर काम शुरू करेंगी।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 17 जून को फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन व्यापार संबंधों को युद्ध-पूर्व स्तर पर बहाल करने पर सहमति जताई।
मोदी ने दोहराया कि भारत शांति के पक्ष में है और इंसानियत के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
जेलेंस्की ने कहा कि दोनों देश कई संयुक्त औद्योगिक परियोजनाओं पर पहले से काम कर रहे हैं और इन्हें और मजबूत किया जाएगा।
दोनों देशों की टीमें आगे की विस्तृत योजनाएं और कार्ययोजना तैयार करेंगी।
जी-7 में यूक्रेन को रूस पर दबाव बढ़ाने और रक्षा मजबूती के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला।

फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन व्यापार संबंधों को युद्ध-पूर्व स्तर पर बहाल करने, नई संयुक्त परियोजनाओं और शांति प्रयासों पर सहमति जताई।

मोदी का संदेश: शांति और इंसानियत सर्वोपरि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'एवियन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात हुई। हाल के समय में भारत और यूक्रेन के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम दोनों इस बात से सहमत हैं कि व्यापारिक संबंधों को फिर से उस स्तर पर लाना चाहिए, जैसे वे युद्ध से पहले थे।' मोदी ने यह भी दोहराया कि 'भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा और हर चीज से ऊपर इंसानियत के मूल्यों को महत्व देगा।'

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया: साझेदारी की असीम संभावनाएं

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी एक्स पर पोस्ट कर बताया, 'मैंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं और हम पहले से ही कई संयुक्त परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।' जेलेंस्की ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन के साथ आपसी फायदे वाले संबंधों को आगे बढ़ाने में गहरी रुचि रखते हैं और मानते हैं कि यह साझेदारी दोनों देशों के लोगों को मजबूत बना सकती है।

औद्योगिक सहयोग और आगे की राह

जेलेंस्की ने यह भी बताया कि दोनों देश मिलकर कई औद्योगिक और अन्य परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं। यह तय किया गया है कि दोनों देशों की टीमें इन सभी मुद्दों पर विस्तृत योजनाएं तैयार करेंगी। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय गिरावट आई थी, और यह बैठक उसे पुनर्जीवित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

जी-7 में यूक्रेन को व्यापक समर्थन

जेलेंस्की ने बताया कि जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का महत्वपूर्ण समर्थन मिला। रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन की रक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदमों पर सहमति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की माँग तेज हो रही है।

भारत की भूमिका: तटस्थ मध्यस्थ से सक्रिय साझेदार की ओर

भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान एक स्वतंत्र और संतुलित रुख बनाए रखा है। प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकात संकेत देती है कि भारत कूटनीतिक सक्रियता बढ़ाते हुए यूक्रेन के साथ आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। आगामी महीनों में दोनों देशों की टीमों के बीच ठोस कार्ययोजना तैयार होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब तक संघर्ष जारी है और आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हैं। असली कसौटी यह है कि क्या दोनों देशों की टीमें इन घोषणाओं को ठोस समझौतों में बदल पाती हैं। भारत की 'शांति के पक्ष में' वाली स्थिति नैतिक रूप से सुरक्षित है, पर आलोचकों का कहना है कि बिना स्पष्ट मध्यस्थता प्रस्ताव के यह स्थिति वास्तविक कूटनीतिक प्रभाव से कम पड़ती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी और जेलेंस्की की मुलाकात कहाँ और कब हुई?
यह मुलाकात 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय वार्ता में भारत-यूक्रेन संबंधों, व्यापार और शांति पर चर्चा की।
मोदी और जेलेंस्की की बैठक में क्या सहमति बनी?
दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन व्यापार को युद्ध-पूर्व स्तर पर बहाल करने और नई संयुक्त औद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों की टीमें इन मुद्दों पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन-रूस युद्ध पर क्या कहा?
मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा और इंसानियत के मूल्यों को सर्वोपरि मानेगा। उन्होंने यह बात एवियन में जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान कही।
जेलेंस्की ने भारत-यूक्रेन साझेदारी के बारे में क्या कहा?
जेलेंस्की ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं और वे पहले से ही कई संयुक्त परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन के साथ आपसी फायदे वाले संबंधों को आगे बढ़ाने में गहरी रुचि रखते हैं।
जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को क्या समर्थन मिला?
जेलेंस्की के अनुसार, जी-7 सम्मेलन में यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का महत्वपूर्ण समर्थन मिला। रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदमों पर सहमति बनी।
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