6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग से दिया इस्तीफा, बोलीं- चुनाव से पहले ही ले लिया था फैसला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग से दिया इस्तीफा, बोलीं- चुनाव से पहले ही ले लिया था फैसला

सारांश

भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग का नेतृत्व छोड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला मध्यावधि चुनाव से तीन हफ्ते पहले ही ले लिया गया था। उनके जाने पर प्रशासन ने तारीफ की, जबकि डेमोक्रेट्स और पूर्व DOJ कर्मियों ने उनके कार्यकाल की कड़ी आलोचना की।

मुख्य बातें

हरमीत ढिल्लों ने 5 नवंबर 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग में नागरिक अधिकार प्रमुख पद से औपचारिक इस्तीफा सौंपा।
ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने मध्यावधि चुनाव से तीन हफ्ते पहले ही यह निर्णय लिया था और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के अनुरोध पर घोषणा टाली।
अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को इस्तीफा स्वीकार कर उनके कार्यकाल की सराहना की।
DNC अध्यक्ष केन मार्टिन और जस्टिस कनेक्शन की प्रमुख स्टेसी यंग ने उन पर प्रभाग के पारंपरिक मिशन से भटकने का आरोप लगाया।
चंडीगढ़ में जन्मी ढिल्लों को दिसंबर 2024 में ट्रंप ने नामित किया था; 3 अप्रैल 2025 को सीनेट ने पुष्टि की थी।
ढिल्लों ने कहा वह निजी कानूनी प्रैक्टिस में लौटना चाहती हैं।

भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) में नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय 5 नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनाव से कई हफ्ते पूर्व ही ले लिया गया था और व्हाइट हाउस के अनुरोध पर उन्होंने अपनी विदाई की औपचारिक घोषणा को टाल दिया था। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार करने की पुष्टि की।

इस्तीफे का घटनाक्रम

ढिल्लों ने फॉक्स न्यूज डिजिटल को बताया कि उन्हें पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था, बल्कि उन्होंने स्वयं यह फैसला किया। उन्होंने कहा, 'मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया। मैंने तीन हफ्ते पहले इस्तीफा दे दिया था, और सूसी ने मुझसे कहा कि कृपया मध्यावधि चुनाव तक इंतजार करें।' यहाँ 'सूसी' से उनका आशय व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स से था। रिपोर्टों के अनुसार, ढिल्लों ने 5 नवंबर को औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपा।

ढिल्लों का बयान और विदाई की सराहना

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में ढिल्लों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया और नागरिक अधिकार प्रभाग की देखरेख के अपने कार्यकाल का बचाव किया। उन्होंने लिखा, 'नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के रूप में अपने देश की सेवा करना जीवन भर का सम्मान रहा। हमने अवैध डीईआई के पतन की शुरुआत की, हमने महिलाओं और लड़कियों के खेलों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, और भी बहुत कुछ किया।' उल्लेखनीय है कि डीईआई का तात्पर्य विविधता, समानता और समावेशन (Diversity, Equity and Inclusion) से है।

अटॉर्नी जनरल ब्लैंच ने भी एक अलग पोस्ट में ढिल्लों के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 'हर अमेरिकी की नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा की और बिना किसी डर या पक्षपात के कानून को लागू किया।' उन्होंने ढिल्लों के भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं।

आलोचकों की प्रतिक्रिया

वहीं, डेमोक्रेटिक खेमे से तीखी प्रतिक्रिया आई। डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (DNC) के अध्यक्ष केन मार्टिन ने ढिल्लों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिकियों की रक्षा के बजाय राष्ट्रपति ट्रंप के व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों को बढ़ावा देने के लिए अपने पद का उपयोग किया। उनके बयान में इस विदाई को रिपब्लिकन चुनावी हार के राजनीतिक नतीजे के रूप में प्रस्तुत किया गया।

न्याय विभाग के पूर्व कर्मचारियों के समूह जस्टिस कनेक्शन की प्रमुख स्टेसी यंग ने भी ढिल्लों पर प्रभाग के पारंपरिक मिशन को छोड़ने का आरोप लगाया। यंग ने पुलिस सुधार जाँच और समझौतों को समाप्त करने तथा विश्वविद्यालयों और चुनाव अधिकारियों के प्रति प्रभाग के रवैये की आलोचना की। ढिल्लों और ब्लैंच ने इस काम को कानूनी सुरक्षा लागू करने की दिशा में उठाए गए कदम बताया, जबकि आलोचकों का कहना है कि प्रभाग कमजोर समुदायों की रक्षा के अपने मूल दायित्व से दूर हो गया।

हरमीत ढिल्लों: पृष्ठभूमि

चंडीगढ़ में जन्मी ढिल्लों का परिवार पहले लंदन और बाद में न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में बसा, तथा बाद में उत्तरी कैरोलिना में स्थायी हो गया। उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज और वर्जीनिया विश्वविद्यालय के लॉ स्कूल से उपाधि प्राप्त की। बाद में उन्होंने ढिल्लों लॉ ग्रुप और सेंटर फॉर अमेरिकन लिबर्टी की स्थापना की। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें दिसंबर 2024 में नामित किया था और सीनेट ने 3 अप्रैल 2025 को उनकी पुष्टि की, जिसके चार दिन बाद उन्होंने शपथ ली थी।

आगे की राह

ढिल्लों ने बताया कि वह निजी कानूनी प्रैक्टिस में वापस लौटना चाहती हैं और उनका मानना है कि उन्होंने वह काम पूरा कर लिया है जिसके लिए वे वाशिंगटन गई थीं। नागरिक अधिकार प्रभाग के नेतृत्व में बदलाव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद राजनीतिक संतुलन को लेकर तीव्र बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ट्रंप प्रशासन के उस व्यापक प्रयोग का परिणाम है जिसमें न्याय विभाग जैसे संस्थागत ढाँचों को वैचारिक प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई। डीईआई विरोध और पुलिस सुधार समझौतों को समाप्त करने के उनके फैसले कानूनी दृष्टि से विवादास्पद रहे और पूर्व DOJ कर्मियों की तीखी आलोचना के शिकार हुए। यह विदाई मध्यावधि चुनाव परिणामों के ठीक बाद आई — चाहे ढिल्लों इसे महज संयोग बताएँ — और यह संकेत देती है कि ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में नीतिगत परिवर्तन की गति आने वाले महीनों में और तेज हो सकती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि नागरिक अधिकार प्रभाग का यह रूपांतरण अमेरिका की उन संस्थाओं पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है जो ऐतिहासिक रूप से हाशिये के समुदायों की रक्षा का आधार रही हैं।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग से इस्तीफा क्यों दिया?
हरमीत ढिल्लों ने बताया कि उन्होंने मध्यावधि चुनाव से तीन हफ्ते पहले ही इस्तीफे का फैसला कर लिया था और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के अनुरोध पर औपचारिक घोषणा टाल दी। उन्होंने यह भी कहा कि वह निजी कानूनी प्रैक्टिस में लौटना चाहती हैं।
हरमीत ढिल्लों कौन हैं और DOJ में उनकी भूमिका क्या थी?
हरमीत ढिल्लों चंडीगढ़ में जन्मी भारतीय-अमेरिकी वकील हैं, जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप ने दिसंबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख (सहायक अटॉर्नी जनरल) के रूप में नामित किया था। सीनेट ने 3 अप्रैल 2025 को उनकी पुष्टि की और चार दिन बाद उन्होंने शपथ ली थी।
ढिल्लों के इस्तीफे पर आलोचकों ने क्या कहा?
DNC अध्यक्ष केन मार्टिन ने आरोप लगाया कि ढिल्लों ने अमेरिकियों की रक्षा के बजाय ट्रंप के राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाया। जस्टिस कनेक्शन की प्रमुख स्टेसी यंग ने पुलिस सुधार जाँच समाप्त करने और विश्वविद्यालयों के प्रति प्रभाग के रवैये की आलोचना की।
DOJ में ढिल्लों की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या रहीं?
ढिल्लों के अनुसार, उनके कार्यकाल में अवैध डीईआई (विविधता, समानता, समावेशन) नीतियों के खिलाफ कदम उठाए गए और महिलाओं व लड़कियों के खेलों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी गई। अटॉर्नी जनरल ब्लैंच ने भी उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना डर या पक्षपात के कानून लागू किया।
अब नागरिक अधिकार प्रभाग का नेतृत्व कौन करेगा?
फिलहाल नए नेतृत्व की घोषणा नहीं की गई है। ढिल्लों के इस्तीफे के बाद अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने पद स्वीकार कर लिया है, लेकिन उत्तराधिकारी के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले