8 अगस्त 2026
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ट्रंप का अपीलीय अदालत के फैसले पर विरोध, व्हाइट हाउस सुरक्षा परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

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ट्रंप का अपीलीय अदालत के फैसले पर विरोध, व्हाइट हाउस सुरक्षा परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

सारांश

अपीलीय अदालत ने व्हाइट हाउस में सैन्य-सुरक्षा परिसर के निर्माण पर रोक लगाई, तो ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला करार दिया और तत्काल सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की। जज नेओमी राव की असहमति को ट्रंप ने अपने तर्क की बुनियाद बनाया।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अगस्त 2026 को अपीलीय अदालत के फैसले पर कड़ा विरोध जताया, जिसने व्हाइट हाउस सैन्य-सुरक्षा परिसर के निर्माण पर रोक लगाई।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि सरकार तत्काल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी।
जज नेओमी राव ने असहमति जताते हुए कहा कि जिला अदालत के पास इस मामले में अधिकार क्षेत्र ही नहीं था।
परिसर में बम शेल्टर , मिलिट्री इंस्टॉलेशन , मिसाइल-रेसिस्टेंट स्टील और ड्रोन-प्रूफ छतें शामिल हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि परिसर तय समय से पहले और बजट के भीतर बन रहा है और इससे करदाताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अगस्त 2026 को एक अपीलीय अदालत के उस फैसले पर कड़ा विरोध जताया, जिसमें व्हाइट हाउस परिसर में सैन्य और सुरक्षा कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य को जारी रखने से रोका गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस फैसले के विरुद्ध तत्काल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी। उन्होंने इस निर्णय को राजनीतिक रूप से प्रेरित और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक बताया।

मुख्य घटनाक्रम

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, 'फैसले पर रोक लगा दी गई है और यह कुछ समय तक लागू नहीं होगा। हम तुरंत अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।' उन्होंने बताया कि दो अपीलीय जजों ने उस सैन्य केंद्र के विरुद्ध मतदान किया, जिसे वे वाशिंगटन और पूरे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य मानते हैं।

जज राव की असहमति और कानूनी तर्क

ट्रंप ने जज नेओमी राव के असहमति वाले मत का विशेष रूप से हवाला दिया। राव ने तर्क दिया कि निचली अदालत के पास इस मामले में अधिकार क्षेत्र ही नहीं था, क्योंकि वादी के पास निर्माण कार्य रोकने का कानूनी अधिकार नहीं था। ट्रंप द्वारा साझा किए गए अंशों के अनुसार राव ने कहा, 'यह अपनी समझ का खुला गलत इस्तेमाल था। शुरुआत में, जिला कोर्ट का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं था क्योंकि ट्रस्ट के पास व्हाइट हाउस में निर्माण रोकने का कोई अधिकार नहीं है।'

राव ने यह भी कहा कि जिला अदालत ने राष्ट्रपति के आवास और कार्यालय में खुले निर्माण स्थल से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को नजरअंदाज कर 'एक राहगीर की सौंदर्य संबंधी नाराजगी' को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, 'जिला अदालत ने व्हाइट हाउस में निर्माण की निगरानी अपने हाथ में ले ली है और यह निषेधाज्ञा संघीय अदालतों के उचित अधिकार क्षेत्र से बाहर है।' गौरतलब है कि जज राव को ट्रंप के पहले कार्यकाल में डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट के लिए अमेरिकी कोर्ट ऑफ अपील्स में नियुक्त किया गया था और 2019 में सीनेट ने उन्हें पुष्टि दी थी।

परिसर में क्या बनाया जा रहा है

ट्रंप के अनुसार इस इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट में बम शेल्टर, अस्पताल और चिकित्सा सुविधा, टॉप-सीक्रेट मिलिट्री इंस्टॉलेशन, प्रोटेक्टिव पार्टीशन और मिसाइल-रेसिस्टेंट स्टील शामिल हैं। इसके अलावा ड्रोन-प्रूफ छतें, मिलिट्री-ग्रेड वेंटिलेशन और बैलिस्टिक व ब्लास्ट-रेसिस्टेंट ग्लास भी इस परिसर का हिस्सा होंगे। ट्रंप ने कहा, 'यह सब एक बड़ी, महंगी और बहुत कॉम्प्लेक्स यूनिट के तौर पर एक साथ जुड़ा हुआ है, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य ऑपरेशन्स के लिए बहुत जरूरी है!'

वित्तीय पहलू और सुरक्षा चिंताएँ

ट्रंप ने दावा किया कि यह सुरक्षित बॉलरूम कॉम्प्लेक्स तय समय से पहले और बजट के भीतर निर्मित हो रहा है। उन्होंने इसे अपनी और अन्य निजी समर्थकों की ओर से एक उपहार बताया और स्पष्ट किया कि इससे करदाताओं पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि पूरा कॉम्प्लेक्स 'ज्यादातर बन चुका है, फैब्रिकेट हो चुका है और उसके लिए पेमेंट भी हो चुका है।' उनके अनुसार इस फैसले से व्हाइट हाउस के कर्मचारियों, भावी राष्ट्रपतियों और उनके परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

आगे क्या होगा

ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वह अपीलीय अदालत के इस फैसले को पलटवाने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में तत्काल याचिका दायर करेगा। यह मामला न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच अधिकार क्षेत्र की सीमाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संवैधानिक विवाद का रूप ले सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी न्यायपालिका के बीच कई मुद्दों पर तनाव पहले से चल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या न्यायिक स्वतंत्रता की मिसाल कायम रखेगा — और यह फैसला आने वाले कई विवादों की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्हाइट हाउस सुरक्षा परिसर विवाद क्या है?
अपीलीय अदालत ने व्हाइट हाउस में एक सैन्य और सुरक्षा कॉम्प्लेक्स के निर्माण को जारी रखने के विरुद्ध फैसला सुनाया है। इस परिसर में बम शेल्टर, मिलिट्री इंस्टॉलेशन और मिसाइल-रेसिस्टेंट संरचनाएँ शामिल हैं, जिन्हें ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताते हैं।
ट्रंप सुप्रीम कोर्ट क्यों जाना चाहते हैं?
ट्रंप ने अपीलीय अदालत के फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित और गैरकानूनी बताया है। उनका कहना है कि सेना और सीक्रेट सर्विस इस परिसर को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी मानती हैं, इसलिए सरकार इस फैसले को पलटवाने के लिए तत्काल सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी।
जज नेओमी राव की असहमति क्या थी?
जज नेओमी राव ने तर्क दिया कि जिला अदालत के पास इस मामले में अधिकार क्षेत्र नहीं था क्योंकि वादी के पास व्हाइट हाउस में निर्माण रोकने का कानूनी अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि अदालत ने सुरक्षा जोखिमों को नजरअंदाज कर 'एक राहगीर की सौंदर्य संबंधी नाराजगी' को प्राथमिकता दी।
व्हाइट हाउस परिसर के निर्माण का खर्च कौन उठाएगा?
ट्रंप के अनुसार यह परिसर उनकी और अन्य निजी समर्थकों की ओर से एक उपहार है और इससे करदाताओं पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि परिसर तय समय से पहले और बजट के भीतर निर्मित हो रहा है।
इस परिसर में कौन-कौन सी सुविधाएँ शामिल हैं?
ट्रंप के अनुसार इस इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट में बम शेल्टर, अस्पताल और चिकित्सा सुविधा, टॉप-सीक्रेट मिलिट्री इंस्टॉलेशन, मिसाइल-रेसिस्टेंट स्टील, ड्रोन-प्रूफ छतें, मिलिट्री-ग्रेड वेंटिलेशन और बैलिस्टिक व ब्लास्ट-रेसिस्टेंट ग्लास शामिल हैं।
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