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व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, ट्रंप को 5-4 से मिली बड़ी जीत

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व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, ट्रंप को 5-4 से मिली बड़ी जीत

सारांश

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 5-4 से ट्रंप को व्हाइट हाउस में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम का निर्माण जारी रखने की अनुमति दी — लेकिन यह अंतिम फैसला नहीं है। मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स की असहमति और सीक्रेट सर्विस फंड के उपयोग के सवाल इस विवाद को जिंदा रखते हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 5-4 के बहुमत से व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण जारी रखने की अनुमति दी।
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ डॉलर ; 90,000 वर्ग फुट में 1,000 मेहमानों की क्षमता।
निर्माण कार्य 65 प्रतिशत पूरा; 250 कर्मचारी सप्ताह के सातों दिन 20 घंटे काम कर रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने तीन उदारवादी न्यायाधीशों के साथ असहमति जताई।
नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना निर्माण को चुनौती दी थी।
सर्वोच्च न्यायालय का यह आदेश परियोजना की अंतिम कानूनी वैधता पर अंतिम फैसला नहीं है।

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में करीब 40 करोड़ डॉलर की लागत से बन रहे नए बॉलरूम का निर्माण जारी रखने की अनुमति दे दी। 5-4 के बहुमत से दिए गए इस आदेश ने उन निचली अदालतों के फैसलों पर रोक लगा दी, जो इस परियोजना के जमीन के ऊपर बनने वाले हिस्से के निर्माण को रोक सकती थीं।

मुख्य घटनाक्रम

व्हाइट हाउस ने इस बॉलरूम परियोजना की घोषणा जुलाई 2025 के अंत में की थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 में ईस्ट विंग के एक हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया ताकि नई इमारत के लिए जगह बन सके। करीब 90,000 वर्ग फुट में फैला यह बॉलरूम एक साथ लगभग 1,000 मेहमानों को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ट्रंप प्रशासन ने अदालत में दाखिल दस्तावेजों में बताया कि निर्माण कार्य अब तक लगभग 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना पर करीब 250 कर्मचारियों की टीम सप्ताह के सातों दिन लगभग 20 घंटे काम कर रही है।

अदालती विवाद की पृष्ठभूमि

7 अगस्त को वॉशिंगटन की एक संघीय अपील अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप यह निर्माण कार्य बिना कानूनी अधिकार के करवा रहे हैं। इस मामले में नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन नामक संस्था ने मुकदमा दायर किया था। संस्था का तर्क था कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की मंजूरी के बिना राष्ट्रपति को इस निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का अधिकार नहीं है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश में परियोजना की अंतिम कानूनी वैधता पर कोई निर्णय नहीं दिया गया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार यह साबित कर सकती है कि इस संस्था के पास संघीय अदालत में मुकदमा दायर करने का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं है — क्योंकि किसी भी पक्ष को अदालत में जाने के लिए यह दिखाना होता है कि उसे वास्तविक कानूनी नुकसान हुआ है।

असहमति का स्वर

इस फैसले में एक उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अदालत के तीन उदारवादी न्यायाधीशों के साथ असहमति जताई। यह विभाजन इस बात का संकेत है कि परियोजना की कानूनी लड़ाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

वित्त पोषण पर सवाल

रिपोर्टों के अनुसार, परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीक्रेट सर्विस का सरकारी फंड पहले ही आवंटित किया जा चुका है। इससे व्हाइट हाउस के उस दावे पर सवाल उठते हैं जिसमें कहा गया था कि परियोजना का पूरा खर्च निजी चंदे से उठाया जाएगा। आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद निर्माण कार्य फिलहाल जारी रह सकता है, लेकिन परियोजना की अंतिम कानूनी स्थिति निचली अदालतों में आगे की सुनवाई पर निर्भर करेगी। नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन के अगले कदम और कांग्रेस की संभावित प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह जीत अधूरी है — अदालत ने परियोजना को वैध नहीं ठहराया, बल्कि केवल मुकदमेबाज संस्था की 'स्टैंडिंग' पर सवाल उठाया है। असली मुद्दा यह है कि क्या राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना सार्वजनिक संपत्ति में इतने बड़े पैमाने पर बदलाव कर सकते हैं — और सीक्रेट सर्विस के फंड के उपयोग की खबर 'निजी चंदे' के दावे को कमज़ोर करती है। मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स का उदारवादी न्यायाधीशों के साथ खड़ा होना संकेत देता है कि यह मामला कानूनी रूप से उतना सरल नहीं जितना प्रशासन दर्शाना चाहता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने व्हाइट हाउस बॉलरूम पर क्या फैसला दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने 5-4 के बहुमत से निचली अदालतों के उन आदेशों पर रोक लगा दी जो बॉलरूम के जमीन के ऊपर बनने वाले हिस्से का निर्माण रोक सकते थे। यह परियोजना की अंतिम कानूनी वैधता पर फैसला नहीं है, बल्कि फिलहाल निर्माण जारी रखने की अनुमति मात्र है।
व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
यह करीब 40 करोड़ डॉलर की लागत से बन रहा लगभग 90,000 वर्ग फुट का बॉलरूम है, जिसे एक साथ 1,000 मेहमानों को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी घोषणा जुलाई 2025 में हुई थी और अक्टूबर 2025 में ईस्ट विंग के एक हिस्से को हटाकर निर्माण शुरू किया गया था।
नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन ने मुकदमा क्यों दायर किया?
संस्था का तर्क था कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के बिना यह निर्माण कार्य करवा रहे हैं, जो कानूनी अधिकार के बिना है। 7 अगस्त को एक संघीय अपील अदालत ने भी इस तर्क को सही माना था।
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने असहमति क्यों जताई?
मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स ने अदालत के तीन उदारवादी न्यायाधीशों के साथ बहुमत के फैसले से असहमति जताई। उनकी असहमति के विस्तृत कारण स्रोत में स्पष्ट नहीं किए गए हैं, लेकिन यह विभाजन दर्शाता है कि परियोजना की कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
क्या व्हाइट हाउस बॉलरूम का खर्च सरकारी पैसे से हो रहा है?
व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि परियोजना का खर्च पूरी तरह निजी चंदे से उठाया जाएगा। हालांकि रिपोर्टों के अनुसार परियोजना की सुरक्षा के लिए सीक्रेट सर्विस का सरकारी फंड पहले ही आवंटित किया जा चुका है, जिससे इस दावे पर सवाल उठते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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