ट्रंप का दावा: टैरिफ नीति से अमेरिका में आया $19.2 ट्रिलियन निवेश, सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद बदली कानूनी रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 जुलाई को व्हाइट हाउस में एक प्रेस सत्र के दौरान अपनी टैरिफ नीति का जोरदार बचाव किया और दावा किया कि इस नीति के चलते अमेरिका में $19.2 ट्रिलियन का निवेश आया है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सर्वोच्च न्यायालय के एक हालिया फैसले के बाद उनके प्रशासन ने टैरिफ लागू करने की कानूनी रणनीति में बदलाव किया है।
व्हाइट हाउस में क्या बोले ट्रंप
नागरिक परमाणु ऊर्जा से संबंधित एक कार्यक्रम के बाद हुए सवाल-जवाब सत्र में ट्रंप ने टैरिफ की कानूनी वैधता पर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "ये टैरिफ लंबे समय से लगे हुए हैं। इन्हें सालों से मंजूरी मिली हुई है, हजारों मामलों में इन्हें मंजूरी मिली है।" ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके व्यापार एजेंडे से देश को भारी आर्थिक लाभ हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद बदली रणनीति
जब ट्रंप से पूछा गया कि नए घोषित टैरिफ और यूरोपीय संघ से जुड़ी नई व्यापार जाँच न्यायिक परीक्षण में टिक पाएगी या नहीं, तो उन्होंने माना कि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद प्रशासन ने अपना कानूनी दृष्टिकोण बदला है। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अच्छा नहीं था, लेकिन हमारे पास कई तरह के टैरिफ हैं और हमने बस उसी लाइन को फॉलो किया है।" ट्रंप ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने उन्हीं कानूनी अधिकारों का सहारा लिया जो पिछली सरकारों ने भी इस्तेमाल किए थे। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इसे अलग तरीके से करें। आपके पास इसे करने के दूसरे तरीके हैं और हमने पिछले महीने वही किया।"
$19.2 ट्रिलियन निवेश का दावा
ट्रंप ने टैरिफ को विदेशी और घरेलू निवेश में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया। उनके अनुसार, "टैरिफ की वजह से हमारे देश में $19.2 ट्रिलियन का निवेश हो रहा है।" उन्होंने इस आँकड़े की तुलना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल से की और दावा किया कि बाइडेन के चार वर्षों में एक ट्रिलियन डॉलर से भी कम निवेश हुआ था। ट्रंप ने कहा, "इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।" हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बाल मजदूरी और व्यापार कार्रवाई
इसी प्रेस सत्र में एक संवाददाता ने हालिया व्यापारिक कार्रवाई के संदर्भ में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा बाल मजदूरी का उल्लेख किए जाने पर सवाल उठाया। ट्रंप ने जवाब दिया, "ऐसा लगता है कि यह उन वजहों में से एक थी जिन पर विचार किया गया था। वे पूरी दुनिया में जाते हैं, देखते हैं, जाँच करते हैं — और बाल मजदूरी इसका एक कारण था।"
वैश्विक प्रतिक्रिया और आगे की राह
यूरोपीय संघ, चीन और कई एशियाई व्यापारिक साझेदार अमेरिका के टैरिफ कदमों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। टैरिफ प्राधिकरणों को लेकर बातचीत और कानूनी विवाद बढ़ने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन, महंगाई और व्यापार संतुलन पर इनके असर को लेकर चिंताएँ गहरी होती जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी व्यापार नीति की दिशा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है। आने वाले हफ्तों में न्यायिक चुनौतियों और व्यापार वार्ताओं का परिणाम ट्रंप प्रशासन की टैरिफ रणनीति की असली परीक्षा होगा।