अफगानिस्तान के बदख्शां में फूलदान बम विस्फोट, दो नागरिक घायल; चार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को एक विस्फोट में दो नागरिक घायल हो गए। प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता एहसानुल्लाह कामगार के अनुसार, फैजाबाद शहर के हैंगर इलाके में एक फूलदान के भीतर छुपाए गए विस्फोटक के फटने से कार में सवार दोनों नागरिक मामूली रूप से घायल हुए। घटना के सिलसिले में पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है और जाँच जारी है।
घटनाक्रम का विवरण
पुलिस प्रवक्ता कामगार ने बताया कि सुबह के वक्त फैजाबाद के हैंगर इलाके में एक वाहन के पास रखे फूलदान में विस्फोटक छुपाया गया था। विस्फोट होने पर गाड़ी में सवार दोनों नागरिक घायल हो गए, हालाँकि उनकी चोटें मामूली बताई गई हैं। प्रवक्ता ने आगे कोई अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किया।
पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह मामला अभी जाँच के दायरे में है और आगे के तथ्य सामने आने की संभावना है।
काबुल में अगस्त विस्फोट की पृष्ठभूमि
बदख्शां की इस घटना से पहले, अगस्त 2026 में पश्चिमी काबुल के दश्त-ए बरची इलाके में शाम-ए-हिदायत निजी स्कूल के पास एक ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। स्थानीय मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि उस विस्फोट में बच्चों सहित 52 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
तालिबान पुलिस प्रवक्ता खालिद जादरान ने उस घटना के बारे में केवल इतना कहा था कि विस्फोट एक हथगोले के कारण हुआ, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ग्रेनेड कौन ले जा रहा था या वह कैसे फटा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रेनेड एक स्कूली छात्र के पास था। खामा प्रेस के मुताबिक, छात्र को ग्रेनेड कैसे मिला, यह अभी तक अज्ञात है।
दश्त-ए बरची: बार-बार निशाना बनता इलाका
पश्चिमी काबुल का दश्त-ए बरची इलाका घनी आबादी वाला है और बड़ी संख्या में हजारा तथा शिया समुदाय के लोग यहाँ निवास करते हैं। यह इलाका वर्षों से सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है — अतीत में यहाँ कई घातक हमले हो चुके हैं, जिनमें स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाकर की गई हिंसा भी शामिल है।
दशकों के संघर्ष के बावजूद अफगानिस्तान में विस्फोटक सामग्री और हथियारों की व्यापक उपस्थिति बनी हुई है, जो नागरिकों — खासकर छात्रों — की सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बनी रहती है।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टियर रिचर्ड बेनेट ने काबुल के दश्त-ए बरची विस्फोट की कड़ी निंदा की। बेनेट ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा: 'कल दश्त-ए बरची में एक स्कूल के पास हुए इस जघन्य हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूँ, जिसमें कई बच्चे घायल हो गए। एक बार फिर, काबुल के इस मुख्य रूप से हजारा बहुल इलाके को निशाना बनाया गया है। यह बेहद निंदनीय है! दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक पूर्ण और स्वतंत्र जाँच आवश्यक है।'
आगे की स्थिति
बदख्शां विस्फोट की जाँच जारी है और प्रशासन ने पकड़े गए चार संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। अफगानिस्तान में इस तरह की घटनाएँ इस बात की याद दिलाती हैं कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी देश में सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और नागरिक आबादी — विशेषकर बच्चे — सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।