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अफगानिस्तान: गजनी में पुराने युद्ध का बिना फटा बम फटा, किशोर गंभीर रूप से घायल

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अफगानिस्तान: गजनी में पुराने युद्ध का बिना फटा बम फटा, किशोर गंभीर रूप से घायल

सारांश

अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में एक किशोर खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु से खेलते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया — वह वस्तु पुराने युद्ध का बिना फटा बम निकली। आँकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष ऐसे हादसों में 96 लोगों की मौत और 328 घायल हुए, जिनमें ज़्यादातर बच्चे हैं। यह संकट दशकों पुराने युद्धों की मौजूदा मानवीय कीमत है।

मुख्य बातें

गजनी प्रांत के गिलान जिले में मंगलवार को बिना फटा बम फटने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हुआ।
रिपोर्टों के अनुसार, बम पुराने युद्धों का अवशेष था जो खिलौने जैसा दिखता था।
पिछले एक साल में अफगानिस्तान में UXO हादसों में 96 मौतें और 328 घायल दर्ज हुए।
अप्रैल 2025–मार्च 2026 के बीच 225 हादसों में 321 बच्चे और 153 वयस्क प्रभावित।
सर्वाधिक प्रभावित प्रांत: हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार ।
5 मई को परवान और फरवरी में फराह में भी ऐसे हादसों में जानें गई थीं।

अफगानिस्तान के पूर्वी गजनी प्रांत के गिलान जिले में मंगलवार को पुराने युद्धों का एक बिना फटा बम अचानक फट जाने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने बुधवार को बताया कि लड़के को एक खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु मिली थी और वह उससे खेलने लगा, तभी वह वस्तु फट गई।

रिपोर्टों के अनुसार, यह वस्तु पिछले युद्धों के दौरान बची हुई बिना फटी बारूदी सामग्री थी, जो किसी कारणवश सक्रिय हो गई। घायल किशोर का इलाज जारी है, हालाँकि उसकी पहचान या स्थिति का विस्तृत ब्यौरा अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया है।

बारूदी सुरंगों की पुरानी छाया

अफगानिस्तान दुनिया के उन देशों में शुमार है जहाँ बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद (UXO) की समस्या सबसे विकराल है। दशकों तक चले संघर्ष का यह अवशेष आज भी ज़मीन के नीचे दबा है और बच्चों के लिए सबसे बड़े जोखिमों में से एक बना हुआ है।

हाल की घटनाएँ

इससे पहले 5 मई को परवान प्रांत के बगराम जिले में भी ऐसा ही एक हादसा हुआ था, जिसमें एक 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी और दो लड़कियाँ तथा एक लड़का घायल हुए थे। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, युवक बिना फटे गोला-बारूद के एक टुकड़े को खोलने की कोशिश कर रहा था।

वहीं फरवरी में फराह प्रांत के पुश्त-ए-कोह जिले में एक घर के अंदर रखा बिना फटा गोला-बारूद किसी चीज़ से टकराने के बाद फट गया था, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

आँकड़े क्या कहते हैं

तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों की ओर से जारी आँकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद से हुए विस्फोटों में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 लोग घायल हुए। रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए — इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल थे।

सबसे प्रभावित क्षेत्र

बिना फटा गोला-बारूद अफगानिस्तान में एक गंभीर मानवीय खतरा बना हुआ है, विशेषकर ग्रामीण इलाकों और उन क्षेत्रों में जो कभी संघर्ष का केंद्र रहे हैं। हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार जैसे प्रांतों में ऐसे हादसों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है, जहाँ युद्ध के अवशेष अब भी ज़मीन में दबे हैं या अब तक खोजे नहीं जा सके हैं।

आगे क्या

अंतरराष्ट्रीय मानवीय एजेंसियाँ लंबे समय से अफगानिस्तान में व्यापक माइन-क्लियरेंस अभियानों की वकालत करती रही हैं, परन्तु 2021 के बाद से सहायता प्रवाह में आई कटौती ने इस काम की रफ़्तार पर असर डाला है। आँकड़ों के अनुसार, पीड़‍ितों में बच्चों की बड़ी हिस्सेदारी इस संकट के लिए केंद्रित जागरूकता और मलबा-सफ़ाई कार्यक्रमों की तात्कालिकता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आँकड़े जो तस्वीर दिखाते हैं वह सिहरन पैदा करती है — एक साल में प्रभावित 474 लोगों में से दो-तिहाई से अधिक बच्चे हैं। यह केवल युद्ध का अवशेष नहीं, बल्कि एक मूक, सतत आपदा है जिसे अंतरराष्ट्रीय एजेंडे से बाहर धकेल दिया गया है। 2021 के बाद विदेशी सहायता में आई गिरावट ने माइन-क्लियरेंस कार्यक्रमों को सीमित किया है, और इसकी कीमत ग्रामीण बच्चे चुका रहे हैं। जब तक व्यवस्थित मलबा-सफ़ाई और सामुदायिक जागरूकता को प्राथमिकता नहीं मिलती, ऐसी सुर्ख़ियाँ रुटीन बनी रहेंगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजनी प्रांत में किशोर के साथ क्या हुआ?
गजनी प्रांत के गिलान जिले में एक किशोर को खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु मिली थी, जिससे खेलते समय वह अचानक फट गई। रिपोर्टों के अनुसार, यह पुराने युद्धों का बिना फटा बम था और किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया।
अफगानिस्तान में बिना फटा गोला-बारूद इतना बड़ा खतरा क्यों है?
दशकों तक चले संघर्षों के कारण अफगानिस्तान की ज़मीन में बड़ी मात्रा में बारूदी सुरंगें और बिना फटा गोला-बारूद दबा है। ग्रामीण और पूर्व संघर्ष-क्षेत्रों में यह सामग्री अब भी सक्रिय है और हादसों का बड़ा कारण बनी हुई है।
पिछले एक साल में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
तालिबान आपदा प्रबंधन अधिकारियों के आँकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में ऐसे विस्फोटों में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 घायल हुए। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 225 हादसों में कुल 474 लोग प्रभावित हुए।
सबसे ज़्यादा हादसे किन प्रांतों में हो रहे हैं?
हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार ऐसे प्रांत हैं जहाँ बिना फटे गोला-बारूद से जुड़े हादसों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है। ये क्षेत्र पहले लंबे समय तक संघर्ष का केंद्र रहे हैं।
क्या बच्चे इस संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
हाँ, आँकड़ों के अनुसार बीते वर्ष प्रभावित 474 लोगों में 321 बच्चे शामिल थे। बम अक्सर खिलौनों या साधारण वस्तुओं जैसे दिखते हैं, जिससे बच्चे इन्हें उठाकर खेलने लगते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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