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काबुल के स्कूल के बाहर ब्लास्ट, करीब 30 छात्र घायल — ज़्यादातर लड़कियाँ

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काबुल के स्कूल के बाहर ब्लास्ट, करीब 30 छात्र घायल — ज़्यादातर लड़कियाँ

सारांश

काबुल के एक निजी स्कूल के बाहर विस्फोट में करीब 30 छात्र घायल — ज़्यादातर लड़कियाँ। यह घटना तब हुई जब बच्चे छुट्टी के बाद बाहर निकल रहे थे। अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और युद्धकालीन विस्फोटकों से बच्चों पर खतरा लगातार बना हुआ है।

मुख्य बातें

काबुल के पश्चिमी इलाके में एक निजी स्कूल के बाहर 18 अगस्त को विस्फोट हुआ।
करीब 30 छात्र घायल, जिनमें ज़्यादातर लड़कियाँ शामिल हैं।
काबुल पुलिस प्रवक्ता खालिद जदरान ने घटना की पुष्टि की; जाँच जारी है।
विस्फोट उस समय हुआ जब छात्र छुट्टी के बाद स्कूल से बाहर निकल रहे थे।
अफगानिस्तान में 40 वर्षों से अधिक के संघर्ष के कारण बारूदी सुरंगें और बिना फटे विस्फोटक आम नागरिकों — खासकर बच्चों — के लिए लगातार खतरा हैं।
इससे पहले जून में हेलमंद और गजनी में भी इसी तरह की घटनाओं में एक बच्चे की मौत और कई घायल हो चुके हैं।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी इलाके में 18 अगस्त को एक निजी स्कूल के बाहर हुए विस्फोट में करीब 30 छात्र घायल हो गए, जिनमें ज़्यादातर लड़कियाँ बताई जा रही हैं। काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जदरान ने सोमवार रात इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट उस वक्त हुआ जब छात्र छुट्टी के बाद स्कूल से बाहर निकल रहे थे। एक चश्मदीद के मुताबिक, घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। खालिद जदरान ने बताया कि सूचना मिलते ही संबंधित टीमें मौके पर पहुँच गईं और जाँच शुरू कर दी गई है।

पृष्ठभूमि — अफगानिस्तान में बारूदी खतरा

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अफगानिस्तान को दुनिया के सर्वाधिक बारूदी सुरंग-प्रभावित देशों में गिना जाता है। 40 वर्षों से अधिक के युद्ध और गृह संघर्ष के कारण यहाँ बिना फटे विस्फोटक उपकरण (UXO) और बारूदी सुरंगें आम नागरिकों — विशेषकर बच्चों — के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं।

गौरतलब है कि जून में दक्षिणी प्रांत हेलमंद के संगिन जिले में युद्धकालीन विस्फोटक उपकरणों के दो अलग-अलग हादसों में एक बच्चे की मौत हो गई थी और 6 अन्य घायल हुए थे। पहली घटना में तीन मासूम बच्चे खिलौने जैसे दिखने वाले उपकरण से खेलने लगे, जो अचानक फट गया — एक बच्चे की मौके पर ही जान चली गई और दो घायल हुए। उसी दिन कुछ घंटे बाद उसी जिले में दूसरे विस्फोट में 4 और बच्चे घायल हुए। इस जानकारी की पुष्टि हेलमंद के प्रांतीय सूचना एवं संस्कृति निदेशक मुल्ला अब्दुल बारी रशीद ने की थी।

इससे पहले 2 जून को पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी प्रांत के गिलान जिले में भी युद्धकालीन बचे हुए विस्फोटक के फटने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हुआ था। प्रांतीय पुलिस कार्यालय के बयान के अनुसार, वह लड़का खिलौने जैसे दिखने वाले उपकरण से खेल रहा था।

आम जनता पर असर

इन घटनाओं से स्पष्ट है कि अफगानिस्तान में स्कूली बच्चे और आम नागरिक दशकों पुराने युद्ध की कीमत आज भी चुका रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में बारूदी सुरंगों की सफाई की गति अत्यंत धीमी है और संसाधनों की भारी कमी है।

क्या होगा आगे

काबुल पुलिस ने जाँच जारी रहने की बात कही है। विस्फोट के कारण और प्रकृति — चाहे वह बारूदी सुरंग हो, बम हो या अन्य कोई उपकरण — की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घायल छात्रों की संख्या और उनकी स्थिति पर अद्यतन जानकारी का इंतजार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

UXO निष्क्रियकरण के लिए संसाधन और ध्यान दोनों कम होते जा रहे हैं।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काबुल स्कूल के बाहर विस्फोट में कितने लोग घायल हुए?
एक चश्मदीद के अनुसार करीब 30 छात्र घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। घायलों में ज़्यादातर लड़कियाँ बताई जा रही हैं।
काबुल में यह विस्फोट कब और कहाँ हुआ?
यह विस्फोट 18 अगस्त को काबुल के पश्चिमी इलाके में एक निजी स्कूल के बाहर हुआ, उस समय जब छात्र छुट्टी के बाद बाहर निकल रहे थे।
अफगानिस्तान में बच्चों के लिए बारूदी सुरंगें इतनी बड़ी समस्या क्यों हैं?
अफगानिस्तान को दुनिया के सर्वाधिक बारूदी सुरंग-प्रभावित देशों में गिना जाता है। 40 वर्षों से अधिक के युद्ध और गृह संघर्ष के कारण यहाँ बड़ी संख्या में बिना फटे विस्फोटक उपकरण बिखरे पड़े हैं, जो अक्सर खिलौने जैसे दिखते हैं और बच्चों को आकर्षित करते हैं।
इससे पहले अफगानिस्तान में ऐसी कौन-सी घटनाएँ हुई हैं?
जून में हेलमंद प्रांत के संगिन जिले में युद्धकालीन विस्फोटकों के दो हादसों में एक बच्चे की मौत और 6 अन्य घायल हुए थे। 2 जून को गजनी प्रांत के गिलान जिले में भी एक किशोर गंभीर रूप से घायल हुआ था।
काबुल विस्फोट की जाँच में अब तक क्या पता चला है?
काबुल पुलिस प्रवक्ता खालिद जदरान ने पुष्टि की है कि जाँच टीमें मौके पर पहुँच गई हैं और जाँच जारी है। विस्फोट के कारण और प्रकृति की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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